US Election 2024: डोनाल्ड ट्रंप क्यों जीत सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव? मतदान के दिन इन 5 वजहों से जानिए

US Presidential Election 2024: अमेरिका में चुनाव खत्म होने में बस एक दिन बाकी है, और व्हाइट हाउस की रेस में कौन आगे है, फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। मुकाबला इतना करीबी है, कि कोई भी उम्मीदवार साफ साफ जीत के दावे नहीं कर पा रहा है।

लिहाजा, आइए इतिहास बनाने वाली संभावना से शुरू करें, कि एक पराजित राष्ट्रपति क्या 130 वर्षों में पहली बार फिर से चुना जा सकता है या नहीं। आइये उन 5 वजहों को जानते हैं, जिनकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप चुनाव जीत सकते हैं।

US Presidential Election 2024

1- सत्ता में नहीं होने का फायदा

अमेरिकी मतदाताओं के लिए अर्थव्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा है, और बेरोजगारी का मुद्दा उससे थोड़ा कम है, जबकि शेयर बाजार में उछाल है, जिसको लेकर अधिकांश अमेरिकियों का कहना है, कि वे हर दिन उच्च कीमतों से जूझ रहे हैं। महामारी के बाद ऐसी महंगाई 1970 के दशक के बाद से नहीं देखी गई थी, जिससे ट्रंप को यह पूछने का मौका मिला कि "क्या आप चार साल पहले की तुलना में अब बेहतर स्थिति में हैं?" 2024 में, दुनिया भर के मतदाताओं ने कई बार सत्ता में रहने वाली पार्टी को बाहर कर दिया है, आंशिक रूप से कोविड के बाद जीवन यापन की उच्च लागत के कारण। अमेरिकी मतदाता भी बदलाव के भूखे दिखते हैं।

सिर्फ एक चौथाई अमेरिकी कहते हैं कि वे देश की दिशा से संतुष्ट हैं और दो तिहाई लोगों का देश के आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर निराशा है। कमला हैरिस ने तथाकथित परिवर्तन उम्मीदवार बनने की कोशिश की है, लेकिन उपराष्ट्रपति के रूप में वह खुद को अलोकप्रिय जो बाइडेन के कामकाज से दूर रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

2- निगेटिव छवि से नुकसान नहीं

6 जनवरी 2021 को यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद) में हुए दंगे, अभियोगों की एक श्रृंखला और एक अभूतपूर्व आपराधिक सजा के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन पूरे साल 40% या उससे ज्यादा पर बना रहा है। जबकि डेमोक्रेट और "नेवर-ट्रम्प" रूढ़िवादी कहते हैं कि वह राष्ट्रपति कार्यालय के लिए अयोग्य हैं, लेकिन रिपब्लिकन इस बात से सहमत हैं, कि ट्रंप को राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया गया है। दोनों पक्ष अपने अपने तर्क को लेकर मजबूत हैं, लिहाजा दोनों पक्षों को सिर्फ न्यूट्रल मतदाताओं का साथ चाहिए।

3- इमिग्रेशन के खिलाफ मुहिम दिला सकता है फायदा

अर्थव्यवस्था के अलावा, चुनावों में अक्सर भावनात्मक मुद्दे कारगर साबित होते हैं। डेमोक्रेट्स को उम्मीद है, कि यह भावनात्मक मुद्दा गर्भपात कानून होगा, जिसपर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट प्रतिबंध लगा चुका है, जबकि ट्रंप का मानना ​​है कि यह मुद्दा इमिग्रेश यानि अप्रवास है। बाइडेन के शासन में सीमा पर रिकॉर्ड संख्या में अवैध अप्रवासी अमेरिका में घुसने में कामयाब रहे हैं, लिहाजा सर्वेक्षणों से पता चलता है, कि मतदाता अप्रवास के मामले में ट्रंप पर अधिक भरोसा करते हैं - और वह पिछले चुनावों की तुलना में बहुत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

4- वर्कर्स के बीच ट्रंप को बढ़त

अमेरिका का वो वर्ग, जो खुद को भूले हुए और पीछे छूटे हुए महसूस करते हैं, और जो डेमोक्रेटिक पार्टी के पारंपरिक वोटबैंक रहे हैं, वो यूनियन कार्यकर्ताओं के बीच ट्रंप की भावुक अपील काम करती नजर आ रही है। ऐसे लोगों में विश्वास जगी है, कि विदेशी सामानों पर टैरिफ लगाकर डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी उद्योग की दिशा बदल देंगे, जिससे उनके दिन फिरेंगे। ऐसे में यदि ट्रंप की अपील, स्विंग राज्यों के ग्रामीण और उपनगरीय भागों में मतदान को बढ़ाता है, तो यह उदारवादी, कॉलेज में पढ़े मतदाताओं के बीच रिपब्लिकन के नुकसान की भरपाई कर सकता है।

5- अस्थिर दुनिया का एक मजबूत शख्सियत

ट्रंप के आलोचकों का कहना है कि वे सत्तावादी नेताओं के साथ घुलमिलकर अमेरिका के गठबंधनों को कमजोर कर रहे हैं। लेकिन, पूर्व राष्ट्रपति अपनी खुद को एक ताकत के रूप में देखते हैं और बताते हैं, कि जब वे व्हाइट हाउस में थे, तब कोई बड़ा युद्ध शुरू नहीं हुआ था। कई अमेरिकी अलग-अलग कारणों से यूक्रेन और इजराइल को अरबों डॉलर भेजने से नाराज हैं और उनका मानना है, कि बाइडेन के नेतृत्व में अमेरिका कमजोर हुआ है। अधिकांश मतदाता, खासकर वे पुरुष जिन्हें ट्रंप ने जो रोगन जैसे पॉडकास्ट के माध्यम से आकर्षित किया है, वो कमला हैरिस की तुलना में ट्रंप को एक मजबूत नेता के तौर पर देखता है।

ये कुछ ऐसी वजहें हैं, जो डोनाल्ड ट्रंप के लिए व्हाइट हाउस में एक और कार्यकाल सुनिश्चित कर सकता है।

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