लिज़ ट्रस कौन हैं, जो बन सकती हैं ब्रिटेन की प्रधानमंत्री
सात साल की उम्र में लिज़ ट्रस ने अपने स्कूल में एक मॉक इलेक्शन के दौरान ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर का किरदार निभाया था.
थैचर ने 1983 में बड़े बहुमत से जीत हासिल की थी, ट्रस वो नहीं कर पाईं. इसके बारे में बात करते हुए कई सालों बाद ट्रस ने कहा, "मैंने मौके का फ़ायदा उठाते हुए, एक भावनात्मक भाषण दिया, लेकिन मुझे एक भी वोट नहीं मिला. मैंने खुद को भी वोट नहीं किया था."
39 सालों के बाद उन्हें आयरन लेडी थैचर के पदचिह्नों पर चलने का मौका मिल सकता है, उन्हें कंजर्वेटिव पार्टी का नेता और देश का प्रधानमंत्री बनने का मौका मिल सकता है.
पार्टी के सांसदों के वोटिंग के पांचों राउंड में उन्होंने पूर्व चांसलर ऋषि सुनक को पीछे छोड़ दिया. जानकार उन्हें विजेता बता रहे हैं. उन्होंने अलग-अलग सीटों में कई एशोसिएशन से अच्छे संबंध बनाए हैं.
कई मामलों में वो एक कंजर्वेटिव पार्टी के पारंपरिक सांसदों से अलग रही हैं. मेरी एलिज़ाबेथ ट्रस का जन्म 1975 में ऑक्सफ़ोर्ड में हुआ था. उनके पिता उनके पिता गणितज्ञ और मां नर्स थी. ट्रस के मुताबिक वो 'वामपंथी' थे
लिज़ ट्रस के बारे में जानकारियां
उम्र:47
जन्म का स्थान: ऑक्सफ़ोर्ड
घर: लंदन और नॉरफ़ोक
पढाई: राउंड हे स्कूल, लीड्स, ऑक्सफ़ोर्स विश्वविद्यालय
परिवार : अकाउन्टेंट ह्यूग ओ लैरी से शादी, दो किशोरियों की मां
संसदीय क्षेत्र: साउथ वेस्ट नॉरफ़ोक
जब ट्रस पांच साल की थीं, तब उनका परिवार ग्लासगो के पास पैसले में शिफ़्ट हो गया.
बीबीसी रेडियो फ़ोर से बात करते हुए उन्होंने बताया था कि उनके भाई और परिवार को बोर्ड गेम्स खेलना पसंद था, लेकिन किशोरावस्था में ट्रस को हारना बिल्कुल पसंद नहीं था और वो हारने से बेहतर भाग जाना पसंद करती थीं.
इसके बाद उनका परिवार लीड्स चला गया जहां उन्होंने राउंडहे सरकारी स्कूल में पढ़ाई की. उनके मुताबिक इस दौरान उन्होंने "फ़ेल होते और उम्मीदों के तले दबे बच्चों को देखा है."
लेकिन ट्रस के साथ वहां पढ़ने वाले कुछ लोग इसे सही नहीं मानते, इनमें गार्डियन के पत्रकार पेंगली शामिल हैं. उन्होंने लिखा है, "वो अपने बड़े होने के समय की चुनिंदा घटनाओं को बताती हैं, और बहुत आराम से अपने स्कूल और वहां के शिक्षक, जिन्होंने ने उनके पालन-पोषण में मदद की, उन्हें अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए नीचा दिखाती हैं.
ट्रस ने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में फ़िलॉसफ़ी, राजनीति और अर्थशास्त्री की पढ़ाई की और वो छात्र राजनीति में काफ़ी सक्रिय थीं. शुरुआत में वो लिबरल डेमोक्रैट थीं.
1994 में पार्टी के कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने राजशाही को ख़त्म करने के पक्षा में भाषण दिया था. उन्होंने कहा था, "हम लिबरल डेमोक्रेट के लिए समान मौके के पक्षधर है. हम नहीं मानते कि कुछ लोगों का जन्म ही राज करने के लिए हुआ है."
पहले दो चुनावों में मिली हार
ऑक्सफ़ोर्ड में ही वो कन्ज़रवेटिव पार्टी से जुड़ीं. पढ़ाई पूरी करने के बाद वो शेल और केबल एंड वायरलेस कंपनियों में बतौर आकाउंटेंट काम किया औप अपने सहकर्मी ह्यूग ओ लैरी से साल 2000 में शादी की. दोनों के दो बच्चें हैं.
ट्रस साल 2001 में वेस्ट यॉकशायर के हेम्सवर्थ से पार्टी की उम्मीदवार बनीं लेकिन चुनाव हार गईं. इसके बाद वेस्ट यॉकशायर के ही कैल्डर वैली वो 2005 में चुनाव हार गईं.
लेकिन उनकी राजनैतिक महत्वकांक्षाएं कम नहीं हुईं. वो 2006 में ग्रीनविच से काउंसलर चुनी गईं. कन्ज़रवेटिव नेता डेविड कामरून ने ट्रस को 2010 अपने प्राथमिकता वाले उम्मीदवारों की 'ए लिस्ट' में रखा था और उन्हें साउथ वेस्ट नॉरफ़ोक की सुरक्षित सीट से उतारा गया.
लेकिन कुछ सालों के बाद जब ये ट्रस की पार्टी के ही सांसद मार्क फ़ील्ड से अफ़ेयर की बात सामने आई को उन्हें एसोसिएशन के विरोध का सामना करना पजडा.
