Marburg Virus: Covid 19 के बाद दुनिया में एक और जानलेवा वायरस की एंट्री, 8 दिन में खूनी मौत!
Marburg Virus: Covid 19 की दहशत से अभी दुनिया बाहर ही निकली थी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया है कि दक्षिणी इथियोपिया में कम से कम नौ लोग जानलेवा मारबर्ग वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इस वायरस को इबोला का 'चचेरा भाई' कहा जाता है, क्योंकि यह उससे काफी मिलता-जुलता है। पूर्वी अफ्रीका में फैला यह संक्रमण अत्यधिक संक्रामक माना जा रहा है, और इसे कंट्रोल करने के प्रयास जारी हैं।
सीमा पार फैलाव रोकने की कोशिशें
WHO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि संगठन "इथियोपिया को इस प्रकोप को नियंत्रित करने और संक्रमित लोगों का इलाज करने में सक्रिय रूप से सहायता कर रहा है, साथ ही सीमा पार फैलाव की संभावना को रोकने के सभी प्रयासों का समर्थन कर रहा है।"

मारबर्ग वायरस क्या है?
मारबर्ग वायरस रोग एक गंभीर बुखार पैदा करने वाली बीमारी है, जो सीधे संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकती है। यह संक्रमित शारीरिक तरल पदार्थों जैसे रक्त, लार या मूत्र के माध्यम से फैलता है। दूषित सतहों को छूने से भी इसका संक्रमण हो सकता है।
मारबर्ग वायरस इबोला वायरस परिवार से गहरा संबंध रखता है। इसकी पहचान सबसे पहले 1967 में हुई थी, जब जर्मनी के मारबर्ग और फ्रैंकफर्ट, तथा सर्बिया के बेलग्रेड में प्रयोगशाला कर्मचारी बीमार पड़े थे। यह वायरस संक्रमित जंगली जानवरों के संपर्क में आने से मनुष्यों में फैल सकता है। इसका नाम जर्मनी के मारबर्ग शहर के नाम पर रखा गया है, जहां इसका पहली बार प्रकोप फैला था।
मारबर्ग वायरस के शुरुआत लक्षण
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, मारबर्ग वायरस के शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। अन्य रिपोर्ट किए गए लक्षणों में सीने में दर्द, मतली, उल्टी और दस्त शामिल हैं।
गंभीर मामलों में अत्यधिक रक्तस्राव और कई अंगों का काम बंद होना भी हो सकता है। WHO ने चेतावनी दी है कि जो मरीज इस वायरस से संक्रमित होते हैं, उनमें बीमारी की शुरुआत के 2-7 दिनों के भीतर बिना खुजली वाले दाने विकसित हो सकते हैं।
8-9 दिन में हो जाता है खेल खत्म
पिछले रुझानों के अनुसार, मृत्यु आमतौर पर वायरस की शुरुआत के आठ से नौ दिनों के भीतर होती है, जिससे पहले तीव्र रक्तस्राव और सदमा लगता है। मारबर्ग वायरस की मृत्यु दर लगभग 50 प्रतिशत है। फिलहाल, मारबर्ग के लक्षणों का इलाज करने के लिए कोई टीका या एंटी-वायरल उपचार मौजूद नहीं है।
कई अफ्रीकी देशों में पहले भी मिल चुके हैं मामले
WHO के अनुसार, मारबर्ग के मामले पहले डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, घाना, केन्या, इक्वेटोरियल गिनी, रवांडा, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया और युगांडा में रिपोर्ट किए गए हैं। यह वायरस चमगादड़ों से मनुष्यों में फैला होगा और प्रकोप नियंत्रित होने के बाद भी कई बार दोबारा फैल सकता है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।
-
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Badshah Divorce Story: बादशाह ने रचाई थी इस ईसाई लड़की से शादी, 8 साल बाद तलाक क्यों? कौन है बेटी और कहां है? -
Badshah Second Marriage: रैपर बादशाह ने रचाई दूसरी शादी? तलाक के 6 साल बाद कौन बनीं रैपर की 'नई पत्नी' -
Iran Oil Offer to India: तेल संकट के बीच ईरान का भारत को बड़ा ऑफर! लेकिन चौंकाने वाली है तेहरान की नई शर्त -
Fact Check: 14 किलो वाले LPG सिलेंडर में 10 किलो की गैस मिलेगी? क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?












Click it and Unblock the Notifications