सीरिया में लागू सीजफायर, तो क्या कम होगी धमाकों की आवाज!
वाशिंगटन। सीरिया की राजधानी दमिश्क में 140 लोगों की मौत एक के बाद एक हुए ब्लास्ट्स में हो गई थी।
आईएसआईएस ने इन ब्लास्ट्स की जिम्मेदारी ली थी। पिछले पांच वर्षों से सीरिया के लोग धमाकों की जो आवाज सुन रहे हैं अब शायद उस पर थोड़ी लगाम लग सके।

अमेरिका और रूस ने घोषणा कर दी है कि सीरिया में शनिवार से ऐतिहासिक सीजफायर लागू हो जाएगा। आईएसआईएस और अल नुसरा दोनों ही आतंकी संगठन इस सीजफायर का हिस्सा नहीं होंगे।
पांच वर्षों से सीरिया में जारी संघर्ष को मुख्य विपक्षी समूह ने सशर्त मंजूरी दे दी है।वहीं इजरायल ने कहा है कि उसे इस समझौते का पालन किए जाने को लेकर संदेह है।
विशषज्ञों ने वॉर्निंग दी है कि संघर्ष में किसी भी प्रकार का विराम रूस, ईरान और राष्ट्रपति बशर अल असद पर निर्भर करेगा। दमिश्क और होम्स में जो ब्लास्ट्स हुए थे उसमें ज्यादातर आम नागरिक थे।
ऐसे में यह संघर्ष विराम काफी अहम हो जाता है। अमेरिका और रूस की ओर से इस पर एक संयुक्त बयान जारी किया गया है। इस बयान के मुताबिक शनिवार को सीरिया के समयानुयार रात 12 बजे से आंशिक सीजफायर शुरू होगा।
इससे उस संघर्ष पर विराम लग जाएगा जिसमें 2,60,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और आधी से अधिक आबादी विस्थापित हो गई है।












Click it and Unblock the Notifications