मानवाधिकार पर फिर अमेरिका ने भारत को घेरा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानिए क्या दी नई नसीहत?
America on Human right lacture to India: अमेरिका ने एक बार फिर से मानवाधिकार को लेकर भारत को लेक्चर देने की कोशिश की है और इस बार अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ मानवाधिकारों का मुद्दा उठाता रहेगा और वाशिंगटन, भारत में धार्मिक समूहों के उत्पीड़न का विरोध करता रहेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी, वॉयस ऑफ द मार्टियर्स क्रिश्चियन नॉन-प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के बाद धर्मांतरण विरोधी कानूनों के मद्देनजर, ईसाइयों के कथित उत्पीड़न पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें भारत को ईसाइयों के लिए "शत्रुतापूर्ण" बताया गया है।

भारत को नसीहत देने की कोशिश
व्हाइट हाउस में विदेश मंत्रालय के अधिकारी मैथ्यू मिलर ने कहा, कि अमेरिका "नियमित रूप से" उन देशों के साथ मानवाधिकार संबंधी चिंताओं को उठाता है, जिनके साथ वे जुड़ते हैं। उन्होंने कहा, कि "भारत के साथ पहले भी ऐसा किया है और भविष्य में भी ऐसा करेंगे।"
मिलर ने कहा, कि "हमने यह स्पष्ट कर दिया है, कि हम ईसाइयों के उत्पीड़न का विरोध करते हैं और हम किसी भी धार्मिक समूह के उत्पीड़न का विरोध करते हैं, चाहे वह दुनिया में कहीं भी हो।"
यह सवाल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की आगामी तीन दिवसीय दिल्ली यात्रा के ठीक पहले आया है। आपको बता दें, कि जो बाइडेन, नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 7 सितंबर को भारत का दौरा कर रहे हैं।
और इससे पहले अमेरिका की तरफ से भारत को मानवाधिकार पर फिर से लेक्चर दिया गया है। हालांकि, भारत हमेशा से किसी भी धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों का सख्ती से इनकार करता रहा है।
इस सवाल पर, कि भारत में ईसाइयों पर होने वाले हमलों को लेकर जो बाइडेन क्या कर रहे हैं, व्हाइट हाउस ने कहा, कि "हमने यह स्पष्ट कर दिया है, कि हम धार्मिक समूहों के उत्पीड़न का विरोध करते हैं। मैंने इस मंच से कई अवसरों पर इसे स्पष्ट किया है।"
आपको बता दें, कि मानवाधिकार के मुद्दे पर अकसर भारत और अमेरिका के बीच तनातनी होती रही है और भारत ने हमेशा से अमेरिका के 'मानवाधिकार के उल्लंघन' के आरोपों को नकारा है। भारत पहले भी कई बार कह चुका है, कि मानवाधिकार को लेकर जो रिपोर्ट अमेरिका में बनाई जाती है, वो पूर्वाग्रह से ग्रसित होती है और कुछ लोग, अपनी निजी मकसद से, भारत को बदनाम करने के लिए ऐसी रिपोर्ट तैयार करते हैं।ॉ












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