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व्‍हाइट हाउस ने एक भारतीय को किया 'चैंपियंस ऑफ चेंज' से सम्‍मानित

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वाशिंगटन। एनजीओ के जरिये इंटरनेट कोडिंग के बारे में शिक्षा देकर समुदाय को सशक्त बनाने के लिये एक 15 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी किशोरी को व्हाइट हाउस ने "चैंपियंस ऑफ चेंज" पुरस्कार से सम्मानित किया है।

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थॉमस जेफरसन हाई स्कूल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी की छात्रा श्वेता प्रभाकरन उन 11 महिलाओं में शामिल है, जिन्हें अपने समुदायों को सशक्त बनाने के लिए "चैंपियंस ऑफ चेंज" पुरस्कार के लिए चुना गया है।

पुरस्कार ग्रहण करने के बाद श्वेता ने कहा कि मैं जब हाई स्कूल में पहली बार कम्प्यूटर साइंस की कक्षा में बैठी थी, तब मैंने सोचा भी नहीं था कि एक दिन मैं बच्चों को कोड के बारे में सिखाउंगी। मैं वास्तव में चाहती हूं कि मेरी तरह अन्य लड़कियों को भी अच्छे शिक्षक मिलें और वे तकनीक से रूबरू हों।

श्वेता एनजीओ 'एवरीबडी कोड नाऊ' की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं जो अगली पीढ़ी के युवाओं को इंजीनियर, वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के लिए सशक्त बनाने का काम करता है।

व्हाइट हाउस ने कहा, "श्वेता के निर्देशन के तहत एनजीओ ने सैकड़ों छात्रों को कोड के बारे में बताया और स्कूलों की एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) गतिविधियों के लिए हजारों डॉलर एकत्र किए। श्वेता के माता-पिता 1998 में तमिलनाडु से अमेरिका आ गए थे।

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English summary
White House honours an Indian girl with Champions of Change award. 15 years old Shweta is the one who educated communities in internet coding through her NGO.
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