वर्ल्ड कप: फ़्रांस और अर्जेंटीना का मैच क्या इतिहास का सबसे रोमांचक फ़ाइनल था

फ़ीफ़ा
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'हमने अब तक ऐसा कुछ भी नहीं देखा.'

इंग्लैंड के पूर्व डिफ़ेंडर रियो फ़र्डिनेंड ने फ़ीफ़ा विश्व कप के बेहद रोमांचक फ़ाइनल मुक़ाबले को इस शब्दों में समेटा- 'वो मुक़ाबला जिसे हममें से कई वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे बेहतरीन फ़ाइनल मुक़ाबला मान रहे हैं.'

इस मैच में सब कुछ था. सुपर स्टार लियोनेल मेसी और फ़्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबापे की टक्कर, बेहद नायकीय कमबैक और दिल थाम देने वाला पेनल्टी शूट आउट डिसाइडर.

मैच के दौरान और मैच के बाद सोशल मीडिया पर मानो लोगों की भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा हो.

दुनिया भर के फ़ुटबॉल फ़ैंस को इस मैच ने रोमांच से ऐसा बांधा कि स्क्रीन से नज़र हटाना मुश्किल हो गया. जो लोग इस मैच को क़तर के लुसैल स्टैडियम में देख रहे थे वो एक ऐतिहासिक मैच के साक्षी बन गए.

बीबीसी वन से बात करते हुए फ़र्डिनेंड ने कहा, "जो मैच आज मैंने देखा वो मेरी कल्पनाओं से परे था, दो बेहतरीन टीम जो आख़िरी क्षण तक जान लगा कर लड़ती रहीं और अंत तक कोई भी टीम हार मानने को तैयार नहीं थी."

"दो टीमों के दो सुपर स्टार कांटे की टक्कर देते हुए, हर गोल के बदले गोल...शानदार."

इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर एलन शियरर इस मैच के लिए कहते हैं, "हमारी सांसें रुक गई थीं, ये एक ऐसा फ़ाइनल था जिसे देखते हुए भी इस पर यक़ीन कर पाना मुश्किल था. मैंने कभी कुछ ऐसा, इतना बेहतरीन नहीं देखा और उम्मीद है आगे भी नहीं देख पाऊँगा. ये दिमाग़ चकरा देने वाला था."

मेसी
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अर्जेंटीना के मैनेजर लियोनल स्कैलोनी ने मैच के बाद कहा कि वह 'शांति का अहसास' कर रहे हैं और ये कहते हुए भी उनके चेहरे पर उत्साह की चमक साफ़ दिख रही थी.

उन्होंने कहा, "मैच बेहद ज़बरदस्त था, बिलकुल दीवाना बना देने वाला, ये बेहतरीन था. हम शुरुआती 90 मिनट में ही मैच जीत सकते थे. लेकिन जो हुआ और उसके बाद जो जीत मिली उसका स्वाद ही कुछ और है. "

वे पल जिसने 2022 के फ़ाइनल मुकाबले को यादगार बना दिया

  • 23 मिनट- अर्जेंटीना की ओर से मेसी ने पेनल्टी पर पहला गोल किया
  • 36 मिनट- एंजल डी मारिया ने अर्जेंटीना के लिए दूसरा गोल किया और स्कोर हो गया 2-0
  • 80 मिनट- फ्रांस की ओर से किलियन एमबापे का पहला पेनल्टी शूटआउट और स्कोर 2-1
  • 81 मिनट- किलियन एमबापे का फ़्रांस के लिए दूसरा गोल और यहाँ मामला बराबरी पर आ गया यानी स्कोर था - 2-2.
  • 108 मिनट- मेसी ने अर्जेंटीना के लिए तीसरा गोल किया और एक बार फिर अर्जेंटीना को लीड मिल गई. स्कोर हुआ 3-2.
  • 118- किलियन एमबापे की हैट्रिक. उन्होंने पेनल्टी पर गोल किया और मामला पहुँचा पेनल्टी शूटआउट की तरफ़
मेसी
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मेसी बनाम एमबापे

इस मुक़ाबले से पहले सारी निगाहें अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेसी और फ़्रांस के नौजवान स्ट़्राइकर किलियन एमबापे पर थी.

