कौन है भारतीय मूल का एशले टेलिस? चीन लिंक और 'टॉप सीक्रेट' फाइलों से मचा अमेरिकी खुफिया महकमे में हड़कंप!
भारतीय मूल के अमेरिका के एक फॉरेन पॉलिसी एक्सपर्ट और दक्षिण एशिया मामलों के लंबे समय से सलाहकार रहे एशले टेलिस (Ashley Tellis) को गोपनीय दस्तावेज़ों को ग़ैरक़ानूनी ढंग से रखने और चीनी सरकारी अधिकारियों से कथित तौर पर मुलाकात करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। न्याय विभाग ने 64 वर्षीय टेलिस पर राष्ट्रीय रक्षा जानकारी गैरक़ानूनी रूप से रखने का आरोप लगाया है।
एफबीआई के हलफनामे के अनुसार, वर्जीनिया स्थित टेलिस के घर की तलाशी में 1,000 से ज्यादा पन्नों के 'टॉप सीक्रेट' और 'सीक्रेट' डॉक्यूमेंट बरामद हुए। ये दस्तावेज उनके घर में कई जगह-बंद कैबिनेट, बेसमेंट के डेस्क और यहां तक कि काले कूड़े के बैगों में भी-बिखरे मिले।

चीन से संदिग्ध मुलाकातें: सरकारी वकील का आरोप है कि टेलिस ने पिछले कुछ सालों में कई बार चीनी सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की।
- सितंबर 2025 में वर्जीनिया के एक रेस्तरां में हुई एक मुलाकात में उन्हें एक मनीला लिफाफा ले जाते देखा गया, जो बाहर निकलने पर उनके पास नहीं था।
- अप्रैल 2023 के एक डिनर में, उन्हें चीनी अधिकारियों के साथ ईरान-चीन संबंधों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों पर चर्चा करते सुना गया था।
- एक मुलाकात कथित तौर पर 'गिफ्ट बैग' के आदान-प्रदान के साथ समाप्त हुई थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन: कोर्ट रिकॉर्ड्स के अनुसार, टेलिस ने सितंबर और अक्टूबर 2025 में रक्षा और विदेश विभाग के भवनों से क्लासिफाइड सामग्री निकाली और प्रिंट की, जिसमें अमेरिकी सैन्य विमानों की क्षमताओं से जुड़ी फाइलें शामिल थीं।
कौन है भारतीय मूल का एशले टेलिस?
टेलिस का जन्म मुंबई में हुआ था। उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में शिकागो विश्वविद्यालय से पीएचडी हासिल की।
करियर: वह अमेरिका-भारत संबंधों पर एक सम्मानित आवाज माने जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में काम किया और वह अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु समझौते के प्रमुख वार्ताकारों में शामिल थे।
वर्तमान पद: गिरफ्तारी के समय वह वाशिंगटन थिंक टैंक कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में सीनियर फेलो और 'टाटा चेयर फॉर स्ट्रैटेजिक अफेयर्स' के पद पर थे। इसके अलावा, वह पेंटागन के ठेकेदार और विदेश विभाग के अवैतनिक सलाहकार भी थे।
आगे की कार्रवाई
अमेरिकी अटॉर्नी लिंडसे हैलिगन ने कहा है कि ये आरोप अमेरिकी सुरक्षा के लिए 'गंभीर खतरा' पैदा करते हैं। टेलिस पर राष्ट्रीय रक्षा जानकारी ग़ैरक़ानूनी ढंग से रखने का आरोप है और अगर वह दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की जेल और 250,000 का जुर्माना हो सकता है। इस मामले पर न तो कार्नेगी एंडोमेंट ने और न ही उनके वकील ने कोई टिप्पणी की है।












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