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अमेरिका ने जो रहस्यमयी 'चीजें' मार गिराईं, असल में वो हैं क्या ? वैज्ञानिकों ने ये बताया

अमेरिका ने चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराने के बाद ऐसी ही कई और चीजों को मार गिराने का दावा किया है। चर्चा का विषय यह है कि वो क्या चीजें हैं। लेकिन, अब उस रहस्य से भी पर्दा उठता नजर आ रहा है।

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अमेरिका ने पहले चीन के एक जासूसी गुब्बारे को मार गिराने का दावा किया और फिर आसमान में 'अनआइडेंडिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट' को मार गिराने की जैसे होड़ सी लग गई। अमेरिका ने ऐसी कई रहस्यमयी चीजों को मार गिराने का दावा किया, जिसको लेकर काफी कुछ कहा गया है। कनाडा में भी ऐसा ही हुआ। जब वैज्ञानिकों ने इसकी पड़ताल शुरू की तो अमेरिकी सरकार के दावों को लेकर कई तरह की बातें सामने आनी शुरू हुईं। लेकिन, पड़ताल करने वाले अपने काम में जुटे रहे और तब जाकर पता चला कि अचानक अमेरिकी आसमान में एकसाथ इतनी रहस्यमयी 'चीजें' कहां से आ गईं, जिसे वह मार गिराने का दावा कर रहा है।

अमेरिका और कनाडा ने दी ही बेहद सीमित जानकारी

अमेरिका और कनाडा ने दी ही बेहद सीमित जानकारी

न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक वैज्ञानिकों और वायुमंडलीय जानकारों का कहना है कि अमेरिकी सेना ने पिछले हफ्ते आसमान में जिन रहस्यमयी चीजों को मार गिराया है, वे मौसम का पता लगाने वाले बैलून, आम लोगों के ड्रोन और अन्य असैन्य एरियल गजेट में से कुछ भी हो सकते हैं। पहले एक संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराने के बाद अलास्का, उत्तर-पश्चिमी कनाडा और हूरोन लेक के ऊपर तीन दिनों तक लड़ाकू जेट ने आखिर किन चीजों को मार गिराया, उसके बारे में अमेरिका और कनाडा की ओर से बहुत ही कम जानकारी दी गई हैं।

वैज्ञानिकों का क्या कहना है ?

वैज्ञानिकों का क्या कहना है ?

वैज्ञानिकों का कहना है कि एक बात तो है कि वायुमंडल में अनेकों असैन्य चीजें मौजूद हैं। मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में वायुमंडलीय भौतिकी के प्रोफेसर रेमंड शॉ ने कहा है, 'दुनियाभर में सैकड़ों, संभवत: रोजाना 1,000 बैलून विभिन्न देशों द्वारा मौसम संबंधी जानकारी के लिए छोड़े जाते हैं।' 'वायुमंडलीय जानकारी जुटाने के लिए बिना बहुत ज्यादा खर्च किए यह एक बहुत ही अच्छा तरीका है।' अमेरिकी सेना और बाइडेन प्रशासन ने माना है कि बहुत सारी मानवरहित चीजें हैं, जिसके बारे में वे नहीं जानते कि कैसे ऊपर रहते हैं, उन्हें किसने बनाया और क्या, वह इंटेलिजेंस जुटा रहे हैं।' मिलिट्री अफसरों ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है कि जबतक वह मलबा नहीं खोज लेते, उनके लिए यह कहना मुश्किल है कि आखिर वह चीजें असल में थीं क्या। मंगलवार को व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी स्पोक्सपर्सन जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को लगता है कि वे ऐसे एरियल डिवाइस हो सकते हैं, जो कि 'कुछ व्यावसायिक या मामूली उद्देश्य के लिए हों....'

आसमान में मौजूदा ज्यादातर बैलून क्या करते हैं ?

आसमान में मौजूदा ज्यादातर बैलून क्या करते हैं ?

