चेहरे की झुर्रियां हटाने के लिए महिला ने लगवाया ऐसा इंजेक्शन, अब नहीं खुल पा रही है एक आंख

चेहरे की झुर्रियां हटाने के लिए महिला ने लगवाया ऐसा इंजेक्शन, अब नहीं खुल पा रही है एक आंख

नई दिल्ली, 25 फरवरी: सर्जरी, इंजेक्शन, लेजर ट्रीमेंट.... ब्यूटी इंडस्ट्री में आजकल ये बातें बहुत आम हो गई हैं। इन कॉस्मेटिक सर्जरी का क्रेज युवा में बढ़ता जा रहा है। आजकल के युवा अपने उम्र से कम दिखने या अपने फेस फीचर को बेहतर करने के लिए ऐसी सर्जरी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसी ही एक इंजेक्शन कॉस्मेटिक सर्जरी इन दिनों प्रचलन में है, जिसको ''बोटॉक्स'' कहा जाता है। ''बोटॉक्स'' इंजेक्शन को लगाकर लोग चेहरे से झुर्रियां को हटवाते हैं। लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं, जो चेहरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बोटोक्स का इंजेक्शन असल में आंखों के नीच या ऊपर लगाया जाता है, जो वहां के आसपास की झुर्रियों को हटाता है।

बोटॉक्स इंजेक्शन लगा महिला का हुआ ये हाल

बोटॉक्स इंजेक्शन लगा महिला का हुआ ये हाल

द सन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक जेसिका नाम की महिला ने हाल ही अपने चेहरे की झुर्रियां को खत्म करने के लिए बोटॉक्स इंजेक्शन लगवाया। लेकिन जेसिका पर इस बोटॉक्स इंजेक्शन का साइड इफेक्ट हुआ और अब हाल ये है कि महिला अपनी एक आंख सही से खोल नहीं पा रही है। जेसिका ने टिकटॉप ऐप पर इन बातों का खुलासा किया है कि बोटॉक्स का इंजेक्शन लगवाने के बाद वो अपना एक आंख सही से नहीं खोल पा रही हैं।

4-6 हफ्ते में ठीक होगा अब महिला का आंख

4-6 हफ्ते में ठीक होगा अब महिला का आंख

वीडियो में हम देख सकते हैं कि जेसिका के चेहरे पर कोई भी झुर्रियां नहीं लेकिन इसके साथ ही उनकी एक आंख पूरी तरह से नहीं खुल रही है। जेसिका के बोटॉक्स करवाने के बाद उनकी दाहिनी आंख में ये लक्षण देखे गए। आंखों में हुई इस बीमारी को ''पीटोसिस'' के नाम से जाना जाता है। काफी रिसर्च करने के बाद जेसिका ने बताया कि उनकी आंखों को ठीक होने में 4 से 6 सप्ताह तक का वक्त लगेगा।

'अगर डॉक्टर सही हो तो आंखों में साइट इफेक्ट होने की संभावना कम होती है'

'अगर डॉक्टर सही हो तो आंखों में साइट इफेक्ट होने की संभावना कम होती है'

अमेरिकन कंपनी WebMD, जो मुख्य रूप से मानव स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित चीजों के बारे में बताती है, उन्होंने कहा है कि 'बोटॉक्स प्राप्त करने वाले लगभग 5% लोगों को पलकें झपकने की समस्या होती है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि 'बोटॉक्स का इंजेक्शन अगर एक कुशल डॉक्टर लगाता है तो यह संख्या 1% से भी कम हो जाती है।

इस बात का जिक्र जेसिका ने भी किया है। जेसिका ने टिकटॉक पर वीडियो शेयर कर कहा, "जब बोटोक्स से पीटोसिस होने की 1% संभावना है। लेकिन फिर भी मुझे ये हुआ है।"

वायरल हो गया महिला के ये वीडियो

वायरल हो गया महिला के ये वीडियो

जेसिका का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जेसिका के वीडियो पर लाखों में व्यूज हैं। सिर्फ दो दिनों के भीतर वीडियो पर 10.6k लाइक, 453 कमेंट और 2,680 शेयर मिल चुके हैं। कई टिकटॉक यूजर इस बात से परेशान हैं कि ये साइड इफेक्ट कई लोगों में देखा जा रहा है।

एक यूजर ने कमेंट किया, ''वे कहते हैं कि यह बहुत दुर्लभ है, लेकिन ये मुझे भी हुआ है। इसक अलावा कई लोगों में ये लक्षण देखे गए हैं।'' एक यूजर ने लिखा, ''अगर इसके होने की संभावना 1 फीसदी है तो फिर ये सबको क्यों हो रहा है।''

जानें क्या होता ये बोटॉक्स?

जानें क्या होता ये बोटॉक्स?

बोटॉक्स लैब में बना हुआ एक प्रोटीन होता है, जो स्टेराइल इंजेक्शन होता है, ये इंट्रामस्क्युलर होता है यानी मसल्स में दिया जाता है। बोटॉक्स इंजेक्शन को डर्मेटोलॉजिस्ट इसे चेहरे की मांसपेशियों में छोटी सुई से इंजेक्ट करते हैं, ताकी चेहरे की चेहरे की झुर्रियां हट जाए। बोटॉक्स मांसपेशियों को रिलैक्स कर सेमी-पैरालाइज कर देता है, जिससे मांसपेशियां मूव नहीं करतीं और इसके साथ स्किन भी मूव नहीं करती है और चेहरे की झुर्रियां धीरे-धीरे हट जाती हैं।

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