ब्रिटेन में 'मौत का पारा हाई' देश में इमरजेंसी लागू, गर्मी से लाल हुआ आसमान
मौसम विभाग ने इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी की चेतावनी दी थी। मौसम विभाग ने देश में पहली बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की भविष्यवाणी के साथ, दो दिनों के लिए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया।
लंदन, 18 जुलाई : ब्रिटेन में हीटवेव को लेकर सोमवार और मंगलवार को नेशनल इमरजेंसी (राष्ट्रीय आपातकाल) की घोषणा की (uk declares national emergency) गई थी। आज ब्रिटेन के अधिकांश अखबारों के फ्रंट पेज पर लू (Heatwave) की खबरें दिखीं। गर्मी के कारण अपातकाल की घोषणा करने वाला देश ब्रिटेन इन दिनों मौसम की मार झेल रहा है। बता दें कि, पूरे यूरोप इस बार भीषण गर्मी की चपेट में है।

ब्रिटेन में राष्ट्रीय आपातकाल
मौसम विभाग ने इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी की चेतावनी दी थी। मौसम विभाग ने देश में पहली बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की भविष्यवाणी के साथ, दो दिनों के लिए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया।

क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक
मौसम विभाग के मुख्य मौसम विज्ञानी पॉल गुंडरसन ने पिछले हफ्ते तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की 50 प्रतिशत संभावना और उस नए अधिकतम तापमान तक पहुंचने की 80 प्रतिशत संभावना की भविष्यवाणी की थी। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रिटेन में अब तक का सबसे अधिक तापमान 25 जुलाई 2019 को 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

यूरोप भीषण गर्मी की चपेट में
यूरोप में भीषण गर्मी पड़ने की मुख्य वजह जंगल में फैली आग बताई जा रही है। खबर के मुताबिक, पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, ग्रीस और क्रोएशिया में फैली जंगल की आग के कारण कई यूरोपीय देश इस वक्त भीषण गर्मी जैसे संकट का सामना कर रही है। वैज्ञानिकों ने जंगलों में आग लगने की बड़ी वजह ग्लोबल वार्मिंग बताया है। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान की वजह से सैकड़ों लोग मौत की आगोश में समा चुके हैं। बता दें कि, यूरोप के कई देशों में लगी भीषण आग को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

रिकॉर्ड तोड़ गर्मी होगी
मौसम विभाग ने आगे बताया कि, इस दिन गर्मी सारा रिकॉर्ड तोड़ देगी। मौसम वैज्ञानिकों की इस भविष्यवाणी से देश के लोगों में हीटवेव को लेकर एक डर का माहौल व्याप्त हो गया है। अब आने वाले दिनों में ब्रिटेन के कई इलाकों में चिलचिलाती धूप से लोग परेशान होने वाले हैं। इसी वजह से देश में आपातकाल लगाया जा रहा है।

जलवायु परिवर्तन की चपेट में दुनिया
पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन की चपेट में है। जानकारों का मानना है कि, पहाड़ों के हिमखंडों की बर्फ तेजी से पिघल रही है और समंदर का पानी गर्म होता जा रहा है। इससे कई तरह के प्राकृतिक आपदा आने के संकेत अभी से मिलने शुरू हो गए हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि, अगर मौसम तेजी से गर्म होता है तो इसका सबसे बुरा प्रभाव ग्लेशियर और समुद्र पर पड़ता है।

भीषण गर्मी पड़ती रही तो तबाही मचना तय!
अगर ग्लेशियर के बर्फ पिघलेंगे तो धरती पर भारी तबाही मच जाएगी और अगर गर्मी की वजह से समुद्र का पानी गर्म होता है तो समुद्र में ज्वार भी आ सकते हैं। इसलिए हमें अभी से ग्लोबल वार्मिंग के प्रति सचेत हो जाना चाहिए। हमें प्रकृति को बचाने के लिए भरपूर प्रयास करना होगा।









Click it and Unblock the Notifications