अमेरिका के साथ याराना बरकरार रखने में ट्रंप साबित हो सकते हैं 'ट्रंप कार्ड'
वाशिंगटन। रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और अमेरिकी बिजनेस टायकून डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार अपने किसी इंटरव्यू में भारत का जिक्र किया है।
भारत का जिक्र भले ही उन्होंने पहली बार किया है लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र और तारीफ उनकी ओर से पहले भी की जा चुकी है। अगस्त 2014 में ट्रंप भारत आए थे और यहां पर मुंबई में उन्होंने अपने पहले प्रोजेक्ट की ओपनिंग की थी।
प ने उस दौरान भारत के नए पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की थी। ट्रंप ने कहा था कि पीएम मोदी के आने के बाद से निवेशकों का उत्साह भारत के लिए बढ़ा है।
ट्रंप का बयान इस ओर इशारा करता है कि भारत को लेकर उनकी सोच आने वाले दिनों में कैसी रह सकती है। हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि ट्रंप एक बिजनेसमैन हैं।
उन्हें मालूम है कि चीन की आर्थिक तंगी के बीच भारत का बेहतर प्रदर्शन उनके देश के लिए कितना बेहतर साबित हो सकेगा, खासतौर पर तब जब चीन की अर्थव्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए आखिर क्यों ट्रंप भारत के लिए साबित हो सकते हैं एक 'ट्रंप कार्ड।'

भारत पर बरसेगी दौलत
अमेरिका के प्रॉपर्टी टायकून डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2014 में कहा था कि जो विदेशी निवेशक भारत से मुंह मोड़ चुके हैं, वे सुस्त भारतीय अर्थव्यवस्था की ओर फिर से भारत लौट रहे हैं। ट्रंप ने कहा था कि आने वाले दिनों में भारत पर दौलत बरसने वाली है।

पीएम मोदी के गुजरात मॉडल के कायल
बकौल ट्रंप उन्होंने अभी तक पीएम मोदी से मुलाकात नहीं की है और न ही उन्हें पीएम से मिलने का कोई मौका मिल सका है। लेकिन वह उस समय यह बताना नहीं भूले कि पीएम मोदी ने लोगों को साथ लाने का काम किया है। ट्रंप ने उस समय पीएम मोदी के गुजरात मॉडल की भी तारीफ की थी।

भारत के लिए बना आशावादी माहौल
ट्रंप के मुताबिक भारत के लिए लोगों की धारणा अब बदल रही है। ट्रंप ने यहां पर अपने प्रॉडक्ट की बिक्री का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा था कि हमने जितनी उम्मीद की थी उससे ज्यादा की बिक्री मुंबई में हुई है।

भारत की मदद के बिना पाक को रोकना नामुमकिन
सितंबर 2015 में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर आने वाले दिनों में पाकिस्तान अस्थिर होता है तो फिर अमेरिका को भारत की मदद लेनी चाहिए। उनका कहना था कि 'अस्थिर' पाक को भारत की मदद के बिना रोकना असंभव होगा। साफ है अगर पीएम मोदी को आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का समर्थन चाहिए तो शायद ट्रंप कारगर साबित हो सकते हैं।

निवेश के लिए भारत एक अच्छी जगह
ट्रंप ने कि भारत निवेश के लिहाज से एक महान देश में तब्दील हो गया था। जो भी रुकावटें थीं वे सभी चुनावों के बाद दूर हो गई हैं। अमेरिका की ओर से भारत को छंठवें मोस्ट फेवर्ड नेशंस का दर्जा दिया गया है। अगर ट्रंप राष्ट्रपति बनते हैं तो दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के अवसर और बढ़ सकते हैं।

अमेरिका में रोजगार के अवसर
जून 2015 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में न सिर्फ 91,000 नौकरियों के अवसर पैदा किए बल्कि 15 बिलियन डॉलर का निवेश भी किया। आपको बता दें कि अमेरिका जहां भारत का पांचवां सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है तो भारत अमेरिका का 11वों सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है।












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