कौन हैं नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक, जो बन सकते हैं ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री, जॉनसन का जाना तय?
बोरिस जॉनसन की लॉकडाउन में शराब पार्टी को लेकर गुस्सा काफी बढ़ गया है और बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, ऐसे में ऋषि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
लंदन, जनवरी 14: ब्रिटेन में लॉकडाउन लगाकर खुद शराब पार्टी करने में व्यस्त होने वाले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है और माना जा रहा है कि बोरिस जॉनसन का इस्तीफा हो सकता है। इसके साथ ही ऋषि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है, कि आखिर भारतीय मूल के ऋषि सुनक कौन हैं और उनका ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनना भारत के लिए गर्व की बात कैसे होगा।

तय है बोरिस जॉनसन का जाना?
शराब पार्टी कर फंसने वाले बोरिस जॉनसन के इस्तीफे की मांग काफी ज्यादा बढ़ चुकी है और ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन का काफी ज्यादा विरोध किया जा रहा है, लिहाजा इस बात की काफी ज्यादा संभावना है कि, बोरिस जॉनसन की कुर्सी जा सकती है और ब्रिटिश मीडिया में इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि, अगर बोरिस जॉनसन की कुर्सी जाती है, तो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री भारतीय मूल के ऋषि सुनक बन सकते हैं, जो इंफोसिस कंपनी के फाउंडर नारायण मूर्ति के दामाद हैं।

कौन हैं ऋषि सुनक?
12 मई 1980 को जन्मे ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम के बड़े राजनेता माने जाते हैं, जिन्होंने फरवरी 2020 में ब्रिटेन के वित्तमंत्री का कार्यभार संभाला था। वह कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं और 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया। ऋषि सुनक 2015 से उत्तरी यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) सीट से संसद सदस्य हैं और साउथेम्प्टन में पूर्वी अफ्रीका से आए भारतीय माता-पिता के संतान हैं। उनके माता पिता पूर्वी अफ्रीका से यूनाइटेड किंगडम गये थे। ऋषि सुनक ने अपनी शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज से प्राप्त की और बाद में उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में एमबीए किया।

पंजाब से अफ्रीका गये थे माता-पिता
ऋषि सुनक के माता पिता मूल रूप से भारत के पंजाब के रहने वाले थे और वो बाद में पूर्वी अफ्रीका चले गये थे, लेकिन फिर वो पूर्वी अफ्रीका से लंदन आ गये। ऋषि सुनक के पिता एक डॉक्टर थे, जबकि उनकी मां एक केमिस्ट थीं और दवा की दुकान चलाती थीं। राजनीति में कदम रखने से पहले ऋषि सुनक एक इन्वस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स और हेज फंड में काम करते थे और बाद में उन्होंने अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी भी बनाई। बाद में ऋषि सुनक की बनाई कंपनी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म की बाजार वैल्यू करीब 10 करोड़ पाउंड से भी ज्यादा हो गई।

गीता पर हाथ रखकर शपथ
आपको बता दें कि ब्रिटेन में काफी मशहूर हो चुके ऋषि सुनक 2017 से ही श्रीमद्भागवत गीता पर हाथ रखकर अपने पथ की शपथ लेते आए हैं और उनकी उम्र अभी सिर्फ 41 साल है। उनका परिवार पहले भारत से ईस्ट अफ्रीका गया था और फिर ईस्ट अफ्रीका से ब्रिटेन आ गया था। उनसा संबंध एक साधारण परिवार से रहा है, लिहाजा ब्रिटेन के आम नागरिकों के बीच वो काफी पसंद किए जाते हैं और उनके काम को लेकर उनकी काफी तारीफ होती है। 2020 में भी जब ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी ने सर्वे करवाया था तो ब्रिटेन की करीब 60 प्रतिशत जनता ने ऋषि सुनक को अपना पसंदीदा प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था।

2024 में होंगे ब्रिटेन में लोकसभा चुनाव
पिछले साल अगस्त में ब्रिटिश अखबार डेली मेल ने एक ओपिनियन पोल के आधार पर कहा था कि, ओपिनियन पोल से ये संभावना लगती है कि 2024 में ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन चुनाव हार जाएंगे, हालांकि, ओपिनियन पोल में 40 प्रतिशत मतदादाओं ने कहा था कि अगर ऋषि सुनक के नाम पर 2024 का चुनाव लड़ा गया, तो वो ऋषि सुनक को वोट करेंगे। डेली मेल ने पोल के आधार पर नतीजा निकाला है कि ऋषि सुनक ने बोरिस जॉनसन को धूल चटा दिया है।

काफी मजबूत स्थिति में ऋषि सुनक
अगस्त 2021 में डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक 47 प्रतिशत वोटर्स ने कहा था कि, अगले एक साल में ही बोरिस जॉनसन को अपना पद छोड़ देना चाहिए और ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री का दायित्व संभाल लेना चाहिए। डेली मेल के मुताबिक, ब्रिटिश चांसलर ऋषि सुनक टोरी वोटर्स के बीच अपनी राजनीतिक समझ और अपने व्यक्तित्व को लेकर एकतरफा पसंदीदा उम्मीदवार हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, ब्रिटेन की जनता ऋषि सुनक को एक समझदार, सुलझा हुआ, ताकतवर, काबिल और प्रधानमंत्री पद के लिए विश्वसनीय उम्मीदवार मानती है। डेली मेल के लिए पोलस्टर जेएल पाार्टनर्स ने बोरिस जॉनसन और ऋषि सुनक के बीच में ये ओपिनियन पोल करवाया था।

कैसे बने नारायण मूर्ति के दामाद?
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ऋषि सुनक की मुलाकात अक्षता मूर्ति से हुई थी, जो इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी हैं और फिर दोनों में प्यार हो गया था। ग्रेजुएशन के बाद ऋषि सुनक ने कई कंपनियों में काम करने के बाद द चिल्ड्रन इन्वेस्टमेंट फंड मैनेजमेंट और थेलेम पार्टनर्स में बतौर पार्टनर काम किया। बाद में उनकी शादी अक्षता मूर्ति के साथ हो गई और ऋषि सुनक ने भी ब्रिटेन की राजनीति में मजबूती के साथ कदम रख गिया। बतौर चांसलर सुनक ने देश में कोविड महामारी के आर्थिक प्रभावों के लिए सरकार की आर्थिक प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।












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