Kafala System क्या है? सऊदी अरब में 70 साल बाद हुई खत्म, 26 लाख भारतीय प्रवासियों के लिए क्या बदलाव?
Saudi Arabia Ends Kafala System: सऊदी अरब ने दशकों पुरानी कफाला (प्रायोजन) प्रणाली को समाप्त करने का ऐलान किया है, जो 70 साल से प्रवासी श्रमिकों की जिंदगी को नियंत्रित कर रही थी। यह सुधार जून 2025 से लागू होगा और 1.3 करोड़ विदेशी कामगारों, जिसमें 26 लाख भारतीय शामिल हैं, को लाभ देगा।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। कफाला के अंत से भारतीय प्रवासियों को नौकरी बदलने, देश छोड़ने, और शिकायत दर्ज करने की आजादी मिलेगी। आइए, जानते हैं कफाला क्या थी, क्यों खत्म हुई, और भारतीयों के लिए क्या बदलेगा...

What Is Kafala System: कफाला प्रणाली क्या थी? 'आधुनिक दासता' का प्रतीक
कफाला (अरबी में 'प्रायोजन') 1950 के दशक में शुरू हुई थी। इसमें सऊदी नियोक्ता (कफील) प्रवासी के वीजा और निवास की जिम्मेदारी लेता था।
- शोषण: नियोक्ता पासपोर्ट जब्त करते, वेतन रोकते, और यात्रा पर पाबंदी लगाते। बिना अनुमति नौकरी बदलना या देश छोड़ना असंभव था।
- मानवाधिकार उल्लंघन: मानवाधिकार संगठनों ने इसे 'आधुनिक दासता' कहा। घरेलू कामगार, खासकर महिलाएं, शारीरिक-भावनात्मक शोषण का शिकार थीं।
- प्रभावित क्षेत्र: निर्माण, घरेलू काम, कृषि, सेवा। सऊदी की 42% आबादी (1.34 करोड़) प्रवासी हैं, जिनमें भारत, बांग्लादेश, नेपाल, फिलीपींस प्रमुख।
Why Kafala System Ends: कफाला क्यों खत्म? विजन 2030 और अंतरराष्ट्रीय दबाव
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 का लक्ष्य अर्थव्यवस्था को विविध बनाना और वैश्विक छवि सुधारना है।
- अंतरराष्ट्रीय दबाव: ILO और मानवाधिकार समूहों ने जबरन श्रम की आलोचना की। कतर ने 2022 फीफा विश्व कप से पहले कफाला सुधार किया, जिसने सऊदी को प्रेरित किया।
- प्रगतिशील छवि: सऊदी ने श्रम सुधारों से निवेश और पर्यटन बढ़ाने की रणनीति अपनाई।
Kafala System Ends Changes Indian migrants: क्या बदलाव आएंगे? प्रवासियों को नई आजादी
जून 2025 से:
- अनुबंध-आधारित रोजगार: कफील की मंजूरी बिना नौकरी बदल सकेंगे।
- स्वतंत्र यात्रा: निकास वीजा की जरूरत खत्म। बिना अनुमति देश छोड़ सकते हैं।
- शिकायत मंच: श्रमिक बिना डर के वेतन देरी या शोषण की शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
- न्याय तक पहुंच: श्रम अदालतें और ऑनलाइन पोर्टल शिकायतों के लिए।
26 लाख भारतीयों के लिए क्या मायने?
सऊदी में 26 लाख भारतीय निर्माण, स्वास्थ्य, घरेलू, और सेवा क्षेत्र में हैं। MEA ने कहा, "हम सऊदी सरकार के साथ मिलकर भारतीयों के अधिकार सुनिश्चित करेंगे।"
- लाभ: बेहतर काम की स्थिति, वेतन समय पर, शोषण पर कार्रवाई।
- चुनौतियां: छोटे नियोक्ता सुधारों का विरोध कर सकते हैं। MEA ने हेल्पलाइन (+966-11-4884141) और पोर्टल (madad.gov.in) शुरू किया।
कफाला का अंत सऊदी में भारतीय प्रवासियों के लिए नई आजादी लाएगा। विजन 2030 का यह कदम खाड़ी में श्रम सुधारों की शुरुआत है। क्या अन्य खाड़ी देश इसे अपनाएंगे? समय बताएगा।
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