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क्या हुआ कि नीदरलैंड में बच्चों की वजह से सरकार गिर गई ?

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नई दिल्ली- शुक्रवार को नीदरलैंड (Netherlands ) की सरकार ने सामूहिक तौर पर इस्तीफा दे दिया। वहां बाल कल्याण योजनाओं में एक स्कैंडल सामने आया था, जिसकी वजह से हजारों डच परिवार कर्ज के बोझ से दब गए थे। इस स्कैंडल की वजह से सबसे बड़ी मार खासतौर पर वहां के जातीय अल्पसंख्यक डच परिवारों पर पड़ी थी। इस्तीफे की घोषणा करते हुए डच प्रधानमंत्री मार्क रूटे (Mark Rutte ) ने कहा है कि वह इस स्कैंडल की जिम्मेदारी लेते हैं; और आम चुनाव के बाद नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक की तरह कार्यभार संभालते रहेंगे। वैसे सर्वे बता रहे हैं कि वह नीदरलैंड में बहुत ही लोकप्रिय हैं और उनकी सत्ता में वापसी लगभग तय है।

बच्चों के नाम घोटाले का आरोप लगाकर हजारों पेरेंट्स से वसूली

बच्चों के नाम घोटाले का आरोप लगाकर हजारों पेरेंट्स से वसूली

सरकार से इस्तीफे की घोषणा करते हुए नीदरलैंड के पीएम (Dutch Prime Minister) मार्क रूटे (Mark Rutte )ने कबूल किया है कि, 'सरकार के हर स्तर पर गलतियां हुई हैं, इसकी वजह से हजारों माता-पिताओं के साथ घोर अन्याय हुआ है।' उन्होंने कबूल किया है कि 'पूरे मामले में सरकार का रोल सही नहीं रहा है।' दरअसल, एक संसदीय जांच में पाया गया है कि नीदरलैंड के टैक्स अधिकारियों ने 26,000 से ज्यादा डच माता-पिताओं पर 2012 से ही गलत तरीके से धोखाधड़ी का आरोप लगाकर नाजायज वसूली की। उसने करीब 10 हजार डच माता-पिताओं से बच्चों की सब्सिडी की एवज में हजारों यूरो लौटाने का आदेश दिया था।

'हजारों माता-पिताओं के साथ अन्याय'

'हजारों माता-पिताओं के साथ अन्याय'

एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय जांच रिपोर्ट में कहा गया कि टैक्स सर्विस के इस रवैए कि वजह से बेगुनाह परिवारों के साथ बहु बड़ा अन्याय हुआ है, जिसके चलते हजारों माता-पिता बेरोजगार (unemployment) हो गए, दिवालिया (bankruptcy )हो गए और यहां तक कि उनके बीच तलाक (divorce)तक भी हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि डच टैक्स अधिकारियों ने कानून के शासन के मूल सिद्धांतों का भी पालन नहीं किया और हस्ताक्षर नहीं होने जैसे मामूली भूलों के लिए भी माता-पिताओं के खिलाफ धोखाधड़ी की जांच शुरू की गई।

धोखाधड़ी के नाम पर जांच में भी नस्लवाद!

धोखाधड़ी के नाम पर जांच में भी नस्लवाद!

सबसे गंभीर बात तो ये है कि पिछले साल डच टैक्स अधिकारियों ने माना था कि कम से कम 11,000 परिवारों की जांच सख्ती से की गई थी, जिसकी वजह से डच प्रशासन में व्यवस्थित नस्लवाद को लेकर अलग बहस शुरू हो चुकी है। क्योंकि, दावा किया जा रहा है कि कथित घोटाले के नाम पर जिन परिवारों को निशाना बनाया गया था, उनमें से अधिकतर जातीय अल्पसंख्यक थे। दि गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक बीते हफ्ते ऐसे 20 पीड़ित परिवारों ने कई मंत्रियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाया था। उनपर सुशासन के सिद्धांतों का पालन नहीं करने, भेदभाव और बाल अधिकारों के उल्लंघन सहित आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाया था। कानूनी कार्रवाई में रूटे सरकार के कई मंत्रियों का नाम लिया गया था। (ऊपर की तस्वीरें- सांकेतिक)

रूटे की सत्ता में वापसी तय- सर्वे

रूटे की सत्ता में वापसी तय- सर्वे

हालांकि, संसदीय रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद पिछले महीने ही डच सरकार ने घोटाले के लिए गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराए गए हर परिवार को 30-30 हजार बतौर मुआवजा देने का ऐलान कर दिया था। किंग विलेम-अलेक्जेंडर (King Willem-Alexander) को सौंपे गए इस्तीफे में मार्क रूटे ने माना है कि इस कांड की राजनीतिक जिम्मेदारी उनकी कैबिनेट की है। उन्होंने कहा कि 'चीजों को फिर से इतनी गलत दिशा में जाने की अनुमति फिर कभी नहीं दी जा सकती।' वैसे रूटे 2010 से ही प्रधानमंत्री हैं और यह उनका तीसरा कार्यकाल है। 17 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले के सर्वे बता रहे हैं कि उनकी और उनकी पार्टी पीपुल्स पार्टी फॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी की लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी तय है।

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English summary
What happened that the government fell because of children in the Netherlands?
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