फेसबुक पर फेक ID से दोस्ती पड़ी भारी, ‘पूजा’ के ट्रैप में फंसा सत्येंद्र, PAK के लिए काम करने का है आरोप
यूपी ATS ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर रविवार को एक युवक सत्येंद्र सिवाल को गिरफ्तार किया था। विदेश मंत्रालय में काम करने वाला सिवाल रूस के भारतीय दूतावास में काम करता था। उस पर देश की जरूरी जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ शेयर करने के आरोप हैं।
सिवाल ने प्रारंभिक पूछताछ में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार भी किया है। सत्येंद्र पर आरोप है कि वह 2021 में मॉस्को जाने के बाद से ही ISI के लिए काम करने लगा था। उसे वहां से अक्सर कॉल आते थे। वे लोग उसे पैसों का लालच देकर भारतीय सेना की जानकारियां हासिल करता था।

सत्येंद्र सिवाल पर पिछले छह महीने से एजेंसियों की ओर से नजर रखी जा रही थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सत्येंद्र कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर मॉस्को से भारत अपने गांव श्यामपुर, जिला हापुड़ लौटा था। उसको ATS ने मेरठ से तब गिरफ्तार किया, जब वह एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था।
एटीएस अधिकारियों ने कहा कि 27 साल के सतेंद्र सिवाल को विदेश मंत्रालय ने 2021 में सुरक्षा सहायक के रूप में रूसी राजधानी में नियुक्त किया था। सतेंद्र इस जाल में कैसे फंसा इसके पीछे की कहानी काफी फिल्मी और हैरान कर देने वाली है। ATS के मुताबिक, पाकिस्तान की किसी महिला हैंडलर ने सत्येंद्र को अपने जाल में फंसा लिया था।
सतेंद्र फेसबुक पर एक महिला की संपर्क में आया था। यह महिला ISI की एजेंट थी। उसने फेसबुक पर पूजा नाम से अपनी फर्जी आईडी बनाई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच मैसेंजर के जरिए बातें होने लगी। फिर दोनों के बीच व्हाट्सऐप पर भी बातें होने लगी। शुरुआत में हुई चैटिंग अब वीडियो कॉल तक पहुंच चुकी थी।
इस दौरान उसने सत्येंद्र को मिलने के लिए भी बुलाया था। वो महिला सत्येंद्र को महंगे गिफ्ट और पैसे भी दिया करती थी। ISI एजेंट महिला ने खुद को रिसर्चर बताया हुआ था और अपनी रिसर्च के बहाने के वह सतेंद्र को अपने हुस्न के जाल में फंसाकर खुफिया जानकारी निकलवाने लगी थी।
प्यार में 'पागल' सतेंद्र ISI एजेंट महिला के इशारों पर नाचने लगा और अपने ही देश के खिलाफ गतिविधियों को अंजाम देने लगा। सतेंद्र पर ये भी आरोप हैं कि उसने पैसे की झांसे में आकर टॉप सीक्रेट जानकारियां भी पाकिस्तानी एजेंट के साथ साझा की हैं।
फिलहाल एटीएस उसके सहयोगियों के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए उसके बैंक खातों और मोबाइल फोन को स्कैन कर रही है। सतेंद्र पर IPC की धारा 121A और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 के तरह मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे लखनऊ लाया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच सतेंद्र से पूछताछ की जा रही है।












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