Lashkar Terrorist: सैफुल्लाह ही नहीं, 2 साल में 16 आतंकवादी लगे ठिकाने, हाफिज सईद हुआ बर्बाद
Lashkar Terrorist: रविवार को खूंखार आतंकवादी और 2006 में RSS हैडक्वार्टर पर हुए आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड रजाउल्लाह निज़ामनी उर्फ अबू सैफुल्लाह खालिद की पाकिस्तान के सिंध में अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी। उसका अंतिम संस्कार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हुआ, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के कई आतंकवादी शामिल हुए। ये पहला मामला नहीं है जब पाकिस्तान में आतंकवादी मारे जा रहे हैं। इसके पहले भी आतंवादियों के मरने का सिलसिला चलता रहा है। 2 साल में तकरीबन 16 बड़े आतंकवादियों को ऊपर पहुंचाने का काम किया गया।
और भी आतंकवादी लगे ठिकाने
सैफुल्लाह की मौत से पहले, हाफ़िज़ सईद से जुड़े आतंकवादी अबू क़ताल को 16 मार्च को पाकिस्तान में मार गिराया गया था। कश्मीर में सेना पर बड़े हमलों की साजिश रचने के लिए मशहूर अबू क़ताल की मौत लश्कर के लिए काफी बड़ा झटका थी। दिसंबर 2023 में हाफ़िज़ सईद के एक और करीबी आतंकी हंजला अदनान कराची में मारा गया था। इसके अलावा, सितंबर 2023 में रियाज़ अहमद उर्फ़ अबू कासिम की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। इस लिस्ट में मौलाना काशिफ अली, मुफ्ती शाह मीर, रहीम उल्लाह तारिक, अकरम गाजी, ख्वाजा शाहिद, जिया उर रहमान, कारी एजाज आबिद, दाऊद मलिक, अदनान अहमद, बशीर अहमद पीर, जहूर इब्राहिम, मेजर दानियाल और रियाज अहमद का भी नाम शामिल है। जिन्हें अलग-अलग तारीखों में अलग-अलग जगहों पर अज्ञात हमलावरों ने ठोक दिया। इन हत्याओं को हाफ़िज़ सईद के आतंकी गुट LeT को जो डेंट दिया है वह उससे उभर नहीं पा रहा है।

मरते-मरते बच गया था हाफिज सईद
हाल के महीनों में, हाफ़िज़ सईद के कई करीबी सहयोगी पाकिस्तान भर में मारे गए हैं। साथ ही हाफ़िज़ सईद अपने लाहौर आवास के पास एक आत्मघाती बम विस्फोट में बच गया था। इन घटनाओं को उसके और उसके नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण झटके के रूप में देखा जाता है। मारे गए ये सभी आतंकी लंबे वक्त से अलग-अलग गुटों की रडार पर रहे हैं। इनके कोर कॉम्प्टीटर ग्रुप और बलूच लिबरेशन आर्मी के एजेंट भी इन्हें मार रहे हैं।
लश्कर के आतंकियों में ऑपरेशन सिंदूर का डर
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं ने मुरीदके में लश्कर के मुख्यालय को निशाना बनाया था, जिसे पूरी तरह से तबाह कर दिया गया। इसी वजह से भारत द्वारा घोषित किए आतंकवादियों की सुरक्षा बड़ा दी गई है। जिन आतंकियों की सुरक्षा बढ़ाई गई है उसमें हाफ़िज़ सईद और उसका बेटा तल्हा सईद सबसे टॉप पर हैं।
लश्कर का लाव-लश्कर बिखरा
इन हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों एक के बाद एक हत्या, पाकिस्तान के भीतर लश्कर-ए-तैयबा के नेताओं के सामने अब बड़ा सवाल है। दहशत इतनी बढ़ गई है कि भर्तियों में अच्छे ऑफर देने के बाद भी अब लोग उसका आतंकवादी संगठन ज्वॉइन नहीं करना चाहते। क्योंकि कुछ ऐसे आतंकवादी भी मारे गए हैं जिन्हें ज्वॉइन किए कुछ ही समय हुआ था।
नेपाल तक थीं सैफुल्लाह की जड़ें
सैफुल्लाह लश्कर ए तैयबा का आतंकवादी था और नेपाल में लश्कर के अभियानों का प्रमुख चेहरा भी। इसके अलावा वह लश्कर के लिए पाकिस्तान समेत दुनियाभर में भर्तियां करता था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद, पाकिस्तान में लश्कर के सभी बड़े आतंकवादियों की सुरक्षा पाक सेना और ISI द्वारा बढ़ा दी गई है। सैफुल्लाह को बढ़ते खतरों के कारण अपने घर से बाहर अपनी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद भी वह मारा गया।
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