चीन में पीछे से छेद वाली पैंट क्यों पहनते हैं बच्चे?
अगर आप किसी बच्चे को गली, पार्क या शॉपिंग सेंटर में सरेआम उकड़ूं बैठकर शौच कर देखें तो आप क्या सोचेंगे? चीन में ऐसा होते दिखना आम बात है.
बच्चों को चलने-फिरने में दिक्कत न हो इसलिए चीन के बहुत से लोग उन्हें एक तरह की पारंपरिक ड्रेस पहनाते हैं. इसे 'कई डांग कू' कहा जाता है.
यह एक ख़ास तरह की पैंट होती है जिसके पिछले हिस्से में बड़ा से छेद होता है. ये सच है कि पहले की तुलना में अब इनका कम इस्तेमाल होता है लेकिन ये चलन खत्म भी नहीं हुआ है.
विदेशियों को इस तरह की पैंट का कोई मतलब समझ नहीं आता. बाहर से आए ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि ये अच्छी आदत नहीं है और इससे बच्चों को परेशानी होती है.
ब्राज़ील से हाल ही में बीजिंग शिफ़्ट हुए एक वकील ने बीबीसी से बताया, "पिछले हफ़्ते मैं बीजिंग के एक महंगे शॉपिंग सेंटर गया था. मैंने देखा कि वहां एक बच्चा झुककर बैठा है और पॉटी कर रहा है. फिर मैंने उसकी मां को पॉटी उठाते देखा. मैं हैरान रह गया. ये सब बहुत अजीब था."
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देखने में ये भले ही कितना गंदा लगता हो लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इससे सिर्फ़ नुकसान ही होते हैं. इसके कुछ फ़ायदे भी हैं.
फ़ायदे
चीन में लोगों का मानना है कि ऐसी पैंट पहनने वाले बच्चे जल्दी वॉशरूम इस्तेमाल करना सीखते हैं. वहीं, डायपर पहनने वाले बच्चों को वॉशरूम जाने की आदत देर से लगती है.
अगर बच्चे ग़लत जगह पर पॉटी करने के लिए बैठते हैं बड़े उन्हें रोकते हैं. चीन में तीन-चार महीने की उम्र से ही बच्चों को बाथरूम में जाना सिखाया जाता है, जबकि पश्चिमी देशों में एक-डेढ़ साल की उम्र से.
चीनी बच्चों का यह पहनावा लोगों का ध्यान इस कदर अपनी ओर खींच रहा है कि इंटरनेट पर इस बारे में बात करने के लिए बाकायदा फ़ोरम बनाए जा रहे हैं.
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'कई डांग कू' की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि चीन के ज्यादातर बाज़ारों में कपड़ों की दुकानों पर बिना छेद वाली पैंट मिलना मुश्किल होता है.
नुक़सान
इन पैंटों का नुक़सान ये है कि आपको जगह-जगह घरों के बार पॉटी करते बच्चे दिखाई देंगे. नतीजन, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और बदबू फैली रहती है जो बीमारियों को जन्म देती है. इस मामले में शहरों के मुकाबले चीन के गांवों की स्थिति ज़्यादा ख़राब है.
दुनिया में इस मुद्दे पर विवाद हो रहा है कि क्या 'कई डांग कू' का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए अच्छा है या नहीं.
कहा जा रहा है कि इसके इस्तेमाल से कई टन कूड़े का ख़तरा कम हो रहा है. कई यूरोपीय देशों में भी अब लोगों से कहा जा रहा है कि वो बच्चों को कपड़े के डायपर पहनाएं.
हालांकि अब चीनी डॉक्टर ये मानने लगे हैं कि डिस्पोजेबल डायपर का इस्तेमाल करना ज़्यादा अच्छा है. बशर्ते उन्हें जल्दी-जल्दी बदला जाए वर्ना बीमारियों का ख़तरा रहता है.
इसके अलावा डायपर के इस्तेमाल को अब स्टेटस सिंबल से जोड़कर भी देखा जाने लगा है.
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