विंटर ओलंपिक गेम्स: किम जोंग उन की बहन जाएगी साउथ कोरिया, रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के आसार
प्योंगयांग। नॉर्थ कोरियाई सुप्रीम लीडर किम जोंग उन अपनी बहन को विटंर ओलंपिक गेम्स में शिरकत करने के लिए भेज रहे हैं। प्योंगचांग में 9 फरवरी से शुरू हो रहे विंटर ओलंपिक गेम्स में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग अपने देश की एथलीट टीम को लीड करेंगी। साउथ कोरिया जाने वाली किम यो जोंग, किम परिवार से पहली सदस्य होंगी। विंटर ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बीच पिछले महीने दो बार अहम उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। पिछले साल किम जोंग उन ने अपनी बहन को पोलिटब्योरो में शामिल किया था।

किम यो जोंग की उपस्थिति से अमेरिका को होगी परेशानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साउथ कोरिया में किम यो जोंग की उपस्थिति अमेरिका को सबसे ज्यादा परेशान कर सकती है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस नॉर्थ कोरियाई के मैसेज और उनकी उपलब्धियों को रोकने की पूरी कोशिश करेंगे। बता दें कि पिछले सप्ताह यूएस मीडिया ने दावा किया था कि विंटर ओलंपिक गेम्स में प्योंगयांग के मैसेज की अनुमति नहीं देंगे।

साउथ कोरिया का वेलकम
हालांकि साउथ कोरिया ने नॉर्थ कोरिया के इस फैसले का वेलकम किया है। नॉर्थ कोरिया ने कहा, 'डेलिगेशन में किम ने अपनी बहन को शामिल किया है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।' साउथ कोरिया ने स्टेटमेंट ने जारी करते हुए कहा, 'हमें लगता है कि नॉर्थ कोरिया प्योंगचांग विंटर ओलंपिक गेम्स के जश्न में शामिल होकर कोरियाई प्रायद्वीप में टेंशन को खत्म करना चाहते हैं। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि उनके डेलिगेशन में किम यो जोंग को भी शामिल किया गया है, जो नॉर्थ कोरिया के वर्कर्स पार्टी के अहम पद पर है।'

रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के आसार
इस बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि विंटर ओलंपिक गेम्स में नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बीच रिश्तों में जमी बर्फ पिघल सकती है। हालांकि, अमेरिका यहां पर भी अपना राजनीतिक दांव खेल सकता है। माइक पेंस पहले ही कह चुके हैं कि वे इस गेम्स के दौरान चाहेंगे कि नॉर्थ कोरिया उनसे बात करें, क्योंकि अमेरिका पहले से ही तैयार है। इस बीच नॉर्थ कोरिया ने ताजा बयान भी दे दिया है कि अमेरिका एक बार फिर से प्योंगयांग पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की सोच रहा है। वहीं, अमेरिका ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक नॉर्थ कोरिया अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को बंद नहीं करेगा, तब तक उसे दुनिया में अलग-थलग करते रहेंगे। इस सब के बीच किम जोंग उन पहले ही कह चुके हैं कि वे अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को किसी भी हालात में बंद नहीं करेंगे।












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