इस व्हेल को क्यों कहा जा रहा रूस का जासूसी हथियार

सफ़ेद व्हेल
EPA
सफ़ेद व्हेल

क्या किसी व्हेल का इस्तेमाल जासूसी के लिए हो सकता है?

नॉर्वे में विशेषज्ञों का मानना है कि देश के किनारे पर आई एक सफ़ेद व्हेल रूसी जासूस हो सकती है. उसके शरीर पर एक ख़ास पट्टा पाया गया है. नॉर्वे में विशेषज्ञों का कहना है कि संभव है कि उसे रूसी नौसेना ने ट्रेनिंग दी हो.

समुद्री जानवरों के विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर ऑदुन रिकर्डसन ने कहा है कि व्हेल के शरीर पर लगाए गए इस पट्टे में एक गोप्रो कैमरा होल्डर था और सेंट पीटर्सबर्ग की ओर इशारा करने वाला एक लेबल चस्पा था. नॉर्वे के एक मछुआरे ने काफ़ी मशक्कत के बाद व्हेल के शरीर से ये पट्टा निकाला था.

रिकर्डसन के मुताबिक़, एक साथी रूसी वैज्ञानिक ने उन्हें बताया है कि यह उस तरह की किट नहीं है जैसी रूसी वैज्ञानिक इस्तेमाल करते हैं.

इसी क्षेत्र में रूसी नौसेना का एक अड्डा भी है.

समुद्री जल
EPA
समुद्री जल

व्हेल के शरीर पर था कैमरा होल्डर

बताया जाता है कि ये व्हेल आर्कटिक द्वीप इंगोया में कई बार नॉर्वे की नावों के क़रीब पहुंची. यहां से 415 किलोमीटर दूर मर्नमांस्क में रूस के उत्तरी बेड़े का ठिकाना है. सफ़ेद व्हेल आर्कटिक के पानी में पाई जाती है.

नॉर्वे के प्रसारक एनआरके ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें सफेद व्हेल के शरीर से ये पट्टा निकाला जा रहा है.

प्रोफ़ेसर रिकर्डसन ने बीबीसी को बताया कि ये पट्टा व्हेल के शरीर के अगले हिस्से पर काफ़ी मज़बूती से लगाया गया था. उनके मुताबिक़, उसमें गोप्रो कैमरा का होल्डर था, लेकिन कैमरा नहीं था.

उन्होंने कहा, "एक रूसी सहकर्मी का कहना है कि वे अपने यहां इस तरह के प्रयोग नहीं करते. लेकिन उन्होंने ये बताया कि रूसी नौसेना ने कुछ सफ़ेद व्हेलों को कुछ साल तक ट्रेनिंग दी थी. ये उसी से जुड़ा हो सकता है."

समुद्री जीव
Getty Images
समुद्री जीव

युद्ध के लिए डॉल्फ़िन का इस्तेमाल?

एक रूसी रिज़र्व कर्नल जो पहले सेना की ओर से समुद्री जीवों के इस्तेमाल पर लिख चुके हैं, उन्होंने नॉर्वे के दावे पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया कि ये व्हेल रूसी नौसेना के बेड़े से निकली हो सकती है.

रूसी प्रसारक गोवोरित मोस्कवा से बातचीत में कर्नल विक्टर बैरेंटेस ने कहा, "अगर हम इस जीव से जासूसी करा रहे होते तो आपको लगता है कि हम उस पर 'इस नंबर पर फ़ोन कीजिए' की पर्ची लगाकर छोड़ते."

"हमारी सेना में युद्ध संबंधी कामों के लिए डॉल्फ़िन शामिल की गई हैं. हम इसे छिपाते नहीं. "

"क्राइमिया में हमारा मिलिट्री डॉल्फिन्स का केंद्र है. वहां उन्हें अलग-अलग तरह के काम के लिए ट्रेन किया जाता है जिसमें समुद्री सतह के विश्लेषण से लेकर एक सीमित जलक्षेत्र की रक्षा, विदेशी गोताख़ोरों को ठिकाने लगाना और विदेशी जहाज़ों के नीचे विस्फोटक लगाने जैसे काम शामिल हैं. "



क्राइमिया में डॉल्फिन ट्रेनिंग सेंटर पहले यूक्रेन के नियंत्रण में था लेकिन 2014 में इसे रूसी नौसेना ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया.

यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रोम्सो में पढ़ाने वाले प्रोफेसर रिकर्डसन कहते हैं, "सफ़ेद व्हेल भी डॉल्फिन की तरह काफ़ी बुद्धिमान होती है. उन्हें एक कुत्ते की तरह ट्रेनिंग दी जा सकती है."

उनके मुताबिक़, "ये व्हेल दो-तीन दिनों के भीतर नावों के पास कई बार आई. वह खाने की तलाश में थी, उसका मुंह खुला था. "

डॉल्फ़िन
Getty Images
डॉल्फ़िन

अमरीका की नेवी डॉल्फिन्स

वैसे युद्ध में समुद्री जीवों का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है.

शीत युद्ध के समय अमरीकी नौसेना ने कैलिफोर्निया में डॉल्फ़िन और जलसिंहों (सी लायन्स) को ट्रेनिंग देने का कार्यक्रम शुरू किया था.

इसमें इन समुद्री जीवों को विस्फोटक और दूसरी ख़तरनाक चीज़ों का पता लगाने की ट्रेनिंग दी गई थी.

नेवी की वेबसाइट भी बताती है कि इन जीवों का इस्तेमाल पानी के भीतर अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोगों का पता लगाने के लिए भी किया गया था.

2003 के इराक़ युद्ध में भी अमरीकी सेना की विस्फोटकों का पता लगाने वाली टीम ने डॉल्फ़िन की मदद ली थी.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+