डोनाल्ड ट्रंप ने निक्की हेली को उनके गृहराज्य में भी बुरी तरह हराया, भारतवंशी उम्मीदवार की उम्मीदें खत्म?
US Presidential election: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 राष्ट्रपति चुनाव के प्रमुख दावेदारों में से एक डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कैरोलिना के रिपब्लिकन उम्मीदवार निक्की हेली को उनके गृह राज्य में आसानी से हरा दिया है। इस जीत ने ट्रंप के लिए लगातार तीसरी बार रिपब्लिकन उम्मीदवारी हासिल करने के काफी करीब ला दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप के लिए दक्षिण कैरोलिना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि ये निक्की हेली का गृहराज्य था, जहां से वो लगातार जीत का दावा कर रही थीं और इस जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप अपनी पार्टी के अजेय उम्मीदवार बन गये हैं।

हालांकि, निक्की हेली अभी भी हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं और अभी भी कह रही हैं, कि डोनाल्ड ट्रंप 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन को हरा नहीं पाएंगे, लेकिन माना जा रहा है, कि साउथ कैरोलिना में हार के बाद निक्की हेली की दावेदारी करीब करीब खत्म हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप की जीत के मायने
आपको बता दें, कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद का टिकट पाने के लिए अभी रिपब्लिकन पार्टी से टिकट चाहने वाले उम्मीदवारों के बीच अभी मुकाबला हो रहा है और अंत में जिसे रिपब्लिकन पार्टी से टिकट मिलेगा, वो डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन से मुकाबला करेगा।
रिपब्लिकन पार्टी अभी तक आयोवा, न्यू हैम्पशायर, नेवागा और यूएस वर्जिन द्वीप में चुनाव करवा चुकी है और डोनाल्ड ट्रंप ने हर जगह पर जीत हासिल की है। जिसकी वजह से उनके तमाम प्रतिद्वंदी जैसे विवेक रामास्वामी और रॉन डिसेंटिस अपनी दावेदारी वापस ले चुके हैं, जबकि निक्की हेली अभी भी मैदान में बनी हुई हैं।
दक्षिण कैरोलिना निक्की हेली का गृहराज्य था, जहां से वो 2011 से 2017 के बीच गवर्नर रह चुकी हैं।
शनिवार को शाम सात बजे (अमेरिकी समयानुसार) वोटिंग खत्म होने के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई थी और दक्षिण कैरोलिना के करीब करीब हर क्षेत्र में डोनाल्ड ट्रंप आगे रहे। जबकि, निक्की हेली ने साउथ कैरोलिना में भारी चुनाव प्रचार किया था और डोनाल्ड ट्रंप को हराने की कसम खाई थी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका।
डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कैरोलिना से जीत हासिल करने के बाद कहा, कि "मैंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा है, जब रिपब्लिकन पार्टी के वोटर्स इतने एकजुट हों।" जीत हासिल करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, कि "आप लोग अभी 15 मिनट इस जीत की खुशी मनाएं और उसके बाद फिर से काम पर लग जाएं।"
सबसे हैरान करने वाली बात ये थी, कि निक्की हेली का जिन रिपब्लिकन नेताओं ने गवर्नर रहते हुए समर्थन किया था, उन्होंने इस बार डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया है। 36 साल के एक रिपब्लिकन वोटर डेविस पॉल ने कहा, कि "निक्की हेली ने अच्छे काम किए हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता, कि वो जो डोनाल्ड ट्रंप जितनी मजबूत उम्मीदवार हैं।"
हालांकि, दक्षिण कैरोलिना में हार के बाद भी निक्की हेली ने 5 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी बरकरार रखी है, जिस दिन मिशिगन में चुनाव होने वाले हैं, जिसे सुपर मंगलवार कहा जा रहा है, लेकिन उम्मीद कम है, कि निक्की हेली डोनाल्ड ट्रंप को हरा पाएंगी। लिहाजा, एक बार फिर से इस बार का राष्ट्रपति चुनाव डोनाल्ड ट्रंप बनाम जो बाइडेन होने जा रहा है।
वहीं, निक्की हेली ने कहा है, कि डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन ऐसे व्यवहार कर रहे हैं, जैसे उनका आमना-सामना होना तय हो गया है। निक्की हेली ने दावा किया, कि डोनाल्ड ट्रंप में इतनी ताकत नहीं है, कि वो बाइडेन को हरा सकें।
दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक बार बार दोहरा रहे हैं, कि बाइडेन प्रशासन की वजह से अमेरिका कमजोर हुआ है और अमेरिका की अफगानिस्तान से अराजक वापसी हुई। ट्रंप समर्थकों का कहना है, कि बाइडेन प्रशासन की कमजोरी से ही अमेरिका, यूक्रेन में युद्ध को रोक नहीं पाया। इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने उच्च महंगाई दर और मैक्सिको सीमा से अप्रवासियों की लगातार बढ़ती भीड़ के लिए भी बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधा है।
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप लगातार जो बाइडेन की उम्र को लेकर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं, कि 81 साल के हो चुके जो बाइडेन अब काफी बूढ़े हो चुके हैं।

बाइडेन का चुनाव प्रचार कैसा चल रहा है?
दूसरी तरफ जो बाइडेन अपनी पार्टी से अकेले ही प्रमुख उम्मीदवार हैं और उन्होंने चंदा जुटाने के लिए देशभर में यात्राएं शुरू कर दी हैं। वहीं, बाइडेन भी लगातार डोनाल्ड ट्रंप पर आक्रामक हैं और उनका कहना है, कि डोनाल्ड ट्रंप का चुनावी अभियान 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन', अमेरिका के बुनियादी सिद्धांत के ही खिलाफ है।
इसके अलावा, जो बाइडेन लगातार डोनाल्ड ट्रंप को एक तानाशाह की तरह पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं, कि जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप पहले दिन से ही एक तानाशाह की तरह वर्ताव करेंगे और वो नाटो की फंडिंग रोक देंगे। बाइडेन ने कहा, कि अगर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव जीतते हैं, तो वो रूस को नाटो देशों पर हमला करने के लिए कह देंगे। और नाटो की फंडिंग रोककर वो इस संगठन को खत्म कर देंगे।












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