यूएन में कश्मीर पर बात, बोको हरम के कत्लेआम पर चुप्पी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताकर पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में उठाता रहा है, पर बोको हरम पर क्यों मूक बना है संयुक्त राष्ट्र व अमेरिका। ये सवाल अपने आप में वाजिब है। बेशक, विश्व की मानवता को खुली चुनौती दे कर नाईजीरिया में कत्लेआम कर रहे आतंकी संगठन बोको हरम ने विगत डेढ़ दो साल में हजारों लोगो को मौत के घाट उतार दिया है।

अंकुश लगाने के लिए पहल
कभी सैकड़ों छात्राओं को उठा कर उनको अपनी हवस का शिकार बनाने के लिए बंधक बना लेता है परन्तु क्या मजाल है संयुक्त राष्ट्र व अमेरिका इस संगठन पर अंकुश लगाने के लिए पहल तक नहीं कर रहे है। पाकिस्तान भी इसके खिलाफ कोई एक्शन लेने की बात नहीं करता।
वरिष्ठ चिंतक देवीसिंह रावत कहते हैं कि कोरी रस्म अदायगी की चेतावनी से इस आतंकी संगठन पर कैसे अंकुश लगेगी यह तो पूरा विश्व जानता है। कुछ समय पहले बाको हरम ने उत्तरी-पूर्वी नाइजीरिया के दमास्क में सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी । स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों ने बताया कि दमास्क में आतंकियों का शिकार बने सैकड़ों लोगों के शव मिले है।कौमी कुसुर नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, घरों, गलियों और दमास्क नदी में सैकड़ों की संख्या में शव मिले है, जिनमें से ज्यादातर सड़ चुके है।
सामूहिक कब्रें
मारे गए लोगों को 20 सामूहिक कब्रों में दफनाया गया है।शवों को दफनाने में मदद करने वाले एक नागरिक मोहम्मद सादिक ने बताया कि मरने वालों की संख्या 400 से ज्यादा हो सकती है। हालांकि, बोर्नो राज्य की सरकार ने मृतकों संख्या नहीं बताई है। सरकार की तरफ से जारी स्टेटमेंट में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की बात कही गई है।
हमला कर दिया
पिछले हफ्ते भी बोको हरम आतंकियों ने चाड लेक के पास हमला करके दर्जनों सैनिकों और नागरिकों की हत्या कर दी थी। बोको हरम आतंकी चाड लेक में स्थित करमगा आइलैंड तक मोटरबोट से आए और हमला कर दिया। हैरानी तो तब होती कि इतने कत्लेआम करने वाले बोको हरम पर फिर भी कोई एक्शन नहीं होता।












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