दोनों ही खिलाड़ी टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते नज़र आ रहे थे.

दोनों ही गोल्डन बूट अवॉर्ड के प्रबल दावेदार और दोनों ही अपनी टीम को उस सपने की ओर ले जा रहे थे जो ना सिर्फ़ टीम का सपना था बल्कि दोनों ही टीमों के समर्थकों का भी सपना था.

लेकिन मैच के फ़र्स्ट हाफ़ में एमबापे और फ्रांस की पूरी टीम कहीं नज़र नहीं आ रही थी, वहीं अर्जेंटीना ने चौथे मिनट में ही गोल करने की पहली कोशिश की.

मैच के शुरुआती पल में ही एलेक्सी मैक एलिस्टर की ओर से निशाने की ओर लगाई गई किक को फ्रांस के कीपर लॉरिस ने रोका.

23वें मिनट पर मेसी ने अर्जेंटीना के लिए पहला गोल किया जो एंजेल डी मारिया के साथ हुए फ़ाउल के बदले अर्जेंटीना को मिली पेनल्टी के ज़रिए मिला. और इसके 13 मिनट बाद डी मारिया ने दूसरा गोल किया.

पहले हाफ़ तक फ्रांस को बॉल हासिल करने के लिए मशक़्क़त करनी पड़ रही थी. एमबापे तो बॉल को गोलपोस्ट तक नहीं पहुँचा पा रहे थे.

फ़्रांस पर दबाव इतना था कि हाफ़ टाइम से पहले मैनेजर डिडिये डुशांप ने 41वें मिनट में दो खिलाड़ियों ओलिवियर जिरार्ड, ओसमेन डेम्बेले के बदले रैंडल कोलो मुआनी और मार्कस थुरम को मैदान में उतारा.

डी मारिया
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डी मारिया

पहले हाफ़ तक जब अर्जेंटीना 2 गोल से लीड कर रहा था और फ्रांस के खाते में एक भी गोल नहीं था तो दुनिया भर के खेल पत्रकार और जानकार इसे अर्जेंटीना के लिए 'आसान जीत' बताने लगे.

लेकिन दूसरे हाफ़ में फ़्रांस ने शानदार वापसी की.

78वें मिनट पर फ्रांस को ओटोमेंडी के फ़ाउल के कारण एक पेनल्टी मिली और यहीं से पूरा गेम पलट गया.

एमबापे ने ये पेनल्टी लिया और 80वें मिनट में फ्रांस ने पहला गोल किया और अगले ही पल जब तक अर्जेंटीनियाई डिफ़ेंस कुछ समझ पाता, एमबापे ने दूसरा गोल कर दिया.

एमबापे
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एमबापे

वो पल जब गेम पलट गया

अब तक एक तरफ़ा दिख रहे इस मैच ने रोमांच की सीमाएँ तोड़ दी थीं. लेकिन शायद मेसी के आख़िरी माने जाने वाले इस वर्ल्ड कप के फ़ाइनल की रात उनकी रात थी और 108 मिनट पर मेसी के गोल ने अर्जेंटीना को दोबारा लीड दिला दी.

लेकिन रोमांच अपने चरम पर एकबार फिर तब पहुँचा, जब 118वें मिनट पर एमबापे ने फ्रांस के लिए तीसरा गोल कर दिया.

एमबापे ने फ़ाइनल मुकाबले में हैट्रिक मारी, साल 1966 में इंग्लैंड के खिलाड़ी सर जेफ़ हर्स्ट ने इससे पहले फ़ाइनल मैच में हैट्रिक लगाई थी.

अर्जेंटीना जो दो बार फ़ाइनल मुक़ाबले से हार कर ख़ाली हाथ वापस जा चुकी थी इस बार मेसी के दम पर ट्रॉफ़ी के साथ विश्वकप से विदाई ली.

ये मैच हर फ़ुटबॉल फैन के लिए ख़ास था, अर्जेंटीना के फ़ैंस के लिए और भी ख़ास क्योंकि 36 साल का इंतज़ार पूरा हुआ.

वो कप जिसे 1986 में माराडोना ने चूमा था, उसे 36 सालों के लंबे इंतज़ार के बाद मेसी ने चूमा.

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