अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन-पाकिस्तान सहित इन देशों को बताया 'धार्मिक स्वतंत्रता' के लिए खतरा
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन-पाकिस्तान सहित इन देशों को बताया 'धार्मिक स्वतंत्रता' के लिए खतरा
नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बर्मा (म्यांमार), चीन, इरिट्रिया, ईरान, नाइजीरिया, डीपीआरके, पाकिस्तान, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों को धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए खतरा बताया है। अमेरिकी सुरक्षा राज्य की ओर से इन देशों को अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत विशेष रूप से चिंता का विषय बताया गया है। इसके अलावा अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि कोमोरोस, क्यूबा, निकारागुआ और रूस भी दुनिया की शांति के लिए खतरा हैं, क्योंकि वहां की सरकारें "धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन" को सहन करती है।

अल-शबाब, अल-कायदा, बोको हरम, हयात तहरीर अल-शाम, हौथिस, आईएसआईएस, आईएसआईएस-ग्रेटर सहारा, आईएसआईएस-पश्चिम अफ्रीका, जमात नस्र अल-इस्लाम मुस्लिमिन और तालिबान को फ्रैंक.आर. वुल्फ इंटरनेशनल धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2016 के तहत चिंता जाहिर की है।
बता दें कि हांगकांग की स्वायत्तता को कमजोर करने से संबंधित मामले में अमेरिका ने सोमवार ( 07 दिसंबर) को चीन के 14 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिनमें एक तिब्बती भी शामिल है। अमेरिका ने शेन यूयेयू, जी बिंगक्सुआन, डिंग झोंगली, हेंग मिंगजिन, कै डाफेंग, वांग चेन, काओ जियानिंग, झांग चुनक्सियन सहित 14 लोगों पर बैन लगाया है।
गौरतलब है कि अमेरिका और चीन के रिश्ते काफी वक्त से सही नहीं चल रहे हैं। अमेरिका ने कई बार चीन की सार्वजनिक मंच पर आलोचना की है। चीनी नागरिकों को बैन करने की कार्रवाई अमेरिका इससे पहले भी कर चुका है।
इससे पहले अमेरिका ने सुरक्षा का हवाला देकर चीन की सबसे बड़ी चिप प्रोसेसर कंपनी एसएमआईसी और तेल की बड़ी कंपनी सीएनओओसी समेत चार कंपनियों का नाम ब्लैक लिस्ट में डाला था। इसी के साथ अमेरिका में बैन कर दिया था।












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