बृहस्पति ग्रह से टकराई रहस्यमयी वस्तु, निकली तेज रोशनी, पृथ्वी पर बैठे वैज्ञानिकों ने बनाया VIDEO
नई दिल्ली, 16 सितंबर: अंतरिक्ष इतना विशाल है कि उसके सभी रहस्यों को सुलझाना नामुमकिन है। सिर्फ सौरमंडल की ही बात करें, तो अभी तक हर ग्रह के बारे में वैज्ञानिकों को पूरी जानकारी हासिल नहीं हो पाई है। जिस वजह से बहुत सी घटनाएं हमेशा के लिए रहस्य ही बनी रहती हैं। अब एक शौकिया खगोलविद ने बृहस्पति ग्रह पर अजीबो-गरीब घटना को कैप्चर किया है, लेकिन इसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं हासिल हो पाई। (वीडियो-नीचे)

पृथ्वी से 382 मिलियन की दूरी
स्पेस वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मन खगोलशास्त्री हेराल्ड पालेस्के बृहस्पति के चंद्रमा की छाया देख रहे थे। इसी दौरान उनको लगा कि कोई रहस्यमयी वस्तु बृहस्पति से टकराई। जिसके बाद तेज चमक पैदा हुई। वहां से 382.76 मिलियन मील दूर पृथ्वी पर हेराल्ड ने इस घटना को रिकॉर्ड कर लिया। उन्होंने काफी देर तक उसका अध्ययन किया लेकिन उनकी समझ में ये मामला नहीं आया। नीचे दिए वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे 2 सेकंड के लिए रोशनी निकलती है। बृहस्पति से पृथ्वी की दूरी करोड़ों किलोमीटर है, जिस वजह से वीडियो धुंधला आया है।

क्या बीच में आया सेटेलाइट?
मामले में हेराल्ड ने कहा कि प्रकाश की एक तेज चमक ने मुझे चौंका दिया। जिसके बारे में मैं कुछ समझ नहीं पाया, हो सकता है कि ये किसी चीज का प्रभाव हो, या फिर हो सकता है कि ये गैस का विस्फोट हो। अगर ऐसा है, तो ये 8वां रिकॉर्डेड प्रभाव है। इसमें सबसे पहला 1994 में दर्ज किया गया था। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि जब हेराल्ड बृहस्पति को देख रहे थे, तो बीच में कोई सेटेलाइट आ गया हो, जिस वजह से वो रोशनी दिखाई दी। इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वो इस बात की पुष्टि करते हैं कि चमक बृहस्पति के वातावरण में ही थी।

ब्राजील के खगोलविद ने कही ये बात
वहीं दूसरी ओर ब्राजील में एक अन्य शौकिया खगोलशास्त्री जोस लुइस परेरा ने भी इस घटना का दस्तावेजीकरण किया। उन्होंने 12 सितंबर को ब्राजील के दक्षिणपूर्वी राज्य साओ पाउलो के साओ कैटानो डो सुल में अपने उपकरण स्थापित किए और उसे बृहस्पति की ओर सेट कर दिया। परेरा ने ProfoundSpace.org को बताया कि उन्होंने भी पहले वीडियो में एक अलग चमक देखी, लेकिन ध्यान नहीं दिया। बाद में उन्होंने हेराल्ड के दावों की जांच की जो सही पाया गया।

क्या उल्कापिंड टकराया?
वैसे खलोगविदों की राय इस मामले में अलग-अलग है। कुछ का मानना है कि अंतरिक्ष में बहुत से उल्कापिंड घूमते रहते हैं। हो सकता है कि कोई उल्का आकर बृहस्पति से टकराया हो। जिसके परिणामस्वरूप वो रोशनी उत्पन्न हुई है, जबकि कुछ वैज्ञानिक इसे गैस के विस्फोट का प्रभाव मान रहे हैं।

ब्लैक होल के पास भूतिया छल्ले
कुछ दिनों पहले नासा ने भी अंतरिक्ष में एक अजीबो-गरीब घटना रिकॉर्ड की थी। उस दौरान ब्लैक होल के पास 'घोस्ट रिंग' नजर आया था। नासा के मुताबिक ब्लैक होल और उससे संबंधित तारा प्रणाली को वी404 सिग्नी (V404 Cygni) के नाम से जाना जाता है। हाल ही में चंद्रा एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी और नील गेहरल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी ने इसकी तस्वीर खींची है। ब्लैक होल सिस्टम तारे से दूर मैटेरियल खींच रहा, जिसमें सूर्य का लगभग आधा द्रव्यमान होता है। ऐसी घटनाएं आमतौर पर एक्स-रे में दिखाई देती हैं।












Click it and Unblock the Notifications