कौन थी माधुरी गुप्ता? पाकिस्तानी लड़के के प्यार में 'पागल' अधिकारी ने की भारत की जासूसी! कुबूल कर लिया इस्लाम
यूपी ATS ने रविवार को विदेश मंत्रालय में काम करने वाले एक युवक सत्येंद्र सिवाल को गिरफ्तार किया था। सिवाल रूस के भारतीय दूतावास में काम करता था। उस पर देश की जरूरी जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ शेयर करने के आरोप हैं। सिवाल ने प्रारंभिक पूछताछ में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार भी किया है।
इस घटना ने एक दशक पहले माधुरी गुप्ता केस की याद ताजा कर दी है, जिन्हें ऐसे ही एक जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। माधुरी गुप्ता को 2019 में दिल्ली की एक अदालत ने पाकिस्तान की आईएसआई को संवेदनशील जानकारी देने और राष्ट्रीय हित से समझौता करने के लिए दोषी ठहराया था।

दरअसल 26 नवंबर 2008 के मुंबई हमलों के तुरंत बाद इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग कार्यालय में प्रेस और सूचना के दूसरे सचिव के रूप में माधुरी गुप्ता की पोस्टिंग हुई थी। ये वो वक्त था जब भारत-पाक के बीच तनाव बहुत अधिक था, रिश्ते सबसे निचले स्तर पर थे।
इसके कुछ समय बाद भारत सरकार के अधिकारियों को खबर मिली कि 52 साल की माधुरी गुप्ता का एक 30 वर्षीय जमशेद के साथ अफेयर चल रहा है। उनकी पोस्टिंग के ठीक 8 महीने बाद माधुरी को भारत बुला लिया गया। इसके बाद उन्हें 2 अप्रैल 2010 को नई दिल्ली में माधुरी को भारत के खिलाफ साजिश रचने और जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
27 सालों का अनुभव
माधुरी ने पाकिस्तान से पहले उन्होंने इराक, लाइबेरिया, मलेशिया और क्रोएशिया में वरिष्ठ पदों पर काम किया था। उर्दू में बेहतर पकड़ होने की वजह से माधुरी को पाकिस्तान भेजा गया था। पाकिस्तान में माधुरी का काम पाकिस्तानी मीडिया को स्कैन करना और घटनाक्रम की व्याख्या करना था।
इसी दौरान इस्लामाबाद में एक स्थानीय पार्टी में माधुरी की मुलाकात जमशेद (जिम) से हुई। जमशेद के रंग-रूप-बुद्धिमता पर माधुरी मोहित हो गई। दोनों की बीच प्यार परवान चढ़ गए और जल्द ही वे सबकी नजरों में आ गए। माधुरी ने अपने कई ईमेल में जिम के बारे में बात की थी और उसकी अच्छाईयों-बुराईओं के बारे में जिक्र किया था।
माधुरी ने एक पाकिस्तानी अधिकारी को 3 अक्टूबर, 2009 को एक मेल किया था जिसमें उसने कहा था 'मैने जमशेद के लिए क्या नहीं किया लेकिन उसने मेरे साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया। उसने मेरी स्थिति को जानने की कोई कोशिश नहीं की। जमशेद को इस बात से ऐतराज है कि मैं किसी दूसरे पाकिस्तानी से सहज होती हूं।"
पाक अधिकारी से शादी करना चाहती थी माधुरी
माधुरी ने लिखा था जब तक हमारी शादी नहीं हो जाती और जब तक मैं वर्तमान नौकरी में हूं, मुझे अच्छा व्यवहार करना होगा और रहना होगा। उसने जिम के बारे में लिखा कि अपने ही लोगों के बारे में उनकी राय इतनी ख़राब क्यों है? मैं जो भी नौकरी करुंगी उसमें जिम का यह रवैया एक बड़ी बाधा होगा। मुझे घर पर पर्दे में बैठने की आदत नहीं है। शादी के बाद न तो वह खुद किसी से घुलेगा-मिलेगा और न ही मुझे किसी से घुलने-मिलने देगा।"
जिम, माधुरी के लिए महंगे गिफ्ट लाता था और उसके साथ काफी वक्त गुजारता था। यह अज्ञात है कि माधुरी को पता था या नहीं कि जिम एक प्रशिक्षित पाकिस्तानी एजेंट था जिसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण जानकारी निकालने के लिए भर्ती किया गया था। क्या 27 साल का अनुभव रखने वाली काबिल राजनयिक प्यार में इतनी मूर्ख हो सकती है? इस सवाल का जवाब आज तक कोई नहीं दे पाया है।
बहाने से बुलाया गया भारत
साल 2009 में जब माधुरी अफेयर की जानकारी दिल्ली तक पहुंच तो उसे भूटान में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन के लिए मीडिया संबंधों को सुधारने के बहाने से दिल्ली बुला लिया गया। दिल्ली पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर विश्वास के उल्लंघन, आपराधिक साजिश और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के विभिन्न अन्य प्रावधानों का आरोप लगाया गया था।
कूबूल कर लिया था इस्लाम
जब उसे गिरफ्तार किया गया तो उसने जो पहले शब्द बोले थे, वे थे: "आप लोगों को मेरे पास आने में इतना समय क्यों लगा?" माधुरी की गिरफ्तारी के बाद ऐसा दावा किया जाता रहा कि उसने पाकिस्तान में पोस्टिंग से 6 साल पहले ही इस्लाम कुबूल कर लिया था।
मिली 3 साल की सजा
मई 2018 में दिल्ली की एक निचली अदालत ने उन्हें ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के उल्लंघन में तीन साल की सजा भी सुनाई थी, लेकिन, हाईकोर्ट में अपील के कारण उनकी सजा निलंबित कर दी गई थी। इस मामले में जमानत मिलने के बाद माधुरी अजमेर के भिवाड़ी में अकेली रह रही थीं।
गुमनामी में हुई मौत
अक्टूबर 2021 में यह बात सार्वजनिक हुई कि कोविड महामारी के दौरान उनका निधन हो गया था। हालांकि, उनकी मौत का कारण कोविड नहीं था। कहा गया कि उनकी मौत डायबिटीज संबंधी बीमारियों की वजह से हुई थी।












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