व्लादिमीर पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति से की वीडियो कॉल पर बात, शी जिनपिंग से मांगा सैन्य सहयोग
दौरान पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति को मास्को की यात्रा के लिए आमंत्रित किया। पुतिन ने कहा, "प्रिय मित्र, हम अगले वसंत में मास्को की राजकीय यात्रा पर आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं।"

Image: Sputnik
रूस और यूक्रेन युद्ध को अगले साल 24 फरवरी को एक साल पूरे हो जाएंगे। 2 महीने के बाद भी ये युद्ध खत्म नहीं होगा इसकी संभावना अधिक बन रही है। न तो रूस इस युद्ध में पीछे हटने के मूड में है और न ही यूक्रेन ने हथियार डालने की मन बनाया है। इस बीच खबर आ रही है कि कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बात
दोनों नेताओं की यह बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई है। इसमें पुतिन ने चीन से सैन्य सहयोग बढ़ाने की मांग की है। रूसी राज्य टेलीविजन दोनों नेताओं के बीच बातचीत का फुटेज जारी किया है। बातचीत के दौरान पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति को मास्को की यात्रा के लिए आमंत्रित किया। पुतिन ने कहा, "प्रिय मित्र, हम अगले वसंत में मास्को की राजकीय यात्रा पर आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं।" इसके आगे पुतिन ने कहा कि यह यात्रा "दुनिया को रूसी-चीनी संबंधों की निकटता को प्रदर्शित करेगी।"
8 मिनट तक दोनों नेताओं की हुई बात
दोनों नेताओं ने लगभग 8 मिनट तक बातचीत की। दोनों ने बातचीत के दौरान जरूरी द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के सैन्य सहयोग को गहरा करने पर भी जोर दिया। ऐसा कहा जा रहा है कि अगर चीनी राष्ट्रपति बीजिंग की यात्रा करते हैं तो यूक्रेन में रूस के कमजोर सैन्य अभियान के बीच, यह यात्रा बीजिंग की ओर से एकजुटता का एक सार्वजनिक प्रदर्शन होगा।
समस्याओं से जूझ रहे पुतिन-जिनपिंग
बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंधों के इतिहास में दोनों नेताओं के संबंध सबसे अच्छे हैं। इसके साथ ही पुतिन ने यह भी कहा कि उनका का उद्देश्य रूसी और चीनी सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना है। रूसी राज्य मीडिया के अनुसार, शी जिनपिन ने शुरुआती टिप्पणी के दौरान कहा कि चीन, रूस के साथ राजनीतिक सहयोग बढ़ाने के साथ ही वैश्विक साझेदार बनने के लिए तैयार है। आपको बता दें कि फिलहाल दोनों नेता संकट का सामना कर रहे हैं। पुतिन 10 महीने के बाद भी यूक्रेन युद्ध में उलझे हुए हैं। रूस की जीत का कोई संकेत नजर नहीं आ रहा है, और चीन एक बढ़ते हुए कोविड प्रकोप से जूझ रहा है जो लाखों लोगों को बीमार कर रहा है।












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