आखिर क्या है ये 'All Eyes on Rafah' ? क्यों दुनियाभर में हो रहा ट्रेंड?
सोशल मीडिया पर 'All Eyes on Rafah' काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसे करोड़ों लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इंस्टाग्राम से लेकर फेसबुक, एक्स पर लोग 'All Eyes on Rafah' पोस्ट को शेयर कर रहे हैं। इस मुहिम में कई सेलेब्रिटी भी शामिल हो गए हैं। जिसमे वरुण धवन, आलिय भट्ट जैसे सितारे भी शामिल हैं।
'All Eyes on Rafah' का मतलब है हर किसी की नजर राफा की तरफ। यह एक तरह की मुहिम है। इजराइल की सेना गाजा शहर पर हमले कर रही है, इस हमले पर लोगों का ध्यान खींचने के लिए इस मुहिम की शुरुआत की गई है।

सोशल मीडिया पर जो तस्वीर इस अभियान के साथ साझा की जा रही है वह एआई जेनेरेटेड है। इसे अबतक तकरीबन 4.5 करोड़ लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर चुके हैं। जिसमे फिल्मी हस्तियां, खेल जगत से जुड़े लोग, राजनीति से जुड़े लोग, एक्टिविस्ट शामिल हैं।
गाजा में इजराइल के सैनिक जमीनी हमला कर रहे हैं, जिसमे बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं। गाजा में इजराइल और हमास के बीच चल रहे टकराव पर दुनियाभर के लोगों की नजर है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे इस अभियान की वजह से दुनियाभर में यह मुद्दा गरमा गया है।
कैसे वायरल हुआ 'All Eyes on Rafah'
'All Eyes on Rafah' शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन फिलिस्तीन के कार्यालय के निदेशक डॉक्टर रिचर्ड पीपरकोर्न ने की थी। उन्होंने फरवरी माह में कहा था कि सभी की निगाहें रफा पर हैं।
इस वाक्य का उद्देश्य दुनियाभर के लोगों का ध्यान राफा की ओर खींचना था। राफा में तकरीबन 1.4 मिलियन लोगों ने शरण ले रखी है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शहर को खाली करने का आदेश दिया था।
राफा में कई लोग मारे गए
जिसके बाद रिचर्ड ने 'All Eyes on Rafah' कहते हुए दुनिया का ध्यान इस ओर खींचा था। उन्होंने कहा था कि अगर यहां हमला होता है तो लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी।
रविवार को गाजा के दक्षिणी शहर राफा पर इजराइल ने हमला कर दिया था, जिसमे 40 फिलिस्तीन नागरिकों की मौत हुई थी। जिसमे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।
इजराइल ने दिया जवाब
वहीं दुनियाभर में तेजी से वायरल हो रहे इस पोस्ट पर इजराइल ने जवाब दिया है। इसके जवाब में इजराइल ने Whats' Your Eyes Fail To See हैशटैग से दिया।
इजराइल ने कहा कि हमास के लोग हमारे देश को निशाना बना रहे हैं। हमास के लोगों ने इजराइल के पुरुषों, बच्चों, महिलाओं को बंधक बना रखा है। आखिर क्यों दुनिया इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
आखिर क्यों दुनिया उस वक्त चुप थी
इजराइल की ओर से भी तस्वीरों को साझा करके कहा गया है कि आखिर जब पिछले वर्ष 7 अक्तूबर को हमास ने हमला किया और 1160 लोगों को मौत के घाट उतार दिया, जिसमे अधिकतर आम नागरिक थे, उस वक्त लोगों ने क्यों सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया।
इजराइल का कहना है कि आतंकी हमले में 250 लोगों को बंधक बनाया गया, दर्जनों लोगों को शांति समझौते के तहत रिहा किया गया, लेकिन 99 लोग अभी भी आतंकियों के बंधक हैं। जबकि 31 की मौत हो चुकी है।












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