सऊदी अरब में बुर्का पहनकर बुलेट ट्रेन दौड़ाती दिखेंगी महिलाएं, 32 महिलाओं का ट्रेनिंग बैच तैयार
सऊदी अरब रेलवेज (SAR) ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें 32 महिला चालकों के प्रशिक्षण का पहला चरण पूरा करने की सूचना दी गई है। इस वीडियो में महिलाओं को पुरुष साथियों के साथ बुलेट ट्रेन चलाते देखा जा सकता है।

Image: Saudi Railway (SAR) (Screengrab)
जिस सऊदी अरब में महिलाओं को गाड़ियां चलाते पकड़े जाने पर जेल की सजा तक हो जाती थी अब उसी सऊदी अरब में महिलाएं बुलेट ट्रेन दौड़ाती नजर आएंगी। सऊदी रेलवे ने खुद इसका खुलासा किया है। सऊदी अरब रेलवेज (SAR) ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें 32 महिला चालकों के प्रशिक्षण का पहला चरण पूरा करने की सूचना दी गई है। इस वीडियो में महिलाओं को पुरुष साथियों के साथ बुलेट ट्रेन चलाते देखा जा सकता है।

एक साल की ट्रेनिंग का पहला सेशन हुआ पूरा
नए साल के दिन जारी किए गए इस वीडियो में ट्रेनिंग में भाग लेने वाली कुछ महिलाओं को दिखाया गया है। इन सभी महिलाओं की एक साल की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इस वीडियो में महिलाएं बता रही हैं कि वह पहले बैच की हैं और इस ट्रेनिंग का हिस्सा बनने के लिए बेहद उत्सुक थीं। वह बुलेट ट्रेन चलाकर बेहद गर्व महसूस कर रही हैं।

मक्का से मदीना तक दौड़ाएंगी बुलेट ट्रेन
अब इनकी पहली नियुक्ति मक्का और मदीना के बीच चलने वाली 453 किलोमीटर लंबी हरमैन हाई-स्पीड लाइन पर बुलेट ट्रेन में की गई है। 2022 की शुरुआत में सऊदी अरब में महिलाओं के लिए बुलेट ट्रेन ड्राइवर की वैकेंसीज निकाली गई थीं। शुरुआत में इस वैकेंसी में 30 पद ही थे लेकिन बाद में इन्हें 32 कर दिया गया। इन 32 वैकेंसी के लिए 28 हजार महिलाओं ने अप्लाई किया था।
सऊदी में महिलाओं की स्थिति में आया बदलाव
हालिया समय में सऊदी महिलाओं ने देश की इकोनॉमी को बेहतर करने में अहम रोल निभाया है और अब यह ट्रेंड ज्यादा मजबूत हो रहा है। यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि कुछ साल पहले तक सऊदी में महिलाओं को ड्राइविंग की इजाजत भी नहीं थी। हालांकि, जून 2018 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध हटाने से सऊदी समाज में महिलाओं की भूमिका में एक बड़ा बदलाव आया है। इसी साल पहली बार महिलाओं को स्टेडियम में जाकर मैच देखने की अनुमति मिली थी।

विजन-2030 क्या है?
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि साल 2015 से पहले सऊदी अरब में महिलाओं को मतदान करने तक का अधिकार नहीं था। लेकिन 2016 में क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान द्वारा शुरू किए गए विजन 2030 के बाद से देश में महिलाओं की स्थिति में असाधारण बदलाव देखने को मिल रहा है। विजन-2030 का मकसद सऊदी अरब की इकोनॉमी की ऑयल पर डिपेंडेंसी कम करना है। इसके तहत ऐसे कई प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, जिनमें महिलाओं की भी बड़ी हिस्सेदारी है। अब सरकारी दफ्तरों के अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी काफी महिलाएं काम कर रही हैं। एजुकेशन सेक्टर में भी उनकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।












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