जब रूस में पीएम मोदी को याद आए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
सेंट पीटर्सबर्ग। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रूस दौरा खत्म हो गया और वह फ्रांस के लिए रवाना हो गए। इस दौरे पर भारत के लिए कई सकारात्मक बातें हुईं और इन सभी बातों के बीच ही दोनों नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया।

वर्ष 2001 में मोदी गए थे रूस
सेंट पीटर्सबर्ग में जब पुतिन और मोदी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे तो यहां पर अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि वह 16 वर्ष पहले उस प्रतिनिधिमंडल के साथ रूस आए थे जिसका नेतृत्व अटल बिहरी वाजपेयी कर रहे थे। अब वह 17 वर्ष बाद फिर से रूस आए हैं लेकिन इस बार वह पीएम के तौर पर रूस आए हैं और यह उनका सौभाग्य है। मोदी ने कहा वर्ष 2001 में रूस आए थे और तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। पीएम मोदी ने कहा, '17 वर्ष पहले एक प्रतिनिधिमंडल के साथ रूस आया था। तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और राष्ट्रपति पुतिन यहां खड़े थे और मैं एक मुख्यमंत्री के तौर पर समझौता साइन कर रहा था।' जब मोदी ने यह बात कही तो राष्ट्रपति पुतिन के चेहरे पर भी मुस्कुराहट थी।
रूस के साथ संबंधों में वाजपेयी का रोल
दरअसल जिस वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कभी मोदी रूस जाते हैं तो कभी राष्ट्रपति पुतिन भारत आते हैं, उसकी शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी ने ही की थी। साल 2000 में पुतिन भारत की यात्रा पर आए थे और यहीं भी इस सालाना सम्मेलन की नींव पड़ी थी। पिछले वर्ष अक्टूबर में यह सम्मेलन गोवा में हुआ था और तब राष्ट्रपति पुतिन भारत आए थे। इससे पहले वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी पहली बार इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए मॉस्को गए थे।












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