WHO की यूरोपीय देशों से अपील, कोरोना रोकथाम के उपायों को आसान किया जाए
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडनॉम गेब्रीसस ने यूरोप के देशों को कोरोना संकट के बीच अपील की है कि वह लोगों का टेस्ट करें, उन्हें आइसोलेट करें और सभी का इलाज करें, लेकिन इसके साथ ही कोरोना की रोकथाम के लिए उपायों को भी कम किया जाए। उन्होंने कहा कि यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं, हम फिर भी अपनी अपील की जारी रखते हैं कि ये तमाम देश लोगों को ट्रेस करें, टेस्ट करें और उनका इलाज करें। इन लोगों के संपर्क में आए लोगों को भी ट्रेस करें ताकि संक्रमण कम होना लगातार जारी रहे।
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टेड्रोस ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण कम हुआ है, लेकिन अब भी यह वायरस बहुत खतरनाक है। शुरुआती तथ्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि दुनिया की अधिकतर आबादी इस वायरस के संक्रमण की संदिग्ध है। कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए दुनिया को एकजुट होकर साथ खड़ा होना होगा। तमाम देशों को स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की जरूरत है।
एक ट्वीट करके टेड्रोस ने लिखा कि सोमवार तक यूरोप में कोरोना वायरस के कुल संक्रमित मामले 1341851 हैं, जबकि 122218 लोगों की इससे मौत हो गई है। वहीं दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 2878196 है, जबकि 198668 लोगों की मौत हो गई है। वहीं अमेरिका में लगातार सैकड़ों लोगों की हर रोज मौत हो रही है। यहां पिछले चौबीस घंटों में 1303 लोगों की कोरोना वायरस की वजह से मौत हो गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को कहा था कि ऐसा कोई साक्ष्य या स्टडी नहीं है जो ये साबित करे कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके व्यक्ति को दोबारा संक्रमण नहीं होगा। डब्ल्यूएचओ ने ये बात प्रचलित हो रही उस थ्योरी को लेकर कही थी, जिसमें कहा जा रहा है कि जो लोग एक बार कोरोना से ठीक हो गए हैं, उनके शरीर ने इससे लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है, वे सुरक्षित हैं और दूसरी बार उनके संक्रमित होने की संभावना नहीं है। डब्ल्यूएचओ ने इस बारे में एक ट्वीट किया था कि ऐसे लोगों को जोखिम मुक्त नहीं कहा जा सकता है।












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