क्या है फिर से कोरोना की लहर आने की वजह, कहां और क्यों बढ़ रहे हैं मामले ? WHO की चेतावनी समझिए
नई दिल्ली, 17 मार्च: दुनिया भर में फिर से कोरोना के मामले बढ़ने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी देशों को चौकन्ना रहना पड़ेगा। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना की ताजा लहर चीन, हॉन्ग कॉन्ग, दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देशों समेत कई जगहों पर देखने को मिल रहे हैं, जहां अकेले बुधवार को नए इंफेक्शन के 6,00,000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यह बहुत बड़े संकट का एक छोटा सा संकेत भर हो सकता है। क्योंकि, दिक्कत ये है कि कई देशों ने टेस्टिंग की संख्या बहुत ही कम कर दी है।

कोविड के मामले क्यों बढ़ रहे हैं ?
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि एशिया और अमेरिका में जहां संक्रमण के मामले दोगुने हो रहे हैं, उसकी वजह एक हद तक कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के एक उपवंश और सुरक्षा पाबंदियों में आई गिरावट हो सकती है। संक्रमण बढ़ने की एक वजह कई देशों में वैक्सीन को लेकर फैलाई गई तरह-तरह की भ्रामक जानकारियों को भी माना गया है। भारत में भी पिछले दिनों केस में थोड़ा इजाफा देखने को मिला है, लेकिन यह अभी भी रोजाना 3,000 की संख्या से नीचे है। लेकिन, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इसको लेकर अलर्ट रहने को कहा गया है।

पश्चिम प्रशांत के देशों 25 फीसदी बढ़े मामले
दरअसल, दुनिया में कोविड इंफेक्शन में पिछले हफ्ते के मुकाबले अचानक 8 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। 7 से 13 मार्च वाले हफ्ते में विश्व में 1.1 करोड़ नए केस और 43,000 से ज्यादा मौत देखने को मिली है। जनवरी के बाद यह साप्ताहिक तौर पर पहला इजाफा रिकॉर्ड किया गया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी चीन और दक्षिण कोरिया समेत पश्चिम प्रशांत के देशों में देखने को मिल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यहां नए संक्रमण में 25 फीसदी और मौत के आंकड़ों में 27 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

दक्षिण कोरिया में हालात बेकाबू
गुरुवार को दक्षिण कोरिया में 6,21,000 नए केस और 429 मौत सामने आए हैं, जिससे वहां की पूरा स्वास्थ्य व्यवस्था ठप होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। दक्षिण कोरिया में कोविड के जितने केस सामने आ रहे हैं, उनमें एक-चौथाई से ज्यादा यानि 26 फीसदी ओमिक्रॉन के 'स्टील्थ' वेरिएंट बताया जा रहा है। वहां के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से कहा है कि पिछले महीने से इसमें 17 फीसदी का इजाफा हुआ है। जबकि, अफ्रीका में भी नए मामले 12 फीसदी और मौत 14 फीसदी बढ़े हैं। हालांकि, यूरोप में सिर्फ 2 फीसदी बढ़ोतरी देखी गई है और राहत की बात है कि अभी मौत की संख्या नहीं बढ़ी है।

यूरोप में भी फिर बढ़ने लगे हैं केस
हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोपीय देशों को बीए.2 या स्टील्थ ओमिक्रॉन और बीए.1 + बीए.2 (दोनों के मिक्स वेरिएंट) को हल्के में लेने को लेकर सख्त तरीके से आगाह किया है। यूरोप के देशों में ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंग्डम में केस बढ़े हैं। लेकिन, सिर्फ जर्मनी ने ही खतरे को लेकर चिंता जताई है और वहां के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि हालात बिगड़ रहे हैं। बता दें कि दुनिया भर में अबतक 46 करोड़ से ज्यादा लोग कोविड से संक्रमित हो चुके हैं और 60 लाख से अधिक लोगों की यह वायरस जान ले चुका है।

इन देशों से आ रही है अच्छी खबर
वैसे दुनिया के दूसरे देशों में फिलहाल केस घटने का ट्रेंड दिख रहा है। हालांकि, पूर्वी भूमध्य क्षेत्र में मौतों की संख्या में अप्रत्याशित 34 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह कोविड के पिछले मामलों की वजह से हो सकता है। वैसे कोहराम मचने के बाद हॉन्ग कॉन्ग में भी इस महीने से स्थिति में सुधार दिख रही है और हो सकता है कि वहां पाबंदियों में छूट देने पर भी विचार हो। चीन की दावों पर यकीन करें तो महामारी के बाद से अबतक एक दिन में सबसे ज्यादा 5,000 केस आने के बाद बुधवार को यह संख्या घटकर 3,000 हो गई थी।

दहशत मचाने वाले नए वेरिएंट कौन हैं ?
बीए.2 या स्टील्थ ओमिक्रॉन, ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक सबवेरिएंट है। माना जा रहा है कि यह अपने मूल वेरिएंट से भी ज्यादा संक्रामक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की चिंता की वजह भी यही है। हालांकि, अभी तक ऐसा संकेत नहीं है कि इसकी वजह से ओमिक्रॉन मूल वेरिएंट से ज्यादा गंभीर बीमारी होती है। बीए.1 + बीए.2 (दोनों के मिक्स वेरिएंट) सबसे पहले इजरायल में पाया गया था। एक्सपर्ट इसको लेकर इसीलिए चेतावनी दे रहे हैं, क्योंकि इसके बारे में पता नहीं है कि क्या यह मूल वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक है या फिर नहीं है। इसे इजरायल आने वाले दो हवाई यात्राओं में पाया गया था।












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