वैज्ञानिकों की ओर से हवा का पैटर्न, हवा की गुणवत्ता और पृथ्वी के वायुमंडल से संबंधित अन्य जानकारियों के लिए बैलून का इस्तेमाल किया जाता है। यह कई तरह की साइज में आते हैं। कई तो कुछ फीट में होते हैं तो कुछ का आकार टेनिस कोर्ट जितना भी होता है। कुछ तो 100,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ते हैं तो कुछ सैकड़ों मील तक दूर निकल जाते हैं। आमतौर पर इनसे रस्सियों या तार की सहयता से पेलोड सेंसर लटकाए जाते हैं। कनाडा के मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर एलेमु गोनसामो ने कहा है कि कुछ ऊंचाई वाले बैलून जिन्हें सिर्फ समताप मंडल में हवा की गति और दिशा जानने के लिए भेजा जाता है, उसमें सिर्फ जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगे होते हैं। खुद एलेमु जमीन पर वनस्पति का पता लगाने के लिए कैमरा वाले बैलून का इस्तेमाल करते हैं।

बैलून के अलावा ऑब्जेक्ट भी मौजूद

बैलून के अलावा ऑब्जेक्ट भी मौजूद

कनाडा के ऊपर शनिवार को जिस चीज को मार गिराया गया था, उसके बारे में वहां के रक्षा मंत्री ने कहा कि वह गुब्बारे के समान था। लेकिन, बाकी दो 'चीजें' पूरी तरह से अलग 'वस्तु' थीं। मसलन, रविवार को हूरोन लेक के ऊपर जिस ऑब्जेक्ट को टारगेट किया गया था, उसे अमेरिकी अधिकारी ने अष्टकोणीय बताया है, जिसमें से तार लटक रहे थे। मिशिगन टेक यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञानी अलेक्स कोस्तिंस्की ने कहा है, 'पेंटागन एक अष्टकोणीय को गिरा रहा है ? यह बैलून नहीं हो सकता, क्योंकि गुब्बारे की परिभाषा के मुताबिक उसकी सीमा नरम होती है और इसलिए उसे मुलायम होना पड़ता है। '

अलास्का वाली 'चीज' की ज्यादा जानकारी नहीं है

अलास्का वाली 'चीज' की ज्यादा जानकारी नहीं है

अलास्का में जिस जगह पर एक रहस्यमयी 'चीज' मार गिराई गई, वहां वैज्ञानिक कई तरह के बैलून और रॉकेट लॉन्च करने के काम करते रहते हैं। लेकिन, अलास्का फेयरबैंक्स यूनिवर्सिटी के आर्कटिक क्लाइमेट रिसर्चर जॉन वाल्श ने कहा है, 'लेकिन, मुझे नहीं लगता कि अभी वहां पर कोई ऐसा कार्यक्रम चल रहा है, इसलिए यह नहीं बताया जा सकता कि पिछले हफ्ते मार गिराई गई चीज क्या है।' शुक्रवार को अलास्का में गिराई गई चीज के बारे में ज्यादा जानकारी अज्ञात है। पेंटागन ने यह बताया है कि वह एक छोटी कार की साइज का था, जिसे 40,000 की ऊंचाई पर मिसाइल ने मार गिराया।

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    रहस्यमयी 'चीजें' असल में हैं क्या ?

    रहस्यमयी 'चीजें' असल में हैं क्या ?

    आखिरकार कई तरह की संभावनाओं को खारिज करने के बाद कुछ एक्सपर्ट जिस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं, वह ज्यादा दिलचस्प लग रहा है। रिपोर्ट के अनुसार चीनी गुब्बारे वाली घटना के बाद अमेरिकी सेना ने बेहतर रडार डेटा के लिए फिल्टरों को फिर से एडजस्ट किया है। इसके कारण छोटी से छोटी चीजें उसकी नजर में आ रही हैं, धीमी गति से बढ़ने वाली चीजें भी। इसका मतलब अब ज्यादा चीजें उनके रडार को दिखने लगी हैं। अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने मंगलवार को उन रहस्यमयी वस्तुओं के बारे में कहा कि वह पिछली सैकड़ों खुफिया रिपोर्ट से अलग नहीं हैं, जिसे 'मामूली' चीजें माना गया है। उन्होंने कहा कि 'नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड के 65 वर्षों में हमने किसी भी चीज को नहीं मारा और एक हफ्ते में तीन चीजों को गिरा दिया है।'(कुछ तस्वीरें- प्रतीकात्मक)

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