आठ किलोमीटर गहराई में भी जिंदा रहती है ये मछली, 15 साल की रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों को मिली सफलता
15 साल की रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों को अभूतपूर्व कामयाबी मिली है। ऐसी मछली को खोजने में कामयाबी मिली है, जो पानी के अंदर सबसे अधिक गहराई में जीवित रह सकती है। साइंस की अद्भुत और अजूबों से भरी दुनिया की खास उपलब्धि जानिए

Snailfish की स्टडी करने वाले वैज्ञानिकों को बेहद खास कामयाबी मिली है। इन वैज्ञानिकों ने ऐसी मछली को खोजने में कामयाबी पाई है जो दुनिया की सबसे अधिक गहराई में भी जिंदा रह सकती है। मछली खोजने के बाद वैज्ञानिकों ने नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है। पानी के भीतर आठ किलोमीटर से अधिक की गहराई पर जिंदा रह सकने वाली इस मछली का रिकॉर्ड पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (UWA) और जापान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बनाया है।
आठ KM गहराई में जिंदा मछली! चौंकाने वाला परिणाम
अब तक की सबसे गहराई में मछली का फिल्मांकन और सबसे अधिक गहराई में जाकर पकड़ी गई मछली की इस प्रजाति को Snailfish कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, गहराई में रहने वाली घोंघा मछलियों पर शोध करते हुए 15 साल बिताए गए। उनके लिए ये कामयाबी केवल गहराई में जिंदा रह सकने वाली मछली ही नहीं, उससे कहीं अधिक है। मछलिया जिस अधिकतम गहराई तक जीवित रह सकते हैं वह सचमुच में आश्चर्यजनक है।
अलग-अलग गहराई पर रिसर्च हुई
UWA के प्रोफेसर एलन जैमीसन ने सितंबर 2022 में, अनुसंधान शुरू किया था। जहाज DSSV प्रेशर ड्रॉप ने उत्तर प्रशांत महासागर में जापान के चारों ओर गहरी खाइयों में दो महीने का अभियान चलाया था। मिशन का मकसद दुनिया में सबसे अधिक गहराई वाली जगह पर मछली की आबादी के बारे में पता लगाना था। 10 साल के अध्ययन में 8,000 मीटर, 9,300 मीटर और 7,300 मीटर गहराई पर स्टडी की गई। जापान, इज़ू-ओगासवारा और रयूक्यू ट्रेंच में मछलियों के जीवन का अध्ययन किया गया।
जापान और ऑस्ट्रेलिया की टीम का कमाल
मिंडेरू-यूडब्ल्यूए डीप सी रिसर्च सेंटर के संस्थापक और अभियान के मुख्य वैज्ञानिक, UWA के प्रोफेसर एलन जैमीसन ने सबसे गहरे हिस्सों में बैटेड कैमरों को तैनात करने के लिए जापान की टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ मरीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी की एक टीम के साथ काम किया।
स्नेलफ़िश प्रजाति की मछली का अनोखा रिकॉर्ड
जापान के दक्षिण में इज़ू-ओगासवारा ट्रेंच में स्टडी कर रही इस टीम ने 8,336 मीटर की गहराई पर स्यूडोलिपरिस जीनस (Pseudoliparis Genus) की अज्ञात स्नेलफ़िश प्रजाति की मछली (snailfish species fish) को तलाश किया। ये मछली सबसे गहराई में जिंदा रहने का रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रही।
15 साल पहले भी मिली थीं मछलियां
कुछ दिनों बाद, जापानी ट्रेंच में टीम ने 8,022 मीटर गहरे जाल में दो मछलियों को फंसाया। घोंघे वाली ये मछली, स्यूडोलिपारिस बेलीएवी, (Pseudoliparis belyaevi) 8,000 मीटर से अधिक गहराई से जमा की जाने वाली पहली मछली थी। 2008 में इस मछली को केवल 7,703 मीटर की गहराई पर ही देखा गया।
सात-आठ किलोमीटर की गहराई में जीवित घोंघे की तस्वीरें
प्रोफेसर जैमीसन ने बताया कि जापानी खाइयों में मछलियों की तलाश अविश्वसनीय रही। ऐसी जगह जीवन में कितनी समृद्ध है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सबसे निचले तल पर भी मछली जीवित बरामद हुई। घोंघे वाली मछली जापान के चारों ओर खाइयों में गहराई में तैरती रहती हैं। इज़ू-ओगासवारा ट्रेंच में 7500-8200 मीटर से जीवित घोंघे की तस्वीरें भी बेहद रोमांचक हैं।












Click it and Unblock the Notifications