शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दी बधाई, कहा, आपसी मतभेदों का सही से हो समाधान
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग(xi jinping) ने सोमवार को अपनी भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू को पद संभालने पर एक पत्र के जरिए बधाई दी है।
नई दिल्ली/बीजिंग, 25 जुलाई : भारत की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पदभार संभालते ही उन्हें दुनियाभर से बधाईयां मिलने लगी हैं। उन्होंने सोमवार को भारत की 15वीं राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली है। वो देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं और साथ ही पहली राष्ट्रपति हैं जो आदिवासी हैं। उनके राष्ट्रपति बनते ही देश-विदेश से बधाईयों का तांता लग गया। पड़ोसी देश चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्रौपदी मुर्मू को भारत के राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी है। शी का यह संदेश कई मायनों में खास है। दोनों देशों के नेतृत्व के बीच में आमतौर पर चिट्ठियों का आदान-प्रदान राष्ट्रीय दिवसों पर होता रहा है।

शी जिनपिंग और अन्य विदेशी नेताओं ने दी बधाई
भारत की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पदभार संभालते ही, विदेशों के राजनेताओं ने उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी है। शी जिनपिंग की बधाई ऐसे समय में आई है जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गर्मा-गर्मी चल रही है। जिनपिंग ने अपने बधाई संदेश में भी इसका जिक्र किया है। जिनपिंग ने चिट्ठी के जरिए मुर्मू को बधाई दी है।

भारत-चीन महत्वपूर्ण पड़ोसी
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने बधाई संदेश में लिखा, चीन और भारत दोनों ही महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं। ऐसे में इनके बीच स्थिर संबंध आपसी हितों किए बहुत जरूरी है। उन्हेंने लिखा, स्वस्थ और स्थिर चीन-भारत संबंध दोनों देशों के लिए आपसी हित से जुड़े हैं। शी जिनपिंग ने अपने संदेश में भारत और चीन के बीच जारी मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने, द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

पत्र लिखकर दी बधाई, जानें क्या है पत्र लिखने का मतलब
साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वे मुर्मू के साथ मिलकर काम करने को इच्छुक हैं ताकि दोनों देशों के बीच आपसी राजनीतिक भरोसे को नई उंचाईयों तक ले जाया जा सके। बता दें कि शी का यह संदेश कई मायनों में खास है। दोनों देशों के नेतृत्व के बीच में आमतौर पर चिट्ठियों का आदान-प्रदान राष्ट्रीय दिवसों पर होता रहा है। लेकिन कई सालों में ये पहली बार है जब चीन की तरफ से राष्ट्रपति के चुनाव पर इस तरह के सार्वजनिक तौर पर इस तरह की स्वीकृति दी गई है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने दी बधाई
चीन के राष्ट्रपति के अलावा पड़ोसी देश श्रीलंका की तरफ से भी मुर्मू को बधाई दी गई है। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी बधाई संदेश चिट्ठी के तौर पर भेजा है। विक्रमसिंघे ने लिखा है, 'इस मुख्य जिम्मेदारी के तौर पर आपकी नियुक्ति सबसे बड़े लोकतंत्र में सरकार में भरोसे और आत्मविश्वास की सबसे बड़ी गवाही है। साथ ही ये इस बात का भी सुबूत है कि देश के लोगों ने भी आपकी क्षमता और राजनीतिक नेतृत्व पर भरोसा जताया है।'

स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति
गौरतलब है कि 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण किया है। वे देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और इस पद पर दूसरी महिला हैं। द्रौपदी स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति हैं।












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