पेरिस के म्यूजियम से हटाया गया पुतिन का वैक्स स्टैच्यू, कहा- हिटलर जैसों को हम नहीं रखते
मॉस्को, 03 मार्च। यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दुनियाभर से आलोचनाओ का सामना करना पड़ रहा है। पुतिन अब विश्व की नजरों में खलनायक बन गए हैं, जगह-जगह उनके खिलाफ विरोध दर्ज कराया जा रहा है। पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं कुछ प्रदर्शनों में व्लादिमीर पुतिन को '21वीं सदी का हिटलर' बताया गया है। अब फ्रांस की राजधानी पेरिस के गेविन म्यूजियम ने भी पुतिन की तुलना हिटलर से कर दी है, वहां से रूसी राष्ट्रपति की मोम से बनी मूर्ति को भी हटा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक म्यूजियम के निदेशक ने बताया कि यूक्रेन पर रूस के हमले के चलते उन्होंने यह फैसला लिया है। गेविन संग्रहालय के निदेशक ने कहा, 'हमने कभी हिटलर जैसे तानाशाहों को गेविन म्यूजियम में नहीं रखा, आज हम पुतिन को नहीं रखना चाहते हैं।' पुतिन को खुद अपने ही घर में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। युद्ध का विरोध कर रहे स्कूली बच्चों को भी कथित तौर पर रूसी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक रूस के 50 शहरों में युद्ध विरोधी प्रदर्शनों के आरोप में 7000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।
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मॉस्को में विपक्षी नेताओं ने स्कूली बच्चों को पुलिस वैन में ले जाकर थानों में रखे जाने की तस्वीरें जारी की हैं। इन बच्चों का दोष यह है कि उन्होंने युद्ध के खिलाफ पोस्टर बैनर लहराए। उन्हें उग्रवाद और देशद्रोह के आरोप में जेल भेजा जा सकता है। रूस में सरकार विरोधी या युद्ध करने पर देशद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का प्रावधान है। यूक्रेन पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के राष्ट्रपति को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को सबक सिखाने का वादा किया है। बाइडेन ने कहा, 'पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ अकारण युद्ध छेड़ दिया। इसकी प्लानिंग पहले से चल रही थी। पुतिन जैसे तानाशाह दूसरे देश पर हमला करने की कीमत चुकाएंगे।'












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