आईएसआईएस के छक्के छुड़ा रही रूस की सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्स
मॉस्को। रूस की सेनाओं ने सीरिया में आईएसआईएस आतंकियों के खिलाफ हमले और तेज कर दिए हैं। रूस ने सीरिया में न सिर्फ अपने सबसे बेहतरीन जेट्स को डेप्लॉय किया है बल्कि रशियन आर्मी की स्पेशल फोर्स स्पेतस्नैज को भी भेजा है।
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स्पेतस्नैज न सिर्फ रूस बल्कि दुनिया की कुछ सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्सेज में से एक मानी जाती है। यह फोर्स अमेरिका के उस नेवी सील से भी खतरनाक करार दी जाती है जिसने अल कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन का सफाया किया था।
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अफगानिस्तान का सोवियत वॉर हो या फिर चेचेन आतंकियों को ढेर करना हो, स्पेतस्नैज ने हर मोर्चे पर कामयाबी हासिल की है। एक नजर डालिए इस फोर्स की कुछ खास बातों पर जो आपको वाकई हैरान कर देंगी।

आतंकियों का खात्मा एकमात्र लक्ष्य
इस स्पेशल फोर्स को दिल में जेहादियों और आतंकियों के लिए कोई जगह नहीं है। चेचेन्या के खूनी संघर्ष के दौरान ही कमांडोज को इस तरह से तैयार किया गया था कि वे किसी भी सूरत में जेहादियों को बचकर जाने न दें।

दुनिया में सबसे कठिन ट्रेनिंग
स्पेतस्नैत की ट्रेनिंग अमेरिकी नेवी सील की ट्रेनिंग की तुलना में भी कहीं ज्यादा खतरनाक और कठिन होती है।

हाथ के हथियारों से काम तमाम
यह दुनिया की पहली स्पेशल फोर्स है जिसके कमांडोज को ऐसे ट्रेनिंग दी जाती है कि वे अपने पास मौजूद हर तरह के हथियारों से दुश्मन का खात्मा कर सकें। इन्हें सबसे ज्यादा ट्रेनिंग इस बात की मिलती है कि वह करीबी युद्ध की स्थिति में कैसे अपने हाथ के प्रयोग से आतंकियों को खत्म कर सकते हैं।

कौन-कौन से हथियार
इस फोर्स को कोवर्ट ऑपरेशंस के लिए जरूरी सारे हथियार मुहैया कराए जाते हैं। इनके पास एकेएस-74यू कार्बाइन, एक9 असॉल्ट राइफल से लेकर पीपी19 बाइजॉन सबमशीन गन तक मौजूद रहती है।

स्पेशल नाइफ सबसे अहम
इस फोर्स के पास भले ही कितने मॉर्डन हथियार मौजूद हों लेकिन एनआरएस-2 सर्विवाइल नाइफ सबसे अहम होती है। यह नाइफ सिर्फ एक नाइफ ही नहीं है बल्कि जरूरत पड़ने पर सिंगिल शॉट फायरिंग भी कर सकती है।

सन 1938 में आया स्पेशल फोर्स का आइडिया
रूस ने सन 1938 में देश में स्पेशल फोर्स के गठन का ख्याल किया था। रूस के मिलिट्री थ्योरिस्ट मिखाइल सेवेशेन्योकोव ने इसका आइडिया दिया था।

ग्रैंड फादर ऑफ स्पेतस्नैत
इल्या स्तारिनोव को इस फोर्स के ग्रैंड फादर के तौर जानते हैं क्योंकि उन्होंने ही इसकी शुरूआत की थी।

कितने हिस्से
रूस में आर्मी, एयर फोर्स और नेवी के पास अपनी अपनी स्पेतस्नैज की यूनिट्स हैं जिन्हें सेनाएं जरूरत के मुताबिक प्रयोग करती हैं।

स्पेशल ऑपरेशन
इस फोर्स के नाम पर कई अहम ऑपरेशंस दर्ज हैं जिसमें सबसे अहम है चेचेन आतंकियों को खात्मा करना, मॉस्को के बंधक संकट को खत्म करना और सोशी ओलंपिक 2014 से पहले आतंकी साजिश को नाकाम करना।

बहुत सोच समझकर होता है हथियारों का चयन
इस फोर्स के लिए हथियारों का चयन काफी सोच समझकर किया जाता है। हथियारों को चयन करते समय स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन में उनकी योग्यता को परखा जाता है।
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