B-21 Jet: भारत के पार्टनर ने बनाया सबसे शक्तिशाली स्टील्थ बॉम्बर, पूरी दुनिया में अब तक नहीं है ऐसा फाइटर जेट
चीन ने भी एच-20 फाइटर जेट का निर्माण अत्यंत ही गोपनीयता के साथ किया है, लिहाजा इस फाइटर जेट की कई क्षमताओं से अभी तक दुनिया अनजान है।
वॉशिंगटन, जुलाई 27: ताइवान पर तनाव के बीच चीन के दु्श्मन अमेरिका ने अपने सुपर शक्तिशाली स्टील्थ बॉम्बर की झलक दिखला दी है और अमेरिका की इस नई ताकत को देख यकीनन भारत खुश होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के अंत तक अमेरिका का सीक्रेट यूनाइटेड स्टेट्स स्टील्फ बॉम्बर सेना में शामिल कर लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि, ये फाइटर जेट बी-21 है, जिसके बारे में अकस अफवाहें उड़ाई जाती हैं, लेकिन अमेरिकी सेना की तरफ से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
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अमेरिकी सीनेटर ने किया खुलासा
अमेरिकी सीनेटर माइक राउंड्स ने पिछले हफ्ते एक गोपनीय यात्रा में शामिल होने के बाद इस फाइटर जेट के बारे में खुलासा किया है और अमेरिकी सीनेटर ही एकमात्र सरकारी सदस्य हैं, जिन्होंने अमेरिका की इस सीक्रेट ताकत के बारे में थोड़ी झलक दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने उन कारखानों का दौरा किया है, जहां पर यह स्टील्थ फाइटर जेट बनाया जा रहा है और उन्होंने कहा कि ये जेट्स साल 2023 में अपनी पहली उड़ान भरेंगे। उन्होंने कहा कि, "ये यात्रा काफी गोपनीय थी और इस यात्रा की ज्यादा जानकारी मैं अभी नहीं दे सकता, लेकिन मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बी-21 समय पर है और बजट के मुताबिक है'। उन्होंने कहा कि, 'जनता इस साल के अंत में बी -21 के प्रकट होने की उम्मीद कर सकती है'।

विश्व का सबसे उन्नत जेट
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का ये फाइटर जेट अभी तक की दुनिया में बनाए गये सबसे एडवांस फाइटर जेट्स है और अमेरिकी सीनेटर ने कहा कि, "बी -21 अब तक विकसित होने वाले सबसे उन्नत विमानों में से एक है। और हम इस अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म को एल्सवर्थ एयर फोर्स बेस तक लाने के करीब पहुंच रहे हैं।" हालांकि, अभी तक ये पता नहीं चल पाया है, कि इस फाइटर जेट की क्या क्षमता है और ये किस तरह से हथियार लेकर अपने साथ उड़ान भर सकता है, लेकिन सूत्रों ने दावा किया है कि, ये फाइटर जेट काफी लंबी दूरी तक मार करने वाला फाइटर जेट है और ये कई घंटों तक आसमान में उड़ान भरने में सक्षम है। इसके साथ ही ये भारी पेलोड स्टील्थ इंटरकांटिनेंटल रणनीतिक बमवर्षक माना जा रहा है, जो पारंपरिक और थर्मोन्यूक्लियर हथियार के साथ उड़ान भरने में सक्षम हो सकता है।

कितनी होगी इस जेट की कीमत
हालांकि, अभी तक पता नहीं चल पाया है, कि इस एक फाइटर जेट की कितनी कीमत है, लेकिन ऐसी रिपोर्ट है, कि 20 अरब पाउंड में कंपनी के साथ ये सौदा किया गया है, जिसमें कई फाइटर जेट का निर्माण होना है। सीनेटर राउंड्स ने कहा कि, "जैसा कि हम भविष्य को देखते हैं, मैं यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा हूं कि एल्सवर्थ में बी -21 रेडर मिशन के लिए आवश्यक कई उपकरणों और सपोर्ट फैसिलिटी के साथ बने'। उन्होंने कहा कि, "अतिरिक्त सुरक्षा सुधार होंगे, क्योंकि यह परमाणु क्षमताओं वाला एक बमवर्षक होगा। दक्षिण डकोटन और सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य के रूप में, मैं एल्सवर्थ की बी-21 मिशन के लिए काम करने में लगा रहूंगा, जो आने वाले दशकों तक हमारे देश को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।"

अमेरिकी डिफेंस के केन्द्र में होगा
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार को उम्मीद है, कि ये स्टील्थ बॉम्बर आने वाले कई दशकों तक अमेरिकी डिफेंस के सेंटर में होगा, क्योंकि आने वाले कई सालों तक ऐसा फाइटर जेट दुनिया का कोई देश नहीं बना पाएगा और कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है, कि ताइवान तनाव के बीच अमेरिका को इस तरह का फाइटर जेट मिलना चीन पर दबाव बनाने में काफी मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि चीन ने भी पिछले दिनों स्टील्थ फाइटर जेट एच-20 को बारे में दुनिया को एक झलक दी है, लेकिन, अमेरिकी फाइटर जेट की तुलना में उसकी क्षमता काफी कम है।

चीन के फाइटर जेट को जानिए
चीन ने अपने इस एच-20 फाइटर जेट का निर्माण अत्यंत ही गोपनीयता के साथ किया है, लिहाजा इस फाइटर जेट की कई क्षमताओं से अभी तक दुनिया अनजान है। हाल ही में कुछ चीनी रिपोर्टों में केवल सामरिक और ऐतिहासिक महत्व के विशिष्ट प्रकार के विमानों के आने का उल्लेख किया गया है। लेकिन, चाइना नॉर्थ इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन, जिसे नोरिन्को भी कहा जाता है, उसने अपनी मॉडर्न वेपनरी मासिक पत्रिका में इस फाइटर जेट को लेकर कुछ तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों को देखने से पता चलता है, कि फाइटर जेट एच-20 के पास एक फ्लाइंग विंग डिज़ाइन, एक हथियार बे, दो एडजस्टेबल टेल विंग्स और एक फ्रंटल एयरबोर्न रडार है। इसके साथ ही इस फाइटर जेट में स्टील्थ एयर इनटेक भी लगा हुआ है और इसे डार्क ग्रे रडार अवशोषक सामग्री से कवर कर दिया गया है, जिससे विमान के रडार का दिखना काफी कम हो गया है।

चीनी जेट भी है काफी खतरनाक
चीन के इस फाइटर जेट को खतरनाक बनाती है, इसकी स्टील्थ टेक्नोलॉजी। क्योंकि, स्टील्थ होने की वजह से इस फाइटर जेट को सामान्य रडार पकड़ नहीं सकते हैं, लिहाजा इसके सफल परीक्षण हो जाने के बाद सबसे ज्यादा खतरा भारत के लिए ही होगा और टेंशन अमेरिका को भी है। चाइना नॉर्थ इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने जो तस्वीरें जारी की हैं, उसे देखने पर पता चलता है, कि एच-20 बॉम्बर काफी हद तक अमेरिका के बी-2 बॉम्बर के जैसा दिखता है। दोनों तरफ एयर इंटेक होने की वजह से ये दोनों तरफ से हवा खींच सकता है और जब एयर इंटेक के जरिए हवा इस फाइटर जेट के इंजन तक पहुंचती है, तो हवा फ्यूल के साथ मिलकर ईंजन को महाशक्तिशाली बना देती है।












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