Xi Jinping to visit Moscow: यूक्रेन युद्ध के बीच मास्को जाएंगे शी जिनपिंग, दिसंबर में पुतिन ने दिया था न्योता

बीजिंग ने यूक्रेन पर मास्को की सैनिक कार्रवाई की निंदा नहीं की है, लेकिन उसका दावा है कि रूस और यूक्रेन के बीच उसने तटस्थता बनाए रखी है। चीन पश्चिमी नेतृत्व वाले प्रतिबंधों में शामिल नहीं हुआ है।

Xi Jinping to visit Moscow

File Image: PTI

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द ही राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात कर सकते हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि शी जिनपिंग एक शिखर सम्मेलन के लिए मास्को जाने की तैयारी कर रहे हैं। चीनी नेता की मास्को यात्रा जाने की योजना से परिचित लोगों का हवाला देते हुए अखबार ने लिखा है कि पुतिन-जिनपिंग का यह शिखर सम्मेलन साल भर से चले आ रहे युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का एक हिस्सा हो सकता है।

अप्रैल-मई में हो सकती है यात्रा

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि चीन शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल इस बात को दोहराने के लिए भी करेगा कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक यात्रा की तैयारी प्रारंभिक चरण में है। इसकी टाइमिंग को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। हालांकि जर्नल के मुताबिक यह यात्रा अप्रैल के अंत या फिर मई की शुरुआत में हो सकती है। यह वह वक्त है जब रूस नाजी जर्मनी पर दूसरे विश्वयुद्ध में मिली जीत का जश्न मनाता है।

पुतिन ने जिनपिंग को दिया न्योता

चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी अपनी आठ दिन की यूरोप यात्रा के आखिरी मुकाम के तौर पर इसी हफ्ते मास्को पहुंचे हैं। उनके और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की बीच बुधवार को मुलाकात होने की उम्मीद है। यूरोप के दौरे में वांग ने यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए एक बातचीत के समाधान का आह्वान किया है। शी और पुतिन पिछले साल बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक से पहले चीन में व्यक्तिगत रूप से मिले थे, इससे कुछ दिन पहले रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया था। हालांकि दोनों नेताओं ने बीत साल दिसंबर में वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत भी की थी। इस दौरान पुतिन ने शी जिनपिंग को मास्को आने का न्योता दिया था।

और गहरे हुए चीन-रूस के संबंध

बीजिंग ने यूक्रेन पर मास्को की सैनिक कार्रवाई की निंदा नहीं की है, लेकिन उसका दावा है कि रूस और यूक्रेन के बीच उसने तटस्थता बनाए रखी है। चीन पश्चिमी नेतृत्व वाले प्रतिबंधों में शामिल नहीं हुआ है लेकिन उसने संयम रखने का आग्रह किया है और तनावग्रस्त चीजों को शांति से सुलझाए जाने की अपील की है। चीन इस युद्ध के लिए नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) को दोषी ठहराता रहा है। उधर यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद गुजरे एक साल में रूस और चीन के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध गहराए हैं। इस बीच दोनों देशों के साझा सैनिक अभ्यास में भी बढ़ोतरी हुई है।

जेलेंस्की ने रूस को दो चेतावनी

इस बीच अमेरिकी अधिकारियों के चीन की तरफ से रूस को हथियार दिए जाने के आरोप ने नया तनाव पैदा कर दिया है। इसी बीच सोमवार को बाइडेन की मौजूदगी में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि अगर चीन ने रूस को हथियार दिए, तो उससे तीसरे विश्व युद्ध की स्थिति बन जाएगी। चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को अमेरिका पर झूठी सूचनाएं फैलाने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- 'युद्ध के मैदान में हथियार पहुंचाना चीन का नहीं, बल्कि अमेरिका का काम है। अमेरिका को इस बात कोई अधिकार नहीं है कि वह चीन को लेक्चर दे। चीन और रूस के रिश्तों में वह जोर-जबर्दस्ती करे, इसे हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे।'

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