अमेरिका ने भारत को बताया वैश्विक शक्ति, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हमारा अहम सहयोगी
वॉशिंगटन। भारत की वैश्विक पटल पर बढ़ती ताकत को अब दुनिया की सुपरपॉवर ने भी स्वीकार किया है। अमेरिका ने मंगलवार को भारत को इंडो-पैसिफिक रीजनका अहम सहयोगी करार दिया है। अमेरिका ने कहा कि हम अग्रणी वैश्विक शक्ति के रूप में भारत के उद्भव का स्वागत करते हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेट प्राइस ने कहा कि इंडो-पैसिफिक रीजन में बेहतर सुरक्षा मुहैया कराने में भारत की भूमिका अहम है।

नेड प्राइस ने कहा कि हम कूटनीतिक और सुरक्षा से जुड़े कई मसलों पर एक दूसरे के सहयोगी हैं, जिसमे रक्षा, नॉन प्रोलिफिकेशन, इंडो-पैसिफिक में क्षेत्रीय सहयोग, काउंटर टेररिज्म, शांति स्थापना, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीक, कृषि, स्पेस अहम क्षेत्र हैं। यूएनएससी में बतौर अस्थायी सदस्य भारत का अमेरिका ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, दोनों देशों के बीच व्यापार 2019 में 146 बिलियन यूएस डॉलर तक बढ़ गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका के विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच हुई वार्ता का भी जिक्र किया। प्राइस ने कहा कि ब्लिंकन ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की। मुझे लगता है कि भारत और अमेरिका के बीच काफी महत्वपूर्ण साझेदारी है। हम आगे भी भविष्य में इस साझेदारी को मजबूत करने को लेकर आश्वस्त हैं।
भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद पर राइस ने कहा कि हम स्थिति को काफी करीबी से देख रहे हैं। हम जानते हैं कि भारत और चीन के बीच बातचीत चल रही है, हम सीधे वार्ता करके सीमा विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बीजिंग पड़ोसी देशों को डराने का प्रयास कर रहा है वह चिंता का विषय है।












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