पुतिन को अब बूढ़े सैनिकों से आस! नया कानून पारित, अब 40 पार के लोग बनेंगे सेना का हिस्सा
ऐसे में खुद को मजबूत करने के लिए रूस सैन्य सुधारों पर जोर दे रहा है। अब रूस में 40 पार वाले लोग भी सेना का हिस्सा बन सकते हैं।
मास्को, 29 मईः यूक्रेन-रूस युद्ध के लंब खींचने के बाद पुतिन का हौसला डगमगाने लगा है। रूस की फौज के लड़ाके लड़ते-लड़ते बुरी तरह थक गए हैं। इस कारण रूसी सेना की रफ्तार कुंद पड़ गयी है। ऐसे में खुद को मजबूत करने के लिए रूस सैन्य सुधारों पर जोर दे रहा है। अब रूस में 40 पार वाले लोग भी सेना का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

उम्र सीमा में किया बदलाव
चौथे महीने में प्रवेश कर चुके इस युद्ध में रूस को सैनिकों और सैन्य उपकरणों का खासा नुकसान उठाना पड़ा है। यही वजह है रूसी सरकार नियमों में ढील देकर सेना में और अधिक लोगों की भर्ती करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक नए कानून पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इससे पहले रूसी सेना में 18 से 40 वर्ष तक के लोगों की भर्ती की जाती थी। जबकि विदेशियों के लिए यह उम्र सीमा अधिकतम 30 वर्ष थी।

संसद में पारित हुआ कानून
रूस इस कानून के द्वारा सेना में अधिक तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने के तरीके पर काम कर रहा है। ताकि रूसी सेना में ज्यादा से ज्यादा चिकित्सक, तकनीशियन, संचार विशेषज्ञ शामिल हो सकें। रूस ने इसी हफ्ते संसद में सेना में शामिल होने वाले लोगों के लिए ऊपरी आयु सीमा को खत्म करने वाला कानून पारित किया है।

सशस्त्र बलों को मजबूत करने की जरूरत
रूसी सांसद व्याचेस्लाव वोलोदिन ने संसद के निचले सदन में कहा कि हमें रक्षा मंत्रालय की मदद के लिए अपने सशस्त्र बलों को मजबूत करने की जरूरत है। हमारे सर्वोच्च कमांडर इन चीफ व्लादिमीर पुतिन सेना को जीत दिलाने और इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए सब कुछ कर रहे हैं।

लगभग 30,000 सैनिकों की मौत
यूक्रेन और पश्चिमी सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक युद्ध में रूस को लगभग 30 हजार सैनिकों का भारी नुकसान हुआ है। वहीं रूस द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल 1,351 लोगों की मौत हुई है। हालांकि यह आंकड़ा रूस ने 25 मार्च को जारी किया था। दो मई से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी रूसी सेना ने इसे अपडेट नहीं किया है।

रूस के पास पैदल सेना की कमी
यूरोप में अमेरिकी सेना बलों के पूर्व रिटायर्ड कमांडर जनरल बेन होजेस ने कहा कि यह जगजाहिर है कि रूस मुश्किल में है। रूस का यह नया कदम देश को चिंता में डाले हुए सैनिकों की कमी को दूर करने का नवीनतम प्रयास है। बता दें कि रूसी सेना के बास पैदल सैनिकों की भारी कमी है। उम्र सीमा को हटाने के बाद यह कमी दूर हो सकती है।












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