Hvaldimir Whale: रूस की जासूस या सिर्फ एक 'बदकिस्मत' व्हेल! आखिर क्यों एक बेजुबान को मिला था ये टैग?
Russian spy Hvaldimir: रूस की जासूस व्हेल मछली ह्वाल्डिमिर की मौत ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिये हैं। हाल ही में व्हेल का शव दिखाई दिया, तो हड़कंप मच गया। 14 फुट लंबी और 2,700 पाउंड वजनी इस व्हेल को पांच साल पहले कैमरे में कैद किया गया। इसके बाद इसे ह्वाल्डिमिर द स्पाई व्हेल नाम दे दिया गया। इस व्हेल के शरीर पर उपकरण के निशान बने थे, जिसके बाद से ही कयास लगने लगे कि ये रूसी जासूस थी।
मगर साथ ही इस व्हेल को बदकिस्मत भी माना जाने लगा। सफेद रंग की इस खूबसूरत व्हेल पर बदकिस्मती का ठप्पा क्यों लगा, चलिये समझते हैं।

पांच साल पहले यानी कि साल 2019 की बात है, जब ह्वाल्डिमिर को पहली बार नॉर्वे में देखा गया था। उसके गले पर एक पट्टा लगा हुआ था, जिसपर सेंट पीटर्सबर्ग लिखा हुआ था। इसके बाद से ही कयास लगाए जाने लगे कि ये व्हेल रूसी जासूस है।
मगर जासूस कहे जाने के साथ ही इसे बदकिस्मत भी कहा जाने लगा। इसकी वजह थी कि इस व्हेल को जासूस बुलाए जाने के लंबे समय तक भी रूस के किसी भी अधिकारी द्वारा इसके स्वामित्व का दावा कभी नहीं किया गया। इससे पूरी दुनिया बेहद हैरान रह गई।
लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल घर करने लगे कि क्या ये व्हेल वाकई जासूस हो सकती है या फिर सिर्फ एक बदकिस्मत जानवर, जो अजीबोगरीब स्थिति में फंस गया हो। हालांकि मिलने के पांच सालों तक भी इस व्हेल को जासूस ही माना जाता था।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इस व्हेल को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा के लिए काम करने वाले गैर लाभकारी संगठन मरीन माइंड की नजर रहती थी। वो इसकी गतिविधियों को ट्रैक करता था। इसके संस्थापक सेबेस्टियन स्ट्रैंड ने भी कहा कि ये घटना दिल तोड़ देने वाली है। उसने नॉर्वे में हजारों लोगों के दिलों को छू लिया है।












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