पाकिस्तान में कमरतोड़ महंगाई, जनता बेहाल, तेल,घी की कीमत सातवें आसमान पर
यूटिलिटी स्टोर्स कारपोरेशन (USC) के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि खाद्य तेल और घी की कीमत 555 रुपये प्रति किलोग्राम और 605 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर है। जो कि पहले 540-560 रुपये प्रति किलोग्राम थी
इस्लामाबाद, 01 जून : पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार जाने के बाद शहबाज शरीफ की सरकार आई, लेकिन हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते ही जा रहे हैं। बढ़ती महंगाई ने वहां की आवाम की जेब ढीली कर दी है। इस बीच बुधवार को पाकिस्तान सरकार ने नागरिकों को बड़ा झटका दिया है। पाकिस्तान में घी और खाना पकाने के तेल की दरों में 208 रुपये और 213 रुपये की वृद्धि की है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब देश पिछले कई सालों से आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

घी-तेल हुआ महंगा
यूटिलिटी स्टोर्स कारपोरेशन (USC) के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि खाद्य तेल और घी की कीमत 555 रुपये प्रति किलोग्राम और 605 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर है। जो कि पहले 540-560 रुपये प्रति किलोग्राम थी। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यूएससी के एक अधिकारी के हवाले से बताया यूएससी ने 1 जून से घी और खाना पकाने के तेल की कीमतों में भारी उछाल की अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, वृद्धि का कारण नहीं बताया गया है।

आम जनता को परेशानी
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान वनस्पति मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (पीवीएमए) के महासचिव उमर इस्लाम खान के मुताबिक, घी और खाना पकाने के तेल की खुदरा दरें जल्द ही यूएससी कीमतों के बराबर आ जाएंगी।

क्रेडिट पर देना बंद किया
महासचिव उमर इस्लाम खान ने कहा कि खाना पकाने के तेल और घी के निर्माताओं ने यूएससी को उत्पादों को क्रेडिट पर देना बंद कर दिया है क्योंकि निगम ने निर्माताओं को 2-3 अरब रुपये का बकाया नहीं दिया है।

रोजना बैठक हो रही है
इंडोनेशिया से पाकिस्तान को पाम तेल की आपूर्ति के बारे में बोलते हुए उमर इस्लाम ने बताया कि पाम के तेल की आपूर्ति पर प्रधानमंत्री टास्क फोर्स समिति गठित की है। जिसमें संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी और पीवीएमए के पदाधिकारी शामिल हैं और आपूर्ति की स्थिति का विश्लेषण करने के लिए रोजाना बैठकें भी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उच्च दरों पर बुक किए गए शिपमेंट और बड़े पैमाने पर रुपये के अवमूल्यन ने लैंडिंग लागत को बढ़ा दिया है। जिसके कारण घी और खाना पकाने के तेल की दरें इंडोनेशियाई पाम तेल की दर में गिरावट के बावजूद 1,900-2,000 अमेरिकी डालर प्रति टन से घटकर 1,700 अमेरिकी डालर हो गई हैं।

घी और तेल की कीमत बढ़ने से जनता परेशान
बता दें कि पीवीएमए ने 27 मई को अपने सर्कुलर में अपने सदस्यों को एनएलसी/निजी टैंकरों को अपने खाद्य तेल की खेप के लिए परिवहन शुल्क का भुगतान करने के लिए सूचित किया था। जो डीजल में 30 रुपये की छलांग के बाद केवल 22.50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 174.67 रुपये प्रति लीटर हो गया था।

पेट्रोल, डीजल के बढ़े थे दाम
बता दें कि, पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 30 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने का फैसला लिया था। इसके बाद वहां पेट्रोल 179.85 प्रति लीटर, डीजल 174.15 प्रति लीटर और केरोसिन 155.95 रुपये प्रति लीटर हो गया। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान के लिए यह बड़ा झटका था। आईएमएफ ने देश को 6 अरब डॉलर का कर्ज देने से मना कर दिया था। इसके बाद ये बड़ा फैसला लिया गया था। पाकिस्तान के पास पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाने के अलावा और कोई दुसरा विकल्प नहीं था। हालांकि, वित्त मंत्री ने कहा था, तेल की कीमतें बढ़ने के बाद देश की मुद्रा मजबूत होगी और आने वाले दिनों में वित्तीय बाजारों में स्थिरता आएगी।












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