लेकिन उन्हें बाहर करने की कोशिशें नाकाम हुईं और ट्रस ने 13000 से अधिक वोटों से उस सीट पर जीत हासिल की.
उन्होंने चार और कन्सरवेटिव सांसदों के साथ 2010 में एक किताब लिखी जिसका नाम ब्रिटैनिया अनचेंज्ड था. इसमें यूके के कई नियमों को हटाने की बात कही गई ताकि दुनिया में ब्रिटेन की जगह मज़बूत की जा सके. इसके बाद से उन्हें मुक्त बाज़ार की वकालत करने वाले अग्रणी नेता की तरह देखा जाने लगा.
बीबीसी की एक डिबेट में उनके ब्रिटैनिया अनचेंज्ड के एक कमेंट पर सवाल उठाए गए. उन्होंने ब्रिटाती वर्कर्स को "दुनिया में सबसे आलसी" बताया है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया ये उन्होंने नहीं लिखा है.
सास 2012 में, सांसद बनने के सिर्फ़ चार सालों बाद वो सरकार में शिक्षा मंत्री बन गईं औऱ 2014 में पर्यावरण मंत्री बन गईं.
साल 2015 में ट्रस ने एक भाषण में कहा, "हम अपना दो तिहाई चीज़ (खाने वाली) आयात करते हैं. ये हमारे लिए शर्म की बात है." इसके लिए उनका बहुत मज़ाक बना था.
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ब्रेक्सिट पर यू-टर्न
इसके एक साल से भी कम समय के बाद ईयू रेफरेन्डम का समय आया. ट्रेस ने सन अख़बार में लिखा कि ब्रेक्सिट "एक ट्रिपल ट्रैजेडी होगी - ज़्यादा नियम, कई फ़ॉर्म और यूरोपीय यूनियन को बेचने में बहुत ज़्यादा देरी होगी."
हालांकि जब उनके पक्ष की हार हुई तो उन्होंने अपनी धारणा बदल ही और कहा कि ब्रेक्सिट एक मौका है "जिस तरह से चीज़े काम कर रही हैं उन्हें हिलाने का"
टेरिसा मे के कार्यकाल में, वो कानून मंत्री कहीं और फिर ट्रेज़री की मंत्री रहीं. जब बोरिस जॉनसन 2019 में प्रधानमंत्री बने, तो ट्रस को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मंत्री बनाया गया.
साल 2021 में, 46 साल की उम्र में वो सरकार के सबसे वरिष्ठ पदों में से एक पर काबिज़ हुईं, डोमिनिक राब के बाद उन्होंने विदेश मंत्री का पद संभाला.
इस पद पर रहते हुए उन्होंने नॉर्दन आइलैंड प्रोटोकॉल की जटिल समस्या को सुलझाने की कोशिश की. इसके लिए उन्होंने पोस्ट ब्रेक्सिट डील के कई प्रावधानों को रद्द किया. इस कदम की ईयू ने काफ़ी आलोचना की थी.
इसके अलावा उन्होनें दो ब्रितानी-ईरानी नागरिकों को छुड़ाया जिन्हें गिरफ़्तार किया गया था और हिरासत में लिया गया था. और जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो उन्होंने एक कड़ा स्टैंड लेते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि व्लादिमीर पुतिन की पूरी सेना को देश से निकाल देना चाहिए.
लेकिन यूके के उन लोगों का समर्थन करने के लिए उनकी आलोचना हुई जो यूक्रेन में लड़ना चाहते थे.
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कैंपेन से जुड़े विवाद
ट्रस का कैंपेन भी विवादों से दूर नहीं रहा है. उनसे जब पूछा गया कि कॉस्ट ऑफ़ लिविंग की समस्या के कैसे जूझेंगी तो उन्होंन कहा कि वो टैक्स का बोझ कम करने पर ध्यान देंगी लेकिन हैंडआउट (मुफ़्त ज़रूरत के सामान, पैसे आदि.) नहीं देंगी.
सरकारी कंपनियों में मिलने वाली पगार को इलाकों की महंगाई से जोड़ने वाले उनके प्लान को उन्हें वापस लेना पड़ा क्य़ोंकि उनकी पार्टी के कई नेताओं ने इसकी आलोचना की और कहा कि इसके कारण लंदन के बाहर रहने वाले लोगों की पगार काफ़ी कम हो जाएगी.
उन्होंने स्टॉटलैंड की मंत्री निकोला सटरजन को "ध्यान आकर्षित करने वालीं" कहा, साथ ही उन्होंने कहा कि वो उन्हें "नज़रअंदाज़ करने" की पूरी कोशिश करती हैं.
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बावजूद इसके पोल बताते हैं कि वो पार्टी में अपने प्रतिद्वंदी ऋषि सुनके से काफ़ी आगे हैं. कई लोगों का मानना है कि ट्रस अपने पहनावे जिसमें फ़र और टोपी शामिल हैं, उनसे थैचर की तरह दिखने की कोशिश करती हैं.
लेकिन ट्रस ने इससे इनकार किया है. उन्होंने जीबी न्यूज़ से कहा, "ये परेशान करने वाली बात है कि महिला नेताओं की तुलना हमेशा मार्गरेट थैचर से की जाती है, लेकिन पुरुष नताओं की तुलना टेड हीथ से नहीं होती."
लेकिन कन्ज़रवेटिव पार्टी मे इस तरह की तुलना से नुकसान नहीं होता.
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