kamikaze Drone क्या हैं, जिनसे रूस मचा रहा यूक्रेन में तबाही, क्या ईरानी ड्रोन बनेगा गेमचेंजर?
रक्षा विशेषज्ञ एलेक्स गैटोपोलोस ने कहा कि, इस ड्रोन की खासियत ये है, कि पहले ये क्षेत्र में जाकर अपने टारगेट का पता लगाता है, अपने लक्ष्य का खुद पहचान करता है और फिर उसे टारगेट को ध्वस्त करता है।
kamikaze Drones in Russia-Ukraine war: पश्चिमी देशों से मिली हथियारों की बदौलत रूसी खेमे में अफरातफरी मचा चुकी यूक्रेनी सेना पर अब ईरानी ड्रोन ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। यूक्रेन की राजधानी कीव के अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन पर नये घातक रूसी हवाई हमलों की एक नई लहर में 25 से ज्यादा लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हो गए हैं। युद्ध के शुरूआती दिनों के बाद रूस का ये सबसे खतरनाक हमला है। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि, 10 अक्टूबर से शुरू हुए मौजूदा हमलों की नई सीरिज ने देश भर में कम से कम 10 क्षेत्रों को बुरी तरह से निशाना बनाया है और इन हमलों में रूस ने अपनी मिसाइलों के साथ-साथ ईरान निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल किया है, जिसने यूक्रेन में भीषण तबाही मचाई है।

क्या ईरान कर रहा ड्रोन की सप्लाई?
सोमवार को यूक्रेन की राजधानी में जिन ड्रोनों ने कहर बरपाया है, वो विस्फोटकों से भरे हुए थे और यूक्रेन ने उन ड्रोनों को "कामिकेज़" बताया है। इन ड्रोन के जरिए रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा फैसिलिटिज को निशाना बनाया और उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। राजधानी कीव के मेयर के मुताबिक, इस हमले में तीन महीने की एक बच्ची के साथ एक युवा जोड़े की मौत हो गई। हालांकि, यूक्रेनी वायु सेना ने कहा कि, उसने एक दिन में कम से कम 37 ड्रोन नष्ट कर दिए, जो ईरानी ड्रोन थे, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने रूस को हथियारों की आपूर्ति से इनकार किया है। लेकिन, कुछ बातें हैं, जिनपर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन ड्रोन्स ने लड़ाई का रूख बदलकर रख दिया है।

उन्हें 'कामिकेज़' ड्रोन क्यों कहा जाता है?
मिसाइलों को लॉन्च हो जाने के बाद 'कामिकेज़' ड्रोन्स वापस अपने बेस पर नहीं लौटते हैं, बल्कि वो एक हमले में नष्ट हो जाते हैं, इसीलिए 'कामिकेज़' ड्रोन्स को 'सुसाइड' ड्रोन्स भी कहा जाता है। अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा विशेषज्ञ एलेक्स गैटोपोलोस ने कहा कि, इस ड्रोन की खासियत ये है, कि पहले ये क्षेत्र में जाकर अपने टारगेट का पता लगाता है, अपने लक्ष्य का खुद पहचान करता है और फिर उसे टारगेट को ध्वस्त करता है। दूसरी सबसे बड़ी खासियत ये है, कि क्रूज मिसाइलों की तरह ये ड्रोन भी सैकड़ों किलोमीटर दूर लक्ष्य पर हमला कर सकते हैं, लेकिन क्रूज मिसाइलें महंगी हैं और 'कामिकेज़' एक सस्ता मगर सटीक विकल्प हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि, रूस ने 2,400 "कामिकेज़" ड्रोन खरीदे हैं, लेकिन इसका बेड़ा तेज़ी से समाप्त हो रहा है।

