हर तरफ सिर्फ जासूस ही जासूस.. किस फोबिया का शिकार हुआ है चीन, क्यों डरे हैं जेलर शी जिनपिंग?
China Spies are everywhere: चीन इन दिनों एक अजीब फोबिया का शिकार हो गया है और बीजिंग को अपने देश के अंदर हर जगह, चीन को कमजोर करने वाली ताकतें ही दिखाई दे रही हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को देश के अंदर हर जगह, साजिशें रचने वाले लोग ही नजर आ रहे हैं, लिहाजा चीन ने पूरे देश के लोगों की जासूसी शुरू कर दी है।
चीन के विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर्स को सिखाया जा रहा है, कि वो क्लास रूम में छात्रों की जासूसी कैसे कर सकते हैं। यहां तक कि, की पशुओं के कॉलेज में भी जासूसी की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वो चीन में छिपे विदेशी जासूसों को पकड़ सकें।

चाहे मल्टी नेशनल कंपनियां हों या फिर सोशल मीडिया, कॉलेज-यूनिवर्सिटी हों या फिर भीड़-भाड़ वाले बाजार, हर जगह चीनी जासूस अपने नागरिकों पर नजर रखते हैं। ये जासूस छात्रों को कहीं भी घेर लेते हैं, और इन जासूसों का मकसद होता, कि लोग उन्हें देख लें, ताकि डर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
चीन को जिनपिंग ने बना दिया जेल
स्थिति ये बन गई है, कि चीन में भारी संख्या में लोगों की भर्ती, सिर्फ जासूसी कर दुश्मनों को घेरने के लिए कर रहा है और चीनी विश्वविद्यालयों के पशु चिकित्सा जैसे विभागों में भी, राज्य के रहस्यों की सुरक्षा के लिए, इन जासूसों की पढ़ाई होती है। चीन के पूर्वी शहर तियानजिन में एक किंडरगार्टन ने कर्मचारियों को चीन के जासूसी विरोधी कानून को "समझने और उपयोग करने" का तरीका सिखाने के लिए एक बैठक आयोजित की थी।
रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि गंभीर आर्थिक संकट में फंसे चीन की आर्थिक स्थिति ने शी जिनपिंग को काफी कमजोर कर दिया है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसकी जानकारी दी है, जिसमें कहा गया है, कि चीन बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है, लिहाजा राष्ट्रपति शी जिनपिंग, देश में संभावित किसी भी विद्रोह को वक्त रहते कुचल देने पर ध्यान दे रहे हैं।
चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी प्रोपेगेंडा फैला रही है, कि देश पर गंभीर खतरा है और वो लोगो से कथित खतरों से बचाव के लिए अपने अभियान में शामिल होने का आह्वान कर रही है।
चीन की अर्थव्यवस्था वर्षों में सबसे खराब मंदी का सामना कर रही है, लेकिन चीन के सत्तावादी नेता शी जिनपिंग राष्ट्रीय सुरक्षा और पार्टी के नियंत्रण के खतरों को रोकने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
शी जिनपिंग ने मई में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग से कहा था, कि "हमें सबसे खराब स्थिति और चरम परिदृश्यों के लिए तैयार रहना चाहिए।" उन्होंने अधिकारियों से "वास्तविक समय की निगरानी बढ़ाने" और "वास्तविक युद्ध के लिए तैयार रहने" का आह्वान भी किया था।
एक दशक पहले चीन की सत्ता संभालने और धीरे धीरे चीन की सत्ता पर कब्जा करने वाले शी जिनपिंग, अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं और देश में आर्थिक निराशा के अलावा, पश्चिम के साथ चीन के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।
बताया जा रहा है, कि जुलाई महीने में जब चीन ने अचानक अपने विदेश मंत्री किन गैंग को पद से हटाया, तो उसके पीछे भी सुरक्षा खतरा की आशंका जताई गई थी।
चीन ने बदला जासूसी कानून
जुलाई में, चीन ने जासूसी का दायरा बढ़ाने के लिए अपने जासूसी विरोधी कानून को संशोधित किया, जिन्हें वह जासूसी की लिस्ट में रखता है। चीन में अब जासूसों की सूचना देने वाले लोगों को हजारों डॉलर का इनाम दिया जा रहा है।
पिछले महीने में, चीनी अधिकारियों ने कम से कम चार जासूसों को पकड़ने की घोषणा की है, जिनमें सीआईए द्वारा भर्ती किए गए दो लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। लेकिन, ये मामले काफी बताए जा रहे हैं, जिसका खुलासा देर से किया गया है, जैसे कि 2019 में एक विवाहित जोड़े को गिरफ्तार किया गया और अब उसकी जानकारी दी गई है।
अधिकारियों ने इस साल की शुरुआत में यह भी कहा था कि उन्होंने जासूसी के आरोप में एक अमेरिकी नागरिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, और उन्होंने एक उच्च पदस्थ चीनी अखबार के संपादक को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह एक जापानी राजनयिक के साथ भोजन कर रहे थे। हालांकि, संपादक के परिवार ने आरोपों को झूठा बताया है।












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