Xi Jinping की गोद में क्यों बैठ गये हेनरी किसिंजर? US का वो शातिर डिप्लोमेट, जो डबल गेम खेलने में माहिर है...

Henry Kissinger in China: अमेरिका के बारे में एक मशहूर कहावत है, कि अमेरिका की दुश्मनी खतरनाक होती है और अमेरिका की दोस्ती, बर्बाद करने वाला होता है। अमेरिका हमेशा से अपने डबल गेम के लिए कुख्यात रहा है और अमेरिका की विचारधारा, देश बदलते ही बदल जाती है। अमेरिका की इस विचारधारा को बनाने में कई डिप्लोमेट्स का योगदान रहा है और उनमें से सबसे शातिर डिप्लोमेट थे हेनरी किसिंजर, जो अब सौ साल के हो चुके हैं, लेकिन एक बार फिर से चीन के दौरे पर हैं।

हेनरी किसिंजर ने ही अमेरिका और चीन की पहली बार दोस्ती करवाई थी और एक बार फिर से हेनरी किसिंजर चीन की गोद में जाकर बैठ गये हैं। बीजिंग में हेनरी किसिंजर से मुलाकात के बाद शी जिनपिंग ने उन्हें चीन का सबसे पुराना और विश्वसनीय 'दोस्त' कहा है। जाहिर है, हेनरी किसिंजर का चीन दौरा यूंही नहीं हो रहा है, बल्कि इसके पीछे कई राजनीतिक और रणनीतिक मायने हैं।

Henry Kissinger

चीन में क्यों हैं हेनरी किसिंजर?

100 साल के पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर चीन में हैं, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की और शी जिनपिंग ने उन्हें "पुराना दोस्त" कहकर संबोधित किया है।

चीनी की सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग ने पश्चिमी बीजिंग के एक डिप्लोमेटिक भवन दियाओयुताई स्टेट गेस्टहाउस में किसिंजर से मुलाकात की, जहां 1971 में चीन की उनकी पहली यात्रा के दौरान उनका स्वागत किया गया था।

शी जिनपिंग ने कहा, कि हेनरी किसिंजर, जो 100 से अधिक बार चीन जा चुके हैं और हाल ही में 100 वर्ष के हो गए हैं, दो "शतकों" के कारण उनके चीन के दौरा का विशेष महत्व है।

चीनी राष्ट्रपति ने हेनरी किसिंजर से कहा, कि उनके जैसे "पुराने दोस्तों" को कभी नहीं भुलाया जाएगा, क्योंकि बीजिंग और वाशिंगटन के बीच फिलहाल जो संबंध बिगड़े हुए हैं, उस दौरान भी हेनरी किसिंजर ने चीन को लेकर काफी नरम लहजे में बात की है और उनकी मुलाकात काफी दिलचस्प रही है।

हेनरी किसिंजर ने ऐसा क्या किया था?

1970 के दशक में, जब अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध चल रहा था, उस वक्त अमेरिका ने चीन को अपने पाले में लाने की कोशिश की थी और ये जानते हुए भी चीन की भरपूर मदद की थी, कि चीन में कम्युनिस्ट शासन है।

हेनरी किसिंजर ने ही चीन और अमेरिका की दोस्ती की बुनियाद रखी थी और उनके ही बनाए रणनीति के तहत तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने पहली बार चीन का दौरा किया था और वो किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला चीनी दौरा था।

हेनरी किसिंजर ने रिचर्ड निक्सन के कार्यकाल में विदेश मंत्री और राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड के शासनकाल में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर की भूमिका निभाई थी और इस दौरान उन्होंने चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते को मजबूत करने के लिए कई प्लान्स तैयार किए थे।

हेनरी किसिंजर ने अमेरिकी राष्ट्रपतियों को सलाह दिया था, कि अगर चीन में अमेरिका भारी निवेश करता है और चीन को पैसों का स्वाद चखाता है, तो आज का कम्युनिस्ट चीन, पैसों के जाल में फंसकर कल पूंजीवादी व्यवस्था में शामिल हो सकता है, इसीलिए चीन में अमेरिका को भारी निवेश करना चाहिए।

कई राजनयिकों और एक्सपर्ट्स ने हेनरी किसिंजर की रणनीति को 'खतरनाक' करार दिया था और दावा किया था, कि चीन तभी तक शांत रहेगा, जब तक वो अपनी ताकत बढ़ा नहीं लेता है और हुआ भी ऐसा ही।

शी जिनपिंग ने अमेरिकी राजनयिक से कहा, कि "चीनी लोग अपने पुराने दोस्तों को कभी नहीं भूलते और चीन-अमेरिका संबंध हमेशा हेनरी किसिंजर के नाम से जुड़े रहेंगे।"

Henry Kissinger

चीन में है किसिंजर का काफी सम्मान

हेनरी किसिंजर की नीति के तहत ही अमेरिका ने चीन के अंदर विशालकाय निवेश किया और अमेरिकी कंपनियां चीन के अंदर जाने लगीं, वो भी चीन की शर्तों पर और हेनरी किसिंजर हमेशा दिलासा देते रहे, कि ये फिलहाल की ही बात है, बस चीन को पूंजीवाद का स्वाद लगने ही वाला है।

किसिंजर, जिनका चीन में व्यापक रूप से सम्मान किया जाता है, वो अपने अपने पद से हटने के बाद भी चीन का नियमित दौरे करते रहे हैं, उन्होंने कहा, कि वह आभारी हैं कि बीजिंग ने उस इमारत में बैठक की व्यवस्था की थी, जहां उन्होंने अपनी पहली यात्रा के दौरान चीनी नेताओं से मुलाकात की थी।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने किसिंजर के हवाले से कहा, "हमारे दोनों देशों के बीच संबंध विश्व शांति और मानव समाज की प्रगति का मामला है।"

किसिंजर ने बैठक में कहा, कि "मौजूदा परिस्थितियों में, शंघाई विज्ञप्ति द्वारा स्थापित सिद्धांतों को बनाए रखना, वन-चायना पॉलिसी को मानना और चीन के साथ रिश्ते को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना अनिवार्य है।"

उनकी चीन यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों महाशक्तियां अपने संबंधों को, जो पहले से ही ऐतिहासिक निचले स्तर पर हैं, और अधिक गिरावट से रोकने की राह पर चल रही हैं।

किसिंजर ने अपनी यात्रा पर चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी और रक्षा मंत्री ली शांगफू से भी मुलाकात की है, जिसे वाशिंगटन ने एक निजी यात्रा बताया है।

दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच यूक्रेन, ताइवान में युद्ध और व्यापार प्रतिबंधों सहित कई मुद्दों पर तनाव बढ़ गया है।

वाशिंगटन ने हाल की हाई-प्रोफाइल राजनयिक यात्राओं के माध्यम से इन और अन्य मुद्दों पर संचार चैनलों को फिर से स्थापित करने की कोशिश की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के जलवायु दूत जॉन केरी ने बुधवार को जलवायु परिवर्तन से लड़ने पर बीजिंग के साथ लंबी बातचीत पूरी की है, वहीं वर्तमान विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन पिछले महीने बीजिंग गए थे, जबकि पिछले हफ्ते अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने भी चीन का दौरा किया था।

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