ISS पर 4 निजी अंतरिक्ष यात्री सिर्फ 10 दिनों के लिए क्यों गए हैं? इस खास अभियान के बारे में सबकुछ जानिए
फ्लोरिडा, 12 अप्रैल: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहली बार ऐसा हुआ है कि 4 निजी अंतरिक्ष यात्री सिर्फ 10 दिनों के मेहमान बनकर उसपर पहुंचे हैं। इन अंतरिक्ष यात्रियों को फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल से अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचाया गया है। यह अंतरिक्ष यान अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर से 8 अप्रैल को लॉन्च किया गया था और अगले दिन यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जाकर मिल गया। इन अंतरिक्ष यात्रियों को निजी इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि ये किसी भी अंतरिक्ष एजेंसी से नहीं जुड़े हुए हैं। आइए जानते हैं कि 10 दिन के इस मिशन में वो क्या करेंगे।

निजी अंतरिक्ष यात्रियों के इस मिशन का मकसद ?
यह स्पेसएक्स एक्सिओम स्पेस की ओर से इस मिशन को लेकर पहुंचा है, जिसने नासा के साथ मिलकर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की रिप्लेसमेंट के लिए चार नए आईएसएस मॉड्यूल तैयार करने का करार किया है। इस तरह का पहला मॉड्यूल 2024 में लॉन्च होना है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन अब पुराना पड़ रहा है और उसकी जगह नया स्टेशन तैयार होना है। अगर सीधे शब्दों में कहें तो एक्सिओम स्पेस पृथ्वी की कक्षा में पहला प्राइवेट स्पेस स्टेशन निर्माण कर रहा है। इस कंपनी के मुताबिक भविष्य में इसका स्टेशन मानव मिशन को अंतरिक्ष में और आगे ले जाने में मदद करेगा।

आईएसएस पर पहुंचे चार निजी अंतरिक्ष यात्री कौन हैं ?
कमांडर माइकल लोपेज-अल्जीरिया। 63 वर्षीय अल्जीरिया यूनाइटेड स्पेस शटल प्रोग्राम के पुराने खिलाड़ी हैं।
पायलट लैरी कॉनोर- ये एक अनुभवी एरोबेटिक पायलट, उद्यमी, और समाजसेवी हैं।
मार्क पैथी- मिशन स्पेशियलिस्ट, उद्यमी, निवेशक और समाजसेवी हैं।
एयटन स्टिब्बे- मिशन स्पेशियलिस्ट हैं और इजरायली एयरफोर्स के पूर्व फाइटर पायलट रहे हैं और उद्यमी भी हैं।
अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) मौजूदा समय में पृथ्वी से 418 किलोमीटर की ऊंचाई पर इसकी कक्षा में परिक्रमा कर रहा है।

4 निजी यात्री सिर्फ 10 दिनों के लिए अंतरिक्ष में क्यों गए हैं ?
मिशन की ओर से जारी बयान के मुताबिक यह अंतरिक्ष दल करीब 100 घंटों तक 25 अलग-अलग प्रकार का प्रयोग करेगा। इन प्रयोगों में सेल्युलर बायोलॉजी टेस्ट भी शामिल होगा, जो कैंसर का पता लगाने और कैंसर से पूर्व वाली स्थिति की जांच पर फोकस होगा। इसके अलावा नए तरह के एयर फिल्टरों की टेस्टिंग, ऑटोमेटेड स्पेस स्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन प्रोटोटाइप और बाकी प्रयोग भी इस मिशन में शामिल होंगे। इस मिशन से प्राप्त डेटा का इस्तेमाल भविष्य में मानव शरीर क्रिया विज्ञान पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव के आकलन के लिए भी किया जाएगा।

क्या ये चारों अंतरिक्ष यात्री मिशन के लिए प्रशिक्षित हैं?
एक्सिओम स्पेस के मुताबिक प्रत्येक अंतरिक्ष यात्रियों ने कम से कम 1,000 घंटों की व्यापक ट्रेनिंग ली हुई है और तब जाकर वह इस मिशन को अंजाम देने के लिए तैयार हुए हैं। जाहिर है कि इस मिशन के बाद भविष्य में भी इस तरह के और मिशन लॉन्च करने की संभावना बढ़ेगी और अलग-अलग तरह की रिसर्च के लिए प्रशिक्षण देकर ऐसे विशेषज्ञों को अंतरिक्ष में भेजा जा सकेगा।

क्या ये अंतरिक्ष यात्री अपने साथ कुछ ऐतिहासिक चीजें भी लेकर गए हैं ?
चालक दल के इन सदस्यों ने कुछ ऐतिहासिक चीजें भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाने में सफलता पाई है। इनमें राइट ब्रदर्स के पहले एयरक्राफ्ट के कपड़े का एक टुकड़ा और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग से जुड़ी यादगार चीजें भी शामिल हैं। अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर गए ये चारों अंतरिक्ष यात्री 10 दिनों के मिशन में कुल 8 दिन तक आईएसएस पर पृथ्वी की निचली कक्षा में गुजारेंगे। (पहली तीनों तस्वीर-सौजन्य: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के ट्विटर वीडियो से)












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