WHO in Wuhan: राज खुलने के डर से घबराया चीन, कोरोना पीड़ितों के रिश्तेदारों को चुप कराने लगा
WHO Team In Wuhan: बीजिंग। कोरोना वायरस की जांच करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम चीन पहुंची है। इस बीच चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस का शिकार हुए लोगों के रिश्तेदारों ने चीन की सरकार पर उन्हें चुप कराने का आरोप लगाया है। वुहान ही वह जगह है जहां 2019 में कोरोना वायरस का पहला केस पाया गया था। WHO की टीम यहां पर कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर जांच कर रही है।

WHO की टीम के वुहान में मौजूद होने के बीच चीन कोरोना वायरस से संक्रमित होकर मर चुके लोगों के परिजनों और रिश्तेदारों को सामने आने से रोक रहा है। वहीं वुहान में पीड़ितों के रिश्तेदारों ने वुहान में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए ऑनलाइन मुहिम शुरू की है। ऐसे ही एक करीबी परिजन ने बताया है उन्हें इस मुहिम को चलाने के दौरान सरकारी रुकावट के साथ ही निगरानी का सामना करना पड़ा है। यही नहीं उन्होंने डराया धमकाया भी गया लेकिन ये मुहिम चलती रही।
लेकिन हाल ही जब WHO की टीम पहुंची है इन लोगों पर अचानक दबाव बढ़ गया है। दरअसल चीन किसी भी तरह की आलोचना सामने नहीं आने देना चाहता जिससे अंतरराष्ट्रीय जगत में उसकी पोल खुले और बदनामी हो।
सोशल मीडिया पर निगरानी
चीन के लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीचैट पर ऐसा ही एक ग्रुप बनाया गया था जिसमें 80 से 100 पीड़ित परिवार थे। इस ग्रुप को अचानक से बिना कोई कारण बताए करीब 10 दिन पहले डिलीट कर दिया गया। ग्रुप के ही एक सदस्य ने इस बारे में जानकारी दी है।
ग्रुप के सदस्य जिसके पिता की कोविड-19 के चलते मौत हो गई थी, ने कहा "ये दिखाता है कि चीन के अधिकारी इस बात से कितना घबराए हुए हैं कि पीड़ितों के परिवार WHO की जांच टीम से मुलाकात न कर लें।"
क्वारंटीन में है WHO टीम
WHO की जांच टीम कोरोना वायरस की जांच के लिए 14 जनवरी को वुहान पहुंची हैं। जांच टीम को चीन के नियमों के मुताबिक 14 दिनों के लिए क्वारंटीन पर रखा गया है जो कि गुरुवार को खत्म हो रहा है। इसके बाद जांच टीम अपनी कार्यवाही शुरू करेगी।
ग्रुप के सदस्य ने बताया कि जैसे ही WHO टीम पहुंची हमारे ग्रुप के जबनर खत्म कर दिया गया जिससे हम दूसरे परिवारों से संपर्क खो बैठे हैं। वहीं ग्रुप का सदस्य रहे एक और व्यक्ति ने इस बारे में पुष्टि की है।
वीचैट चीन का बेहद की लोकप्रिय मैसेजिंग एप है जिसे दिग्गज कंपनी टेंसेंट संचालित करती है। वीचैट अक्सर सरकार द्वारा जारी आपत्तिजनक कंटेंट को सेंसर करता है।
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