लेबनान की सीमा पर क्या कर रहे 900 भारतीय सैनिक, यहां हर दिन मिसाइलें दाग रही इजरायली सेना
इजरायल-हमास के बीच 7 अक्टूबर से जंग जारी है। इजराइली सेना गाजा पट्टी पर लगातार बमबारी कर रही है। इस दौरान इजराइली सेना लेबनान के आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह से भी जूझ रही है।
हिज्बुल्लाह भी इजरायल पर कई रॉकेट हमले को अंजाम दे चुका है। भारत सरकार इजराइल-हमास युद्ध में हिंसा और जानमाल के नुकसान को लेकर चिंतित है, वहीं एक और कारण है जिससे भारत गोलीबारी में फंस सकता है।

दरअसल भारतीय सैनिकों को लेबनान की दक्षिणी सीमा पर तैनात किया गया है जहां ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच गोलीबारी के कारण तनाव बढ़ गया है। भारतीय सैनिक, संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक के रूप अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
न्यूज-18 की खबर के मुताबिक लगभग 900 भारतीय सैनिक हैं जिन्हें लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के हिस्से के रूप में इजराइल-लेबनान सीमा पर तैनात किया गया है।
यूनिफिल (UNIFIL) में भारतीय सैनिक 110 किलोमीटर लंबी 'ब्लू लाइन' पर तैनात हैं, जहां अतीत में इजरायल और हिजबुल्लाह बलों के बीच भयंकर टकराव देखा गया है।
इजराइल-लेबनान सीमा के अलावा, इजराइल और सीरिया के बीच गोलान हाइट्स पर संयुक्त राष्ट्र डिसइंगेजमेंट फोर्स (यूएनडीओएफ) के हिस्से के रूप में 200 अन्य भारतीय सैनिक भी तैनात हैं।
UNIFIL की स्थापना 19 मार्च 1978 के सुरक्षा परिषद के संकल्प 425 (1978) और 426 (1978) के अनुसार की गई थी। इसका उद्देश्य दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी की पुष्टि करना, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बहाल करना, क्षेत्र में अपने प्रभावी अधिकार की वापसी सुनिश्चित करने में लेबनान सरकार की सहायता करना है।
11 अगस्त 2006 के सुरक्षा परिषद ने UNIFIL को दूसरी जिम्मेदारी भी सौंपी, जिसमें दोनों देशों में शत्रुता की समाप्ति की निगरानी करना, लेबनानी सेना की सहायता करना, नागरिक आबादी तक मानवीय पहुंच और विस्थापित व्यक्तियों की स्वैच्छिक और सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित करने में मदद करना शामिल है।
आपको बता दें कि UNIFIL शांति सैनिक 1978 के इजरायली आक्रमण के बाद से ही लेबनान सीमा पर तैनात हैं। ये एक ऐसा क्षेत्र जहां इजराइल और लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के बीच टकराव की संख्या में इजाफा देखा गया है।
भारतीय सैनिकों का उद्देश्य दोनों विवादित देशों के बीच शांति बनाए रखना है। वर्तमान में, 48 देशों के लगभग 10,500 शांति सैनिक सीमा पर तैनात हैं।
इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन ने रविवार को घोषणा की थी कि दक्षिणी लेबनान में उसकी साइट पर एक रॉकेट गोला गिरा है, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इजराइल की सेना ने लेबनान की ओर तोपखाने भी दागे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को दक्षिण-पश्चिम लेबनान में अल-बौस्तान के पास विस्फोट का पता चला।
हिजबुल्लाह ने सीमा के पास एक कृषक समुदाय शटुला पर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, जो 2006 में एक महीने तक चले युद्ध के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद से सबसे खराब सीमा-हिंसा है।












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