Saudi-Pak Deal: पाकिस्तान-सऊदी अरब ने रक्षा समझौते पर किए हस्ताक्षर, भारत को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान
Saudi-Pak Deal: सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक ऐसा रक्षा समझौता किया है जो दोनों देशों की दशकों पुरानी दोस्ती को एक नए स्तर पर ले गया है। यह समझौता न सिर्फ उनके आपसी संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में भी बड़े बदलाव ला सकता है। आखिर इस समझौते में क्या है खास और क्या इससे भारत पर कोई असर पड़ेगा? आइए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
दोनों देशों की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रक्षा सहयोग को बढ़ाना और किसी भी तरह के हमले के खिलाफ मिलकर रोकना है। समझौते में कहा गया है कि किसी भी देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, यह समझौता 'दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक साझेदारी' और 'साझा रणनीतिक हितों' पर आधारित है। यह सालों की बातचीत का नतीजा है, जैसा कि एक सीनियर सऊदी अधिकारी ने रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को बताया।
परमाणु हथियार और भारत का रुख
जब एक सऊदी अधिकारी से पूछा गया कि क्या इस समझौते में पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी शामिल है, तो उन्होंने इसे 'एक व्यापक रक्षा समझौता' बताया, जिसमें सभी सैन्य साधन शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अल जजीरा की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि यह समझौता इजराइल द्वारा कतर की राजधानी दोहा पर किए गए हमले के दो दिन बाद हुआ था।
भारत से संबंधों पर क्या असर?
सऊदी अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि परमाणु शक्ति वाले भारत के साथ उनके संबंध पहले की तरह ही मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि, 'भारत के साथ हमारा रिश्ता पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। हम इस रिश्ते को लगातार बढ़ाते रहेंगे और क्षेत्रीय शांति में योगदान देंगे।'
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच दशकों से व्यापार और सैन्य संबंध काफ़ी गहरे रहे हैं। 1967 से पाकिस्तान ने 8,200 से ज़्यादा सऊदी सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया है और दोनों देशों ने कई संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किए हैं।












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