कहां से आ रहे हैं 'कामिकेज़' ड्रोन्स?
यूक्रेन ने दावा किया है कि, रूस ने ईरान से ड्रोन आयात किए हैं, जहां उन्हें शहीद-136 के नाम से जाना जाता है, जिसका अनुवाद "विश्वास का गवाह" के रूप में किया जाता है, लेकिन एक "शहीद" के रूप में भी। यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मायखाइलो पोडोलीक ने तेहरान पर "यूक्रेनियों की हत्याओं" के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। हालांकि, क्रेमलिन ने कोई टिप्पणी नहीं की। ईरान, जिसने पूर्वी यूरोप में नाटो की मौजूदगी को युद्ध का मूल कारण बताया है, उसने रूस को हथियारों की आपूर्ति करने से इनकार कर दिया है। रक्षा विशेषज्ञ गैटोपोलोस ने कहा कि, ड्रोन के रूसी निर्मित होने की संभावना नहीं है, क्योंकि मॉस्को "लो एंड टेक्टिकल वीपन", विशेष रूप से सशस्त्र ड्रोन विकसित करने में पीछे रहा है"।
क्या ईरान ने बेचे हैं हथियार?
वहीं, अलजजीरा की एक रिपोर्ट में किंग्स कॉलेज लंदन के एक विश्लेषक समीर पुरी ने बताया कि, 'मॉस्को और तेहरान के बीच किसी तरह का बिक्री समझौता होने की संभावना है'। पुरी ने कहा कि, इन ड्रोनों को "ईरान से खरीदा गया, युद्ध क्षेत्र में ले जाया गया और इस्तेमाल किया जा रहा था और मुझे लगता है कि इस हथियार में कुछ और जोड़कर इसे मिक्स बनाकर इसके जरिए यूक्रेनी एयरफोर्स को कनफ्यूज करना जारी रखा जाएगा।" हालांकि, पिछले दिनों रिपोर्ट आई थी, कि रूस ने ईरान से हथियार समझौता करने की कोशिश की है, लेकिन उस डील को लेकर बाद की जानकारी का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं, रूस ने उत्तर कोरिया से भी भारी संख्या में गोलीबारी खरीदा है, लेकिन उत्तर कोरिया भी अभी तक एडवांस ड्रोन सिस्टम का विकास नहीं कर पाया है।

क्या वे यूक्रेन में युद्ध की दिशा बदल देंगे?
"कामिकेज़" ड्रोन की कीमत क्रूज मिसाइलों की तुलना में काफी कम है, लेकिन वे अभी भी उतने सस्ते नहीं हैं। विश्लेषक समीर पुरी के मुताबिक, एक "कामिकेज़" ड्रोन की कीमत करीब 20 हजार डॉलर के आसपास है। उन्होंने कहा कि, 'वास्तव में देखा जाए, तो यह कीमत वाकई काफी ज्यादा है, क्योंकि आप इस तथ्य के बारे में भी सोचते हैं, कि इस हथियार का इस्तेमाल आप सिर्फ एक बार कर पाते हैं।' लेकिन, एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए यूक्रेनी वायुसेना करे प्रवक्ता ने बताया कि, 'ये यूक्रेनी सेना के लिए एक चुनौती पेश कर रहे हैं।' हालांकि, पश्चिमी देशों ने यूक्रेन से वादा किया है, कि वो ड्रोन को मार गिराने वाले हथियार यूक्रेन को देंगे, लेकिन, उनमें से ज्यादातर हथियार अभी तक नहीं आए हैं और कई हथियारों के यूक्रेन पहुंचने में अभी कई महीने और लग सकते हैं। हालांकि, समीर पुरी का मानना है कि, इस ड्रोन से यूक्रेन को भारी नुकसान तो पहुंचेगा और यूक्रेनियन को इस ड्रोन से भारी चिंता भी है, लेकिन इस हथियार के गेम चेंजर होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि, 'इस प्रकृति का कोई भी हथियार सिस्टम युद्ध का अंतिम परिणाम नहीं ला सकता है।' (कवर फोटो- प्रतीकात्मक)












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