Venezuela: वेनेजुएला ने बाइडेन प्रशासन की खोली पोल? सरकार गिराने के आरोप में 3 अमेरिकी गिरफ्तार, क्या होगा आगे
Venezuela: वेनेजुएला में उस समय हड़कंप मच गया, जब यह खबर आई कि देश के अधिकारियों ने 400 से ज्यादा अमेरिकी राइफलें जब्त की हैं और तीन अमेरिकी सहित छह विदेशी नागरिकों को सरकार गिराने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
लैटिन अमेरिकी राष्ट्र ने दावा किया है, कि गिरफ्तार किए गए विदेशी लोग चुनावों के बाद देश को "अस्थिर" करने की कथित साजिश से जुड़े थे।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के आंतरिक मंत्री डिओसाडो कैबेलो ने शनिवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में इस खबर की पुष्टि की है। मंत्री ने कहा, कि छापेमारी के बाद तीन अमेरिकी, दो स्पेनिश नागरिक और एक चेक नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। इस घोषणा से जुलाई में वेनेजुएला के विवादित राष्ट्रपति चुनाव के बाद स्पेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ देश के पहले से ही काफी तनाव बढ़ने की संभावना है।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, कैबेलो ने कहा, कि यह समूह कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था, जिसमें देश के क्रूर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हत्या की साजिश भी शामिल थी। कैबेलो ने कहा, "ये समूह देश की संपत्ति को जब्त करना चाहते हैं, और हम सरकार के रूप में किसी भी अस्थिरता लाने की कोशिश का मजबूती से जवाब देंगे।"
वेनेजुएला के एक्शन पर अमेरिका ने क्या कहा?
खबर सामने आने के कुछ ही देर बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, कि उसे पता है कि वेनेजुएला के अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में से एक अमेरिकी सैनिक भी है। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने वेनेजुएला की सरकार की तरफ से लगाए गये आरोपों का खंडन किया है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, कि "मादुरो को सत्ता से उखाड़ फेंकने की साजिश में अमेरिका की संलिप्तता का कोई भी दावा पूरी तरह से झूठा है।"
उन्होंने कहा, कि "संयुक्त राज्य अमेरिका वेनेजुएला में राजनीतिक संकट के लोकतांत्रिक समाधान का समर्थन करना जारी रखता है। हम अतिरिक्त जानकारी मांग रहे हैं। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।" अधिकारी ने गोपनीयता कारणों से ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
स्पेन में क्या स्थिति है?
स्पेन के विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया है, कि वह गिरफ्तारी के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए वेनेजुएला से पूछ रहा है। कैबेलो ने कहा है, कि मामले में गिरफ्तार किए गए स्पेनिश नागरिकों को प्यूर्टो अयाकुचो शहर में तस्वीरें लेते समय हिरासत में लिया गया था।
नाम न बताने की शर्त पर सूत्र ने कहा, "स्पेन के दूतावास ने वेनेजुएला सरकार को एक मौखिक नोट भेजा है, जिसमें हिरासत में लिए गए नागरिकों तक पहुंच मांगी गई है ताकि उनकी पहचान और उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि उन पर वास्तव में क्या आरोप है।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, कैबेलो ने स्पेन को कड़ी चेतावनी भी दी है। कैबेलो ने स्पेन की खुफिया शाखा का हवाला देते हुए कहा, "इन नागरिकों के खुफिया विभाग से संबंध हैं - हम जानते हैं, कि वे कहेंगे कि नहीं, यह झूठ है - लेकिन उनके केंद्र से संबंध हैं।"
उन्होंने कहा, "अगर स्पेन वेनेजुएला के मामलों में दखल देना जारी रखता है, तो उसे तय करना होगा कि उसे क्या करना है।"
स्पेनिश नागरिकों की गिरफ्तारी तब हुई है, जब लैटिन अमेरिकी राष्ट्र ने इस हफ्ते स्पेन में अपने राजदूत को परामर्श के लिए वापस बुलाया और स्पेनिश राजदूत को विदेश मंत्रालय में पेश होने के लिए बुलाया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, विवादित राष्ट्रपति चुनाव के बाद स्पेन के एक मंत्री ने मादुरो पर "तानाशाही" चलाने का आरोप लगाया, जिसके बाद कूटनीतिक अराजकता शुरू हो गई।
दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र ने स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की वेनेजुएला के विपक्षी उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज उरुतिया के साथ बातचीत करने के लिए भी आलोचना की, जो मादुरो के शासन द्वारा गिरफ्तारी की धमकी दिए जाने के बाद पिछले सप्ताह स्पेन भाग गए थे। 28 जुलाई के चुनाव के बाद, वेनेजुएला के विपक्ष का मानना है, कि गोंजालेज ने "सही तरीके से" चुनाव जीता है।












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