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हम ईरान से युद्ध नहीं चाहते हैं: अमरीका

By Bbc Hindi
लावरोफ और पोम्पियो
EPA
लावरोफ और पोम्पियो

अमरीका और ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव के माहौल में अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि उनका देश ईरान के साथ युद्ध नहीं चाहता है.

रूस में बोलते हुए पोम्पियो ने कहा कि अमरीका चाहता है कि ईरान एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करे.

लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि यदि अमरीकी हितों पर हमला हुआ तो जवाब दिया जाएगा.

इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह ख़ामनेई ने भी कहा है कि अमरीका के साथ कोई युद्ध नहीं होगा.

बीते सप्ताह ही अमरीका ने जंगी जहाज़ी बेड़ा और विमानवाहक युद्धपोत को मध्य पूर्व में तैनात किया था.

हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब संयुक्त अरब अमीरात ने अपने क्षेत्र में चार जहाज़ों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए.

रिपोर्टों के मुताबिक़ अमरीकी जांचकर्ताओं ने माना कि इन घटनाओं में ईरान या सहयोगी समूह शामिल रहे होंगे.

हालांकि ईरान की भूमिका का कोई सबूत सामने नहीं आया है और ईरान ने किसी भी तरह से अपना हाथ होने से इनकार किया है. ईरान ने कहा है कि इन घटनाओं की पूरी जांच होनी चाहिए.

दूसरी ओर ईरान के साथ बढ़ते तनाव के माहौल में स्पेन ने अमरीकी नेतृत्व वाले जंगी जहाज़ी बेड़े से अपनी फ्रीजेट को वापस बुला लिया.

पोम्पियो ने क्या कहा है?

रूस के सोची शहर में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ से वार्ता कर रहे पोम्पियो ने कहा है कि अमरीका 'मौलिक रूप से' ईरान के साथ युद्ध नहीं चाहता है.

"हमने ईरान को ये भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर अमरीकी हितों पर हमला हुआ तो हम निश्चित तौर पर जवाबी कार्रवाई करेंगे."

वहीं रूसी विदेश मंत्री के साथ बातचीत में पोम्पियो ने दोनों देशों के बीच के मतभेदों को भी उठाय.

  • पोम्पियो ने कहा कि उन्होंने रूस से वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरौ का समर्थन न करने के लिए कहा लेकिन लावरोफ़ ने इससे इनकार कर दिया. लावरोफ़ ने कहा कि मादुरौ को लेकर अमरीका की धमकियां ग़ैर लोकतांत्रिक हैं.
  • पोम्पियो ने ये भी कहा कि उन्होंने रूस को चेताया है कि 2020 में होने वाले अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में वो दख़ल न दे वहीं लावरोफ़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमरीकी चुनावों में रूसी दखल का कोलाहल ख़त्म हो जाएगा.
  • यूक्रेन के मुद्दे पर पोम्पियो ने कहा कि अमरीका रूस के 2014 में क्राइमिया को अपने क़ब्ज़े में लेने को स्वीकार्यता नहीं देगा और इससे जुड़े प्रतिबंध बरकरार रहेंगे.

ईरान ने क्या कहा है?

हसन रूहानी
Getty Images
हसन रूहानी

ईरान के सरकारी टीवी और अपने ट्विटर पर जारी बयान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खमेनई ने दोहराया है कि ईरान अमरीका के साथ परमाणु समझौते पर फिर से बात नहीं करेगा. राष्ट्रपति ट्रंप बीते साल ईरान परमाणु समझौते से अमरीका को अलग कर लिया था.

खमेनई ने ये भी कहा कि , "हम युद्ध नहीं चाहते हैं. वो भी युद्ध नहीं चाहते हैं."

सोमवार को देश के धर्मगुरुओं के साथ बैठक में राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान इतना महान है कि वो किसी से डरेगा नहीं. रूहानी ने कहा, "अल्लाह ने चाहा तो हम इस मुश्किल वक़्त से सम्मान के साथ और अपना सर ऊंचा रखे हुए निकल जाएंगे और दुश्मन को हरा देंगे."

स्पेन ने क्या कहा है?

अमरीकी युद्धपोत
Getty Images
अमरीकी युद्धपोत

स्पेन का फ्रिजेट समूह मेंडेज़ नूनेज़ खादी में अमरीकी विमानवाहक पोत और जंगी बेड़े के साथ युद्धाभ्यास कर रहा था. लेकिन मंगलवार को स्पेन के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने कहा कि इस फ्रिजेट को वापस बुलाया जा रहा है क्योंकि अभियान का मक़सद बदल गया है.

स्पेन के अख़बार एल पाइस के मुताबिक स्पेन ईरान के साथ किसी भी तरह के संघर्ष में शामिल नहीं होना चाहता है.

रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बाद में समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि फ्रीजेट को अस्थायी तौर पर तब तक के लिए वापस बुलाया गया है जब तक अमरीकी विमानवाहक पोत इस क्षेत्र में है.

अचानक तनाव क्यों बढ़ गया है

अमरीका कै पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली
Getty Images
अमरीका कै पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली

चार व्यापारिक जहाज़ों के साथ घटनाएं संयुक्त अरब अमीरात के जलक्षेत्र में हुई हैं. हालांकि इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है.

संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ये हमले होरमुज़ की खाड़ी के पास फुजेरिया बंदरगाह के पास हुए.

इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है लेकिन सऊदी अरब का कहना है कि उसके दो विमानों को काफ़ी नुक़सान पहुंचा है.

एक अन्य टैंकर नार्वे में पंजीकृत था जबकि एक यूएई का ही था. अमरीकी जांचकर्ताओं ने निशाना बनाए गए सभी जहाज़ों में बड़े छेद पाए हैं. एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक इनकी वजह विस्फोटक हो सकते हैं.

हालांकि ईरान ने इन घटनाओं में शामिल होने से इनकार किया है.

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English summary
We do not want war with Iran: